नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम विक्रम है। मैं दिल्ली में रहता हूँ और मेरी उम्र ३८ साल है। आज मैं आपको अपनी एक पुरानी याद सुनाने जा रहा हूँ जो मेरे दिमाग से कभी निकलती ही नहीं। ये कहानी मेरी पुरानी दोस्त अक्षरा और उसके पति नैतिक की है। दोनों अब ४५-४६ साल के हो चुके हैं लेकिन उस समय जब ये सब हुआ तब भी वो काफी mature और hot लगते थे। एक बार मैंने इंटरनेट पर “old akshara naitik hd download” सर्च किया था किसी पुरानी पार्टी की वीडियो ढूंढने के चक्कर में। लेकिन जो मिला वो बिल्कुल अलग ही था। असल में अक्षरा मेरी कॉलेज की सहेली थी और नैतिक उसका पति।
एक दिन बारिश के मौसम में अक्षरा ने मुझे फोन किया। वो और नैतिक अपने फ्लैट में अकेले थे क्योंकि बच्चे नानी के पास गए थे। अक्षरा की आवाज में कुछ गर्माहट थी। “विक्रम, आ जा यार, पुरानी यादें ताजा करें। नैतिक भी घर पर है।” मैं स्कूटर लेकर उनके साउथ दिल्ली वाले फ्लैट पहुंच गया। बारिश तेज हो रही थी। दरवाजा खुला तो अक्षरा खड़ी थी, उसकी साड़ी थोड़ी भीगी हुई, ब्लाउज में उसकी भारी छातियां साफ दिख रही थीं। नैतिक सोफे पर बैठा मुस्कुरा रहा था।
हम तीनों बैठे बातें करने लगे। पुरानी कॉलेज की बातें निकलीं तो अक्षरा ने कहा, “याद है विक्रम जब हम तीनों मिलकर पार्टी करते थे?” नैतिक ने उसकी जांघ पर हाथ रखा और कहा, “हां, और अब भी वो गर्मी बाकी है।” अक्षरा हंस पड़ी लेकिन उसकी आंखों में चमक थी। थोड़ी देर बाद अक्षरा उठी और दरवाजा बंद कर आई। “आज कोई नहीं आएगा, बारिश में सब घर पर हैं।”
उसने नैतिक के पास जाकर उसके कान में कुछ फुसफुसाया। नैतिक मुस्कुराया और बोला, “विक्रम, तू भी शामिल हो जा। पुरानी बात है ना?” मेरा लंड पहले से ही खड़ा हो चुका था अक्षरा की भीगी साड़ी देखकर। अक्षरा मेरे पास आई और मेरे हाथ में अपना हाथ रखा। “छू ना, देख कितनी गर्म है मेरी body।”
मैंने उसकी कमर पकड़ ली। नैतिक पीछे से आया और अक्षरा की साड़ी का पल्लू खींच लिया। साड़ी नीचे गिरी और अक्षरा सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में खड़ी थी। उसकी भारी गांड और मोटी जांघें साफ दिख रही थीं। नैतिक ने उसके ब्लाउज के हुक खोले। अक्षरा की बड़ी-बड़ी छातियां बाहर निकल आईं, निप्पल्स सख्त और काले। “चूस मेरे boobs विक्रम,” अक्षरा ने कहा। मैंने एक nipple मुंह में लिया और चूसने लगा। नैतिक दूसरी तरफ से चूस रहा था। अक्षरा की सांस तेज हो गई। “आह्ह्ह…

दोनों मिलकर चूसो, मेरी chut गीली हो रही है।”
नैतिक ने उसका पेटीकोट भी उतार दिया। अक्षरा अब पूरी नंगी थी। उसकी chut के बाल थोड़े-थोड़े थे, होंठ मोटे और अंदर से गुलाबी। रस बह रहा था। नैतिक ने उंगली डाली और घुमाने लगा। “देख विक्रम, कितना ras निकल रहा है मेरी बीवी की chut से।” अक्षरा ने मेरी पैंट खोली और मेरा मोटा लंड बाहर निकाला। “वाह, अभी भी इतना hard है!” उसने मुंह में लिया और चूसने लगी। उसकी जीभ लंड के नीचे घूम रही थी। “चूस अक्षरा, पूरा अंदर ले,” मैंने कहा।
नैतिक ने अपनी पैंट उतारी। उसका लंड भी खड़ा था, थोड़ा मोटा लेकिन लंबा। उसने अक्षरा को चारों हाथों पर करवाया। “पहले गांड मारता हूं,” नैतिक बोला और अपनी लंड अक्षरा की tight gaand में घुसा दी। अक्षरा चीख पड़ी, “आह्ह्ह साला, धीरे… गांड फट जाएगी!” लेकिन नैतिक जोर-जोर से धक्के मार रहा था। “ले ले, तेरी gaand का छेद मेरा है।”
मैं सामने बैठ गया। अक्षरा ने मेरा लंड फिर मुंह में लिया। तीनों की सांसें तेज थीं। नैतिक ने gaand से लंड निकाला और सीधा chut में डाल दिया। “चोद मुझे नैतिक, जोर से चोद!” अक्षरा चीख रही थी। उसकी chut से चट-चट की आवाजें आ रही थीं। रस लंड पर चिपक रहा था।
हमने पोजीशन बदली। अक्षरा मेरे ऊपर बैठ गई। उसकी chut में मेरा लंड घुसा। वो ऊपर-नीचे होने लगी। “आह्ह्ह विक्रम, तेरा lund अंदर तक लग रहा है।” नैतिक पीछे से आया और अक्षरा की gaand में उंगली डाल दी। “दोनों छेद भर देंगे आज तेरे।” अक्षरा का शरीर कांप रहा था। उसकी छातियां उछल रही थीं।
फिर नैतिक ने अक्षरा को लिटाया और उसकी chut चाटने लगा। “तेरी chut का स्वाद अभी भी मीठा है।” अक्षरा ने मेरे लंड को हाथ से हिलाया। “जल्दी डाल, मैं झड़ने वाली हूं।” मैंने फिर उसकी chut में लंड घुसाया और जोर-जोर से चोदने लगा। अक्षरा का पहला orgasm आ गया। “आह्ह्ह… निकल रहा है रस!”
नैतिक ने भी अपनी बारी ली। उसने अक्षरा को घुटनों के बल बिठाया और मुंह में लंड डाला। “चूस, पूरा निगल।” अक्षरा का मुंह भर गया। लार बह रही थी। मैं पीछे से उसकी gaand चाट रहा था।
घंटों चला ये खेल। हम तीनों पसीने से तर हो चुके थे। अक्षरा की chut और gaand दोनों लाल हो गई थीं। आखिर में नैतिक ने अक्षरा की chut में झड़ दिया। “ले, मेरा गरम ras अंदर!” अक्षरा चीखी और उसका दूसरा orgasm आ गया। मैंने उसके boobs पर अपना cum छोड़ा।
सब थककर लेट गए। अक्षरा मुस्कुरा रही थी। “ये पुरानी यादें कभी नहीं भूलेंगी।” बारिश अभी भी हो रही थी।
(कहानी यहीं खत्म नहीं होती, दोस्तों। आगे भी बहुत कुछ हुआ उस रात, लेकिन वो अगली बार सुनाऊंगा। अक्षरा और नैतिक अब भी कभी-कभी मुझे बुलाते हैं जब बच्चे बाहर होते हैं। पुरानी चुदाई की गर्मी कभी कम नहीं होती।)