नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में एक छोटे से फ्लैट में रहता हूँ। मेरी उम्र २८ साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। आज मैं आपको एक ऐसी सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ जो मेरे साथ हुई जब मेरी दोस्त अनीता देहाती चली गई थी। अनीता मेरी कॉलेज फ्रेंड थी, वो अक्सर मेरे फ्लैट आती थी। उसकी एक सहेली थी प्रिया, जो देहाती इलाके से आई हुई थी। प्रिया की उम्र २५ साल थी, उसका शरीर बहुत भरा हुआ था। उसकी छाती बड़ी-बड़ी थी, कमर पतली और गांड गोल-गोल। वो हमेशा टाइट जींस और टॉप पहनती थी जिससे उसकी गांड साफ दिखती थी।
वो दिन शनिवार का था। अनीता को अचानक उसके गांव देहाती जाना पड़ गया क्योंकि उसकी मां बीमार पड़ गई थी। अनीता ने मुझे फोन करके कहा, “राहुल, मैं कल सुबह देहाती जा रही हूँ, प्रिया को दो-तीन दिन के लिए तेरे फ्लैट में रखना, वो अकेली नहीं रह सकती।” मैंने हाँ कर दी। शाम को अनीता चली गई और प्रिया मेरे फ्लैट में आ गई। वो मुस्कुराते हुए अंदर आई, “राहुल भाई, आज रात हम दोनों अकेले हैं ना?” मैंने कहा हाँ, कोई बात नहीं।
रात के खाने के बाद हम टीवी देख रहे थे। प्रिया मेरे बगल में बैठी थी। उसकी जांघ मेरी जांघ से छू रही थी। अचानक उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली, “राहुल, मुझे बहुत अकेलापन लग रहा है। अनीता ने बताया था कि तू अच्छा दोस्त है।” मैंने कुछ नहीं कहा। तब उसने अचानक मेरा चेहरा अपनी तरफ घुमाया और मेरे होठों पर अपना मुंह लगा दिया। मैं चौंक गया। मैंने कहा, “प्रिया, ये क्या कर रही है? अनीता मेरी दोस्त है।” लेकिन प्रिया ने मेरी बात नहीं सुनी। वो जोर से मेरे ऊपर चढ़ गई। उसकी बड़ी-बड़ी छातियां मेरी छाती से दब रही थीं। उसने मेरी टी-शर्ट उतार दी और मेरे सीने को चूमने लगी।
मैंने कहा, “रुक जा प्रिया, ये गलत है।” लेकिन वो हंस पड़ी, “आज तू मेरा है। अनीता नहीं है तो मैं तुझे चोदूंगी।” उसने मेरी पैंट का बटन खोला और अंदर हाथ डालकर मेरा लंड पकड़ लिया। मेरा लंड पहले से ही खड़ा हो चुका था। प्रिया बोली, “वाह, कितना मोटा लंड है तेरा। आज रात ये मेरी चूत में जाएगा।” वो घुटनों के बल बैठ गई और मेरे लंड को मुंह में ले लिया। उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी। वो जोर-जोर से चूस रही थी। लार मेरे लंड पर बह रही थी। मैंने कहा, “प्रिया रुक, मुझे लगता है…” लेकिन वो नहीं रुकी। उसने मेरे अंडकोष को भी चूसा।
फिर प्रिया खड़ी हुई और अपनी टॉप उतार दी। उसकी ब्लैक ब्रा में उसकी छातियां फंस रही थीं। उसने ब्रा भी उतार दी। उसकी निप्पल सख्त हो चुके थे। उसने मेरे हाथ पकड़कर अपनी छाती पर रखा, “दबा इनको, चूस ले।” मैंने उसकी एक छाती मुंह में ली और चूसने लगा। प्रिया चीख रही थी, “आह्ह्ह… और जोर से चूस, मेरा दूध निकाल दे।” वो मेरी पैंट पूरी उतारकर मेरे लंड को हाथ में लेकर अपनी चूत के पास ले गई। उसकी चूत गीली हो चुकी थी। उसने अपनी पैंटी उतारी। उसकी चूत के बाल काले थे और होंठ फूले हुए थे।
प्रिया ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर बैठ गई। उसने मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत के मुंह पर रखा और धीरे से नीचे बैठ गई। मेरा लंड उसकी चूत में घुसने लगा। प्रिया चिल्लाई, “आह्ह्ह…

कितना मोटा है, मेरी चूत फट जाएगी।” वो धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगी। उसकी चूत का रस मेरे लंड पर बह रहा था। वो जोर-जोर से चिल्ला रही थी, “चोद मुझे, अपनी लंड मेरी चूत में और गहरा डाल।” मैंने भी उसके कूल्हे पकड़कर ऊपर से धक्के मारने शुरू कर दिए।
प्रिया ने मेरे हाथ पकड़कर अपनी गांड पर रखा, “मेरी गांड भी दबा।” उसकी गांड नरम और गोल थी। मैंने उसकी गांड के गाल दबाए। वो और तेजी से चुदने लगी। उसकी छातियां ऊपर-नीचे हो रही थीं। पसीने की बूंदें उसकी छाती पर चमक रही थीं। प्रिया बोली, “राहुल, आज तू मेरा गुलाम है। जब तक अनीता वापस नहीं आती, मैं तुझे रोज चोदूंगी।” वो झुककर मेरे होठों को चूमने लगी। उसकी जीभ मेरे मुंह में घुस रही थी।
हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। प्रिया ने पोजीशन बदली। वो कुत्ते वाली स्टाइल में हो गई। उसने अपनी गांड मेरी तरफ की और बोली, “अब पीछे से चोद।” मैंने उसके पीछे बैठकर मेरा लंड उसकी चूत में डाला। अब धक्के और गहरे जा रहे थे। प्रिया चीख रही थी, “हाँ, और जोर से, मेरी चूत का रस निकाल दे।” मैंने उसके बाल पकड़कर खींचे और जोर-जोर से चोदने लगा। उसकी गांड की थप्पड़ की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी।
फिर प्रिया ने मुझे लिटाया और खुद उल्टी तरफ बैठकर मेरे लंड पर चढ़ गई। ये ६९ वाली पोजीशन नहीं थी, बल्कि वो मेरे चेहरे की तरफ मुंह करके बैठी थी। उसकी गांड मेरे मुंह के पास थी। उसने कहा, “चाट मेरी गांड।” मैंने उसकी गांड के छेद को चाटना शुरू कर दिया। प्रिया मेरा लंड चूस रही थी और चिल्ला रही थी, “आह्ह्ह… और गहरा चाट, मेरी गांड चाट।” उसका रस मेरे मुंह में आ रहा था।
हम घंटों तक चुदाई करते रहे। प्रिया ने कई बार झड़ चुकी थी। आखिर में मैं भी झड़ने वाला था। प्रिया बोली, “मेरे मुंह में निकाल, मैं पी लूंगी।” मैंने अपना लंड उसके मुंह में डाला और गरम-गरम माल उसके गले में उतार दिया। प्रिया सब पी गई और बोली, “अब से तू मेरा है।”
ये रात भर चली। अगले दिन भी प्रिया ने मुझे जबरदस्ती चोदा। अनीता जब वापस आई तो प्रिया ने मुझे फुसफुसाकर कहा, “अगली बार जब वो देहाती जाएगी तो फिर मिलेंगे।”
(कहानी पूरी हुई। अगर आपको और डिटेल चाहिए तो बताना।)