
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रोहन है। मैं दिल्ली के करोल बाग इलाके में एक छोटे से फ्लैट में रहता हूं। उम्र मेरी 28 साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूं। ये कहानी मेरी असली जिंदगी की है, जब मुझे पहली बार एक असली इंडियन गर्ल के साथ रोमांस और चुदाई का मजा आया। सब कुछ इतना रियल और गंदा था कि आज भी याद करके लंड खड़ा हो जाता है।
ये बात छह महीने पहले की है। ऑफिस में एक नई लड़की आई थी, नाम प्रिया। उम्र 24 साल, गोरी चमड़ी, मोटी गोल गांड और बड़े-बड़े स्तन। वो मेरे डिपार्टमेंट में ही काम करती थी। पहले-पहले तो सिर्फ नजरें मिलती थीं, फिर बातें शुरू हुईं। एक दिन बारिश में हम दोनों एक साथ स्कूटर से घर जा रहे थे। प्रिया मेरे पीछे बैठी थी, उसकी गर्म सांस मेरी गर्दन पर पड़ रही थी। उसने कहा, “रोहन, आज बहुत तेज बारिश है, आपके फ्लैट पर रुक जाऊं?” मैंने हामी भर दी।
फ्लैट पहुंचकर मैंने दरवाजा बंद किया। प्रिया भीग चुकी थी, उसकी साड़ी शरीर से चिपक गई थी। उसके स्तन साफ दिख रहे थे, निप्पल खड़े हो गए थे। मैंने कहा, “प्रिया, कपड़े बदल लो, वरना बीमार पड़ जाओगी।” वो मुस्कुराई और बोली, “रोहन, तुम भी तो भीगे हो, साथ में बदलते हैं?” ये सुनकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैंने उसे दीवार से लगाकर चूम लिया। उसकी होंठ नरम थे, जीभ से जीभ लड़ाने लगे।
मैंने उसकी साड़ी खींची और ब्लाउज के बटन खोले। उसके स्तन ब्रा से बाहर निकल आए, बड़े-बड़े और गोल। मैंने एक स्तन मुंह में लिया और चूसने लगा। प्रिया आहें भरने लगी, “आह्ह रोहन, चूसो और जोर से, मेरे स्तन दर्द कर रहे हैं।” मैंने दूसरा स्तन भी चूसा, निप्पल को दांतों से हल्का काटा। उसकी सांस तेज हो गई। मैंने उसकी पेटीकोट खोली, अंदर पैंटी थी जो गीली हो चुकी थी। मैंने उंगली डाली तो उसकी चूत से रस निकल रहा था। “प्रिया, तेरी चूत कितनी गीली है, देख कितना रस बह रहा है।” वो बोली, “रोहन, अपनी उंगली और अंदर डालो, मेरी चूत फट रही है।”
मैंने उसे बेड पर लिटाया। उसके पैर फैलाए और मुंह से चूत चाटने लगा। उसकी चूत गुलाबी थी, बाल कटे हुए। जीभ से क्लिट को चाटा, फिर अंदर तक जीभ घुसाई। प्रिया चीखने लगी, “आह्ह्ह रोहन, चाटो मेरी चूत, तुम्हारी जीभ बहुत अच्छी है, मैं झड़ने वाली हूं!” उसका रस मेरे मुंह में आया, मीठा और गर्म। मैंने अपनी पैंट उतारी, लंड बाहर निकाला। मेरा लंड 7 इंच का मोटा था, नसें उभरी हुई। प्रिया ने उसे हाथ में लिया और बोली, “कितना बड़ा लंड है, आज मेरी चूत फाड़ दोगे।” उसने मुंह में लिया, चूसने लगी। “चूस प्रिया, मेरे लंड का स्वाद ले, और गहराई तक ले।” वो गला दबाकर चूस रही थी, लार निकल रही थी।
फिर मैंने उसे घुटनों के बल कराया। पीछे से लंड चूत में घुसाया। “आह्ह प्रिया, तेरी चूत कितनी टाइट है, मेरा लंड फंस गया।” वो चीखी, “रोहन, जोर से चोदो, मेरी चूत को फाड़ दो!” मैंने जोर-जोर से धक्के मारे। गांड पर थप्पड़ मारते हुए चोद रहा था। “ले, मेरी रंडी, तेरी गंदी चूत ले, देख कैसे मेरा लंड अंदर-बाहर हो रहा है।” प्रिया का शरीर कांप रहा था, “हां रोहन, और जोर से, मैं मर जाऊंगी इस लंड से!” मैंने उसकी गांड भी चाटी, उंगली डाली। “तेरी गांड भी लाल हो गई है, अब गांड मारूं?” वो बोली, “पहले चूत ही भर दो, बाद में गांड भी मार लेना।”
हमने पोजीशन बदली। वो ऊपर आई, मेरे लंड पर बैठ गई। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उन्हें दबाया, “प्रिया, तेरे स्तन कितने नरम हैं, दबाते हुए चोदूं?” वो ऊपर-नीचे होने लगी, “रोहन, तुम्हारा लंड मेरी चूत को छेद रहा है, रस निकाल दो!” मैंने उसकी कमर पकड़कर जोर से ऊपर उठाया। चूत से चप-चप की आवाज आ रही थी। फिर मैंने उसे नीचे लिटाया, पैर कंधों पर रखे और गहराई से चोदा। “ले, मेरी जान, ये लंड तेरी चूत का मालिक है।” प्रिया का ऑर्गेज्म हुआ, चूत से रस फूटा। मैं भी झड़ने लगा, “प्रिया, मैं झड़ रहा हूं, तेरी चूत में मेरा गरम माल डालूं?” वो बोली, “हां, अंदर ही डाल दो!”
हम दोनों झड़ गए। लंड से गरम माल उसकी चूत में भर गया। फिर हम गले मिलकर लेट गए। लेकिन ये खत्म नहीं हुआ। रात भर हमने कई बार चोदा। सुबह प्रिया ने कहा, “रोहन, ये रोमांस और चुदाई जारी रखेंगे ना?” मैंने कहा, “हां, अब तेरी चूत और गांड दोनों मेरी हैं।”
(यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती, दोस्तों। अगले दिन ऑफिस में हमारी नजरें मिलती रहीं, लेकिन शाम को प्रिया फिर मेरे फ्लैट आई। इस बार वो रेडीमेड ड्रेस में थी। मैंने उसे दीवार से लगाकर चूमा, जीभ से उसका मुंह चाटा। उसके स्तन दबाए, निप्पल को उंगलियों से घुमाया। प्रिया बोली, “रोहन, कल रात के बाद मेरी चूत अभी भी दर्द कर रही है, लेकिन और चोदो मुझे।” मैंने उसकी ड्रेस ऊपर उठाई, पैंटी साइड की और उंगली से चूत रगड़ी। रस बह रहा था।)
मैंने उसे सोफे पर लिटाया। लंड निकालकर चूत के ऊपर रगड़ा। “देख, मेरा लंड तेरी चूत के रस से चमक रहा है।” फिर धीरे से घुसाया। इस बार धीरे-धीरे चोदा, हर धक्के में पूरा लंड अंदर तक। प्रिया की आंखें बंद थीं, “आह्ह रोहन, महसूस हो रहा है, तुम्हारा मोटा लंड मेरी चूत को खोल रहा है।” मैंने गति बढ़ाई, थप्पड़ मारते हुए। “ले रंडी, तेरी चूत आज फट जाएगी।” उसने मेरी पीठ खरोंची, “जोर से, मैं तेरी गुलाम हूं!”
हमने किचन में भी चोदा। प्रिया को काउंटर पर बिठाया, लंड चूत में। वो मेरे बाल खींच रही थी। “रोहन, मुझे अपनी रंडी बना लो, रोज चोदो।” मैंने उसकी गांड में उंगली डाली, “अब गांड भी लेगी?” वो हां बोली। मैंने लंड निकाला, थूक लगाकर गांड में घुसाया। प्रिया चीखी, “आह्ह, दर्द हो रहा है, लेकिन अच्छा लग रहा है!” धीरे-धीरे गांड चोदी, फिर जोर से। “ले, मेरी गांड फाड़ दी!”
रात को हम थककर सो गए। लेकिन सुबह फिर शुरू हुआ। प्रिया ने मेरे लंड को हाथ से मसलते हुए कहा, “रोहन, तुम्हारा लंड अभी भी खड़ा है, चोदो मुझे फिर से।” हमने शावर में चोदा, पानी के नीचे। उसके स्तन पानी से चमक रहे थे। मैंने उन्हें चूसा, चूत में उंगली और लंड डाला।
ये सिलसिला महीनों चला। हर बार नई पोजीशन, नया मजा। प्रिया की चूत अब मेरे लंड की आदी हो गई थी। वो कहती, “रोहन, तुम्हारे बिना मेरी चूत सूख जाती है।” मैं भी उसकी गांड और चूत के दीवाने हो गया।
दोस्तों, ये थी मेरी romance with indian girl scens की सच्ची कहानी। अगर और डिटेल चाहिए तो बताना, लेकिन याद रखना, ये सब 18+ है और सहमति से हुआ। अब तो प्रिया मेरी गर्लफ्रेंड है और हम रोज चोदते हैं।