
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं मुंबई में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। उम्र २८ साल है और जॉब एक आईटी कंपनी में। मेरी गर्लफ्रेंड अनन्या है, जो २५ साल की है। वो बेहद खूबसूरत है – गोरी चमड़ी, बड़े-बड़े स्तन, मोटी गांड और चिकनी चूत जिसकी खुशबू मुझे पागल कर देती है। हम दोनों पिछले दो साल से साथ हैं। अनन्या को सेक्स पसंद है, वो हमेशा कहती कि मुझे हार्ड चोदो, मेरी चूत फाड़ दो। लेकिन एक बात थी जो दोनों के मन में घुम रही थी – शेयरिंग।
हम दोनों अक्सर सेक्स के दौरान बात करते कि क्या होगा अगर कोई और भी शामिल हो जाए। अनन्या शरमा जाती लेकिन उसकी आँखें चमक उठतीं। आखिरकार हमने फैसला किया कि मेरे सबसे पुराने दोस्त विक्रम को शामिल करेंगे। विक्रम भी मुंबई में ही रहता है, हम तीनों कॉलेज से दोस्त थे। विक्रम की बॉडी अच्छी है, उसका लंड भी मोटा और लंबा है, ये अनन्या को पहले से पता था क्योंकि हम कभी-कभी नंगी पिक्चर्स शेयर करते थे।
एक शनिवार की रात थी। बारिश हो रही थी मुंबई में। हम तीनों मेरे फ्लैट पर इकट्ठा हुए। अनन्या ने छोटा सा टॉप और टाइट जींस पहना था, उसके स्तन टॉप से बाहर निकलने को बेताब थे। विक्रम आते ही उसकी तरफ देखने लगा। हमने बीयर पी, बातें कीं। फिर अनन्या ने कहा, “राहुल, आज सच में शेयर करोगे ना मुझे?” मैंने उसे खींच कर किस किया और बोला, “हाँ बेबी, आज तेरी चूत और गांड दोनों चुदेंगी।”
विक्रम ने अनन्या को पीछे से पकड़ लिया। उसने उसके टॉप उतारे, ब्रा खोली तो अनन्या के बड़े स्तन झूल गए। विक्रम ने एक चूची मुंह में ली और चूसने लगा। अनन्या की सांसें तेज हो गईं। मैं सामने से उसके जींस खोलकर अंदर हाथ डाल दिया। उसकी चूत पहले से ही गीली थी। मैंने दो उंगलियां अंदर डालीं और हिलाने लगा। अनन्या चीख पड़ी, “आह्ह्ह राहुल, विक्रम दोनों मिलकर चूसो ना।”
हम दोनों ने उसे सोफे पर लिटा दिया। विक्रम उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी चूत चाटने लगा। उसकी जीभ अनन्या की गीली चूत के अंदर घुस रही थी। अनन्या की जांघें कांप रही थीं। “विक्रम, और जोर से चाट, मेरी चूत का रस पी ले,” वो चिल्ला रही थी। मैं उसके मुंह में अपना लंड डाल दिया। अनन्या ने लंड चूसना शुरू किया, उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी।
थोड़ी देर बाद विक्रम ने अपना लंड निकाला। वो मोटा था, नसें उभरी हुईं। अनन्या ने उसे हाथ में लिया और मुंह में ठूंस लिया। “देख राहुल, तेरा दोस्त मेरा मुंह चोद रहा है,” वो बोली। मैं पीछे से उसकी गांड सहला रहा था। फिर विक्रम ने अनन्या को घुटनों के बल बिठाया और पीछे से उसकी चूत में लंड घुसा दिया। “आह्ह्ह फट रही है चूत,” अनन्या चीखी। विक्रम जोर-जोर से धक्के मार रहा था, उसकी गांड की थप्पड़ की आवाजें पूरे फ्लैट में गूंज रही थीं।
मैं सामने बैठ गया और अनन्या के स्तनों को निचोड़ रहा था। दूध जैसे रस उसके निप्पल से निकल रहा था क्योंकि वो बहुत एक्साइटेड थी। विक्रम ने रफ्तार बढ़ा दी। “ले ले अनन्या, मेरा लंड ले, तेरी चूत आज फट जाएगी,” वो बोल रहा था। अनन्या का शरीर कांप रहा था, वो झड़ चुकी थी एक बार।
फिर हमने पोजीशन बदली। अनन्या मेरे ऊपर चढ़ गई, मेरे लंड को अपनी चूत में ले लिया। विक्रम उसके पीछे आ गया और उसकी गांड में उंगली डालने लगा। “गांड भी चोदनी है आज,” मैंने कहा। विक्रम ने लंड पर थूक लगाया और धीरे से अनन्या की गांड में घुसाने लगा। अनन्या चीख रही थी, “दोनों लंड एक साथ, आह्ह्ह दर्द हो रहा लेकिन मजा आ रहा है।” दोनों लंड उसकी चूत और गांड में एक साथ घुस रहे थे। हम तीनों की सांसें एक हो गई थीं।
सेक्स दो घंटे तक चला। अनन्या को हमने अलग-अलग पोजीशन में चोदा – डॉगी स्टाइल में विक्रम उसकी चूत मारता, मैं उसके मुंह में लंड डालता। फिर अनन्या विक्रम के ऊपर बैठी और मैं पीछे से उसकी गांड चोदता। उसके स्तन हिल रहे थे, पसीना बह रहा था, चूत और गांड से रस टपक रहा था। अनन्या बार-बार चिल्ला रही, “चोदो मुझे, दोनों मिलकर मेरी रंडी बना दो।”
आखिर में हम दोनों ने एक साथ झड़ने का प्लान बनाया। अनन्या घुटनों के बल बैठ गई, हम दोनों उसके सामने खड़े हो गए। उसने दोनों लंड हाथ में लिए और चूसने लगी। “मेरे मुंह में निकालो,” वो बोली। विक्रम पहले झड़ा, उसका गाढ़ा वीर्य अनन्या के मुंह और चेहरे पर गिरा। फिर मैं भी झड़ गया, मेरा लंड फड़क रहा था। अनन्या सब कुछ पी गई और मुस्कुराई।
रात भर हम तीनों थके हुए सो गए, अनन्या हमारे बीच में। सुबह फिर से शुरू हुआ, लेकिन वो अलग कहानी है।
(कहानी पूरी हुई। अनन्या अब भी कभी-कभी विक्रम से मिलती है, लेकिन सब कुछ हमारी सहमति से।)