नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में नौकरी करता हूँ लेकिन जड़ें मेरी बिहार के एक छोटे से गाँव में हैं। पिछले महीने मैं गाँव गया था भाई की शादी में। वहाँ DJ का प्रोग्राम था और DJ वाला लड़का था मेरा बचपन का दोस्त मजनू। लोग उसे देहाती मजनू कहते थे क्योंकि वो हमेशा लोकल भोजपुरी और देहाती गाने बजाता था। उसकी MP3 वाली मशीन और स्पीकर पर वो रात भर देहाती मजनू MP3 song DJ बजाता रहता था।
शादी के दूसरे दिन रात को जब सब सो चुके थे, मैं और मजनू बाहर खेत के किनारे बैठे थे। अंधेरा था, ठंडी हवा चल रही थी। मजनू ने अपनी MP3 वाली मशीन चालू की और एक स्लो देहाती गाना बजाया। गाने में औरत की आवाज़ आ रही थी “अरे राजा रात भर छोड़ो मत”। मजनू मुस्कुराया और बोला, “राहुल, तू शहर वाला बन गया है लेकिन गाँव की मिट्टी अभी भी तेरे अंदर है।”
मैंने कहा, “भाई, तू अभी भी वही मजनू है।”
हम बातें कर रहे थे कि अचानक खेत के पार से एक औरत आई। उसका नाम था रीता, गाँव की ही एक 28 साल की विधवा औरत। उसकी कमर बहुत पतली थी, मोटी-मोटी जांघें, और ऊपर से उसकी भारी भारी छातियाँ ब्लाउज से फटने को तैयार लग रही थीं। रीता ने मजनू को देखा और बोली, “अरे मजनू, आज शादी में तेरा डांस बहुत जबरदस्त था। गाना लगा के सुनाओ ना।”
मजनू ने तुरंत देहाती मजनू MP3 song DJ वाला गाना चालू कर दिया। जोरदार बीट के साथ गाना बजने लगा। रीता नाचने लगी। उसकी गांड हिल रही थी, छातियाँ उछल रही थीं। मैं देखता रहा। मजनू की नजर भी उसी पर थी।
गाना खत्म होने के बाद रीता ने कहा, “राहुल भाई, तुम भी नाचो।” मैंने मना कर दिया लेकिन मजनू ने मुझे खींच लिया। हम तीनों नाचने लगे। अंधेरे में रीता की साड़ी का पल्लू सरक गया। उसकी सफेद चोली दिखने लगी। मजनू ने पीछे से उसकी कमर पकड़ ली। रीता हँसी और बोली, “अरे मजनू, हाथ मत लगा।” लेकिन उसकी आवाज़ में कोई रोक नहीं थी।
मजनू ने उसे और पास खींच लिया। उसकी लंड रीता की गांड से टकरा रहा था। मैं खड़ा देख रहा था। रीता ने मेरी तरफ देखा और बोली, “राहुल, तू भी आ जा। आज रात गाँव की रात है।”
मैं आगे बढ़ा। रीता ने मेरी कमीज पकड़ ली। तीनों खेत के बीच में ही खड़े थे। मजनू ने रीता की साड़ी ऊपर उठा दी। उसकी नंगी जांघें चमक रही थीं। मजनू ने उसकी पतलून उतारी और अपना मोटा काला लंड निकाल लिया। रीता ने उसे हाथ में लिया और बोली, “अरे वाह, आज तो मजनू का लंड पूरा तैयार है।”
मजनू ने रीता को घुमाया और पीछे से उसकी चूत में लंड घुसा दिया। रीता चीख पड़ी, “आह्ह्ह मजनू… धीरे… तेरी लंड बहुत मोटी है।” मजनू जोर-जोर से चोदने लगा। “चुप कर रीता, आज तेरी चूत फाड़ दूंगा।”
मैं भी खड़ा था। रीता ने मेरा हाथ पकड़ा और बोली, “राहुल, अपना लंड निकाल।” मैंने अपनी जिप खोली। मेरा लंड भी खड़ा हो चुका था। रीता ने उसे मुँह में लिया और चूसने लगी। उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी।
मजनू पीछे से रीता को चोद रहा था। “ले ले रीता, ले ले मेरा लंड। तेरी चूत आज गीली हो गई है।” रीता का मुँह मेरा लंड चूसते हुए भी बोल रही थी, “हाँ मजनू… और जोर से…

मेरी चूत फट रही है।”
हम तीनों वहीं खेत में लेट गए। रीता को बीच में लिया। मजनू उसके आगे था, मैं पीछे। मजनू रीता की चूत चाट रहा था। उसकी जीभ रीता की गीली चूत के अंदर घुस रही थी। रीता कराह रही थी, “आह्ह्ह… मजनू… तेरी जीभ… चूस ले मेरी चूत का रस।”
मैं पीछे से रीता की गांड चाट रहा था। उसकी गांड बहुत नरम थी। मैंने उसकी गांड के छेद में उंगली डाली। रीता चीखी, “नहीं राहुल… गांड मत छेड़।” लेकिन मैंने उंगली और अंदर डाल दी।
मजनू ने रीता को अपनी तरफ खींचा और उसकी चूत में अपना लंड फिर घुसा दिया। अब रीता मेरे ऊपर लेट गई। मैं पीछे से उसकी गांड में अपना लंड डालने की कोशिश कर रहा था। रीता की सांस फूल रही थी। “दोनों लंड एक साथ… आज तो मैं मर जाऊंगी।”
आखिरकार मेरा लंड उसकी गांड में घुस गया। रीता जोर से चीखी। “आह्ह्ह… दर्द… लेकिन अच्छा लग रहा है।” अब मजनू आगे से चूत मार रहा था, मैं पीछे से गांड। दोनों लंड रीता के अंदर घुस-घुसकर निकल रहे थे। रीता का शरीर काँप रहा था। उसकी छातियाँ मेरे हाथ में थीं। मैं उनको जोर-जोर से दबा रहा था।
मजनू बोल रहा था, “रीता तेरी चूत आज मेरा रस पी लेगी।” रीता बोली, “हाँ… निकालो दोनों अपना गरम रस… मेरी चूत और गांड दोनों भर दो।”
हम तीनों जोर-जोर से चोद रहे थे। गाना अभी भी बज रहा था। देहाती मजनू MP3 song DJ की बीट के साथ हमारी चुदाई की आवाज़ें मिल रही थीं। थप-थप… थप-थप… रीता की चूत से चिकनाहट की आवाज़ आ रही थी।
मजनू पहले झड़ गया। उसने रीता की चूत में अपना गरम-गरम रस छोड़ दिया। रीता का शरीर काँप उठा। “आह्ह्ह… भर गया… मजनू का रस… ”
मैं अभी भी पीछे से गांड मार रहा था। रीता ने कहा, “राहुल… अब तू भी निकाल।” मैंने और जोर लगाया। रीता की गांड मेरे लंड को निचोड़ रही थी। आखिरकार मैं भी झड़ गया। मेरा रस रीता की गांड में भर गया।
हम तीनों थककर वहीं लेट गए। रीता बीच में, मजनू और मैं दोनों तरफ। गाना अभी भी बज रहा था। रीता ने कहा, “अगली बार फिर बुलाना दोनों को। देहाती मजनू MP3 song DJ के साथ ये रात यादगार हो गई।”
मैं सुबह दिल्ली लौट आया लेकिन वो रात अभी भी मेरे दिमाग में है। गाँव की वो देहाती रात, मजनू का लंड, रीता की चूत और गांड… सब कुछ अब भी याद आता है।