नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम नितिक है। मैं जयपुर का रहने वाला हूँ और आज मैं आपको अपनी जिंदगी की सबसे गंदी और मस्त चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूँ। ये कहानी मेरी बीवी अक्षरा के साथ है, जिसका रिश्ता हमारा हमेशा से ही रोमांटिक रहा है लेकिन एक बार ये रिश्ता इतना गंदा और गर्म हो गया कि हम दोनों को खुद पर यकीन नहीं हुआ। ये सब शुरू हुआ उस रोमांटिक सॉन्ग से जो हम दोनों को बहुत पसंद है – यही रिश्ता क्या कहलाता है।
हम दोनों शादी के बाद एक छोटे से फ्लैट में रहते थे जयपुर के पुराने इलाके में। अक्षरा की उम्र २८ साल की थी, गोरी चमड़ी, मोटे मोटे स्तन जो देखते ही मुंह में पानी आ जाए, कमर पतली और गोल गोल गांड जो हर कदम पर हिलती थी। उसके स्तनों का साइज ३६ डी था, निप्पल्स गुलाबी और हमेशा खड़े रहने वाले। मेरी लंड ७ इंच का मोटा और नसों से भरा हुआ था, जो अक्सर अक्षरा की चूत को देखकर तुरंत खड़ा हो जाता।
एक शाम बारिश हो रही थी, बाहर मोनसून की बौछारें पड़ रही थीं। हम दोनों अकेले थे घर में। टीवी पर पुराना एपिसोड चल रहा था यही रिश्ता क्या कहलाता है का, और अक्षरा ने सॉन्ग ऑन कर दिया। वो गाना बजने लगा – यही रिश्ता क्या कहलाता है…

अक्षरा मेरे पास सोफे पर बैठी थी, उसने पतला सा नाइट सूट पहना हुआ था जिससे उसके स्तन साफ दिख रहे थे। गाना सुनते ही उसके चेहरे पर रोमांच आ गया। वो मेरी तरफ मुड़ी और बोली, नितिक, आज इस गाने पर कुछ अलग करें क्या?
मैंने उसे खींचा और उसके होंठों पर अपना मुंह लगा दिया। हम दोनों जीभ से चूमने लगे, लार टपक रही थी। अक्षरा की सांसें तेज हो गईं। मैंने उसके सूट का टॉप उतारा, उसके मोटे स्तन बाहर आ गए, निप्पल्स खड़े हो चुके थे। मैंने एक स्तन मुंह में लिया और चूसने लगा, जीभ से निप्पल को घुमाया। अक्षरा चीख पड़ी, आह्ह्ह नितिक, चूसो और जोर से, मेरे स्तन चूस लो पूरी तरह।
मैंने दूसरे स्तन को हाथ से दबाया, उंगलियों से निप्पल को निचोड़ा। अक्षरा की चूत से पहले ही रस निकलने लगा था, उसके पैंट में गीला धब्बा पड़ चुका था। मैंने उसके पैंट उतारे, उसकी चूत बिल्कुल साफ, गुलाबी और बाल रहित थी। होंठ फूले हुए, क्लिट सूजी हुई। मैंने उंगली डाली तो अंदर से गर्म रस बह रहा था। अक्षरा बोली, नितिक, मेरी चूत चाटो, जीभ डालो अंदर।
मैं घुटनों के बल बैठ गया और उसकी चूत चाटने लगा। जीभ से क्लिट को चूसा, फिर अंदर तक जीभ घुसा दी। अक्षरा की गांड हिल रही थी, वो मेरे सर को दबा रही थी अपनी चूत पर। रस मेरे मुंह में भर रहा था, स्वाद खट्टा मीठा। मैंने दो उंगलियां डाल दीं और तेजी से फिंगरिंग करने लगा। अक्षरा चीख रही थी, ओह्ह्ह यही रिश्ता क्या कहलाता है… चोदो मुझे, लंड डालो मेरी चूत में।
मैं खड़ा हुआ, लंड निकाला जो अब पत्थर जितना सख्त था, नसें फूल गई थीं, सिरे पर प्री-कम की बूंद। अक्षरा ने लंड मुंह में लिया, चूसने लगी, जीभ से नीचे तक चाटा। वो गला तक ले रही थी, लार बह रही थी मेरे अंडकोष पर। मैंने उसके बाल पकड़े और मुंह चोदने लगा।
फिर मैंने उसे सोफे पर लिटाया, लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा। अक्षरा बोली, जल्दी डालो, चूत फाड़ दो। मैंने एक झटके में पूरा लंड अंदर घुसा दिया। अक्षरा चीखी, आह्ह्ह माँ, इतना मोटा लंड… चोदो जोर जोर से। मैंने तेजी से चोदना शुरू किया, लंड अंदर बाहर हो रहा था, चूत का रस निकलकर लंड पर लग रहा था। थप थप की आवाजें भर रही थीं कमरे में। गाना अभी भी बज रहा था।
मैंने उसे कुत्ते वाली पोज में करवाया, गांड ऊपर उठाई। लंड पीछे से डाला, गांड के चक्कर में हाथ मारा। अक्षरा बोली, मेरी गांड मारो भी, लेकिन पहले चूत फाड़ो। मैंने गांड के छेद में उंगली डाली, चूत में लंड। दोनो छेदों को साथ में मजे दे रहा था। अक्षरा का शरीर काँप रहा था, वो बार बार झड़ रही थी।
हमने पोज बदल ली, वो मेरे ऊपर चढ़ी, लंड अपनी चूत में डाला और ऊपर नीचे होने लगी। उसके स्तन हिल रहे थे, मैंने उन्हें हाथों में लिया और दबाया। अक्षरा चीख रही थी, नितिक तुम्हारा लंड मेरी चूत का राजा है, रोज चोदना मुझे। मैंने उसकी कमर पकड़ी और नीचे से जोर जोर से धक्के मारे।
बारिश और तेज हो गई थी, खिड़की से हवा आ रही थी। हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। अक्षरा ने मुझे नीचे लिटाया, मेरे लंड पर बैठ गई और घुमावदार चोदने लगी। उसकी चूत लंड को निगल रही थी। मैंने उसकी गांड में उंगली घुसा दी, वो और तेज हो गई।
आखिर में मैंने उसे पीछे से पकड़ा, लंड चूत में डाला और जोर जोर से चोदा। अक्षरा का पहला ऑर्गेज्म आया, चूत कस गई, रस फूट पड़ा। मैं भी झड़ने लगा, लंड से गर्म माल अंदर छोड़ा। अक्षरा बोली, भर दो मेरी चूत, सब डाल दो।
हम दोनों थककर गिर पड़े, लेकिन गाना अभी भी चल रहा था। अक्षरा मुस्कुराई और बोली, ये रिश्ता सच में कुछ और कहलाता है ना? हमने पूरी रात चोदा, अलग अलग पोज में, चूत चाटी, गांड चाटी, लंड चूसा। अक्षरा की चूत सूज गई थी लेकिन वो और मांग रही थी।
दोस्तों, ये हमारा वो रिश्ता है जो कभी खत्म नहीं होता, हर बार नया मजा देता है। अगर आपको ये कहानी पसंद आई तो बताना, अगली बार और गंदी कहानी सुनाऊंगा।