नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ और एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। आज मैं आपको अपनी क्यूट गर्लफ्रेंड प्रिया के साथ की वो वाली कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो मेरे दिमाग में हमेशा चुभती रहती है। प्रिया मेरी क्यूट इंडियन गर्लफ्रेंड है, उम्र सिर्फ २२ साल, गोरी रंगत, छोटी-छोटी गोल-गोल आँखें, मोटे-मोटे होंठ और शरीर में वो खास जगहें जो किसी को भी पागल कर दें। हम दोनों की मुलाकात कॉलेज में हुई थी और अब हम दोनों एक साथ फ्लैट में रहते हैं।
प्रिया जब भी मेरे पास आती है तो उसका छोटा सा टॉप और टाइट जींस पहनकर आती है। उसके स्तन इतने कसैले और गोल हैं कि छूने से ही हाथ फिसल जाते हैं। उसकी कमर पतली है और नीचे वाली गोल-गोल गांड इतनी भारी कि चलते समय हिलती रहती है। हम दोनों अक्सर शाम को ऑफिस से लौटकर फ्लैट में अकेले होते हैं। एक दिन की बात है, बारिश हो रही थी और हम दोनों भीगकर घर आए। प्रिया ने कपड़े बदले तो सिर्फ एक पतली सी नाइट ड्रेस पहनी हुई थी। उसके निप्पल कपड़े से साफ दिख रहे थे।
मैंने उसे देखते ही पकड़ लिया। “प्रिया, आज तो तू बहुत ही ज्यादा सेक्सी लग रही है। तेरी ये छोटी सी चूत आज मेरे लंड को भूखी लग रही है।” प्रिया मुस्कुराई और बोली, “राहुल, तुम भी ना, हमेशा मेरी चूत चोदने की बात करते हो। पर आज सच में मन कर रहा है।” मैंने उसे दीवार से लगाकर किस किया। उसकी जीभ मेरी जीभ से उलझ गई। मैंने उसके स्तनों को जोर से दबाया। “आह्ह्ह… राहुल, धीरे से… मेरे मम्मे दुख रहे हैं।” लेकिन मैं और जोर से दबाता गया। उसके निप्पल सख्त हो गए थे।
मैंने उसकी ड्रेस ऊपर उठाई और सीधे उसकी चूत पर हाथ मार दिया। प्रिया की चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी। “देख तो, तेरी चूत कितना रस बहा रही है।” मैंने दो उंगलियां अंदर डाल दीं और तेजी से घुमाने लगा। प्रिया चीखने लगी, “हाँ राहुल, उंगलियां और अंदर डालो, मेरी चूत फाड़ दो।” मैंने उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी। उसका स्वाद खट्टा-मीठा था। प्रिया मेरे सर को अपनी जांघों के बीच दबा रही थी। “चाटो मेरी चूत को, पूरा चूस लो।”
फिर मैंने अपना लंड निकाला। मेरा लंड ७ इंच का मोटा और काला था, नसें फूल रही थीं। प्रिया ने उसे हाथ में लिया और चूसने लगी। “उम्म्म… राहुल का लंड कितना स्वादिष्ट है।” वह गले तक ले जाती और फिर बाहर निकालती। लार उसके होंठों से टपक रही थी। मैंने उसके बाल पकड़कर मुंह में ठोकना शुरू कर दिया। “ले, मेरी रंडी, पूरा लंड निगल ले।” प्रिया की आँखों से आंसू आ गए लेकिन वह रुक नहीं रही थी।
उसके बाद मैंने उसे बेड पर लिटाया। उसकी टांगें फैलाईं और लंड उसकी चूत पर रखा। “अब चोदता हूँ तेरी क्यूट सी चूत को।” एक जोर का झटका मारा तो आधा लंड अंदर घुस गया। प्रिया चीख पड़ी, “आह्ह्ह…

दर्द हो रहा है, धीरे… मेरी चूत फट जाएगी।” लेकिन मैंने रुकना नहीं, दूसरा झटका और पूरा लंड अंदर। प्रिया की चूत गर्म और कसी हुई थी। मैं तेजी से चोदने लगा। “थप थप” की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। प्रिया बोली, “हाँ, और जोर से चोदो, मेरी गांड भी मारो।”
मैंने उसे उल्टा कर दिया। उसकी गांड ऊपर उठाई और लंड उसकी चूत में घुसाया। एक हाथ से उसकी गांड थपथपाता और दूसरी तरफ लंड घुसाता। “देख, तेरी गांड कितनी लाल हो गई।” प्रिया चिल्ला रही थी, “मेरा पानी निकलने वाला है।” मैंने और तेजी से चोदा। प्रिया का शरीर कांपने लगा और उसकी चूत से गाढ़ा रस निकल आया। मैंने भी अपना लंड बाहर निकाला और उसके स्तनों पर झड़ गया।
लेकिन हम रुके नहीं। प्रिया ने मुझे लेटाया और खुद ऊपर चढ़ गई। उसने लंड को चूत में डालकर ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन हिल रहे थे। मैं उन्हें चूसता रहा। “प्रिया, तू कितनी अच्छी चुदक्कड़ है।” हमने घंटों तक अलग-अलग पोजीशन में चोदाई की। किचन में, बालकनी में, बाथरूम में। हर जगह उसकी चूत, गांड और मुँह का इस्तेमाल किया।
रात को जब हम थककर सो गए तो प्रिया मेरी बाहों में थी। अगली सुबह फिर से शुरू हुआ। ये हमारी रोज की दिनचर्या बन गई। प्रिया अब और भी ज्यादा खुलकर चुदवाती है। वो कहती है, “राहुल, तेरे लंड के बिना मेरी चूत सूख जाती है।”
(यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती। हम दोनों अभी भी एक-दूसरे को हर रात नई-नई तरीके से चोदते हैं, लेकिन वो आगे की कहानी किसी और दिन सुनाऊंगा।)
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