नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं हैदराबाद में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। उम्र मेरी २८ साल है और मैं एक छोटी सी आईटी कंपनी में जॉब करता हूँ। ये कहानी मेरी मामी ममता की है, जो मेरी असली मामी नहीं बल्कि मेरी माँ की दूर की रिश्तेदार हैं। वो ३८ साल की हैं, लेकिन शरीर देखकर कोई २८-३० का ही समझेगा। ममता मामी का फिगर कमाल का है – भारी-भारी स्तन, मोटी कमर, गोल-गोल और भरी हुई गांड, और वो हमेशा साड़ी में ही रहती हैं। पिछले महीने उनकी बॉडी में दर्द की शिकायत हुई तो उन्होंने मुझे मैसेज किया कि घर आकर बॉडी मसाज कर दो।
मैं उनके घर पहुँचा तो ममता मामी अकेली थीं। पति ऑफिस गए थे और बच्चे स्कूल में। वो हल्की सी नीली साड़ी में थीं, ब्लाउज थोड़ा टाइट था जिससे उनके स्तन साफ उभर रहे थे। “राहुल बेटा, पीठ और कूल्हों में बहुत दर्द है। थोड़ी मसाज कर दो ना,” उन्होंने कहा। मैंने हाँ कर दी। हम उनके बेडरूम में गए। उन्होंने साड़ी उतार दी, अब सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थीं। मैंने तेल लगाया और उनकी पीठ पर हाथ फेरने लगा।
उनकी त्वचा नरम और गर्म थी। जैसे ही मेरे हाथ उनकी कमर पर गए, ममता मामी ने हल्की सी सांस ली। “थोड़ा नीचे भी करो राहुल, गांड के पास दर्द है,” उन्होंने कहा। मैंने पेटीकोट के नीचे हाथ डाला। उनकी गांड इतनी मुलायम और भारी थी कि हाथ डूब गया। मैंने दोनों हाथों से उनकी गांड दबानी शुरू कर दी। तेल की वजह से हाथ फिसल रहे थे। ममता मामी की सांस तेज हो गई। “आह्ह… राहुल, अच्छा लग रहा है बेटा। और जोर से दबा।”
मैं और आगे बढ़ गया। हाथ उनकी जांघों के बीच ले गया। वहाँ गर्मी महसूस हुई। पेटीकोट के अंदर उनकी चूत से हल्की सी गंध आ रही थी। मैंने उंगली से उनके चूत के होठों को छुआ। ममता मामी काँप गईं। “राहुल… ये क्या कर रहे हो? मम्मी…

आह्ह…” लेकिन उन्होंने मुझे रोक नहींा। मैंने ब्लाउज के हुक खोले। उनके स्तन बाहर निकल आए – बड़े, काले निप्पल वाले, भारी और लटकते हुए। मैंने तेल लगाकर उन स्तनों को मलना शुरू किया। निप्पल को उंगलियों से घुमाया, दबाया। ममता मामी की आँखें बंद हो गईं। “लुंड खड़ा हो गया होगा ना? दिखा मुझे,” उन्होंने कहा।
मैंने अपनी पैंट उतारी। मेरा लंड ७ इंच का, मोटा और नसों से भरा खड़ा था। ममता मामी ने उसे हाथ में लिया। “कितना गरम और मोटा है तेरा लंड। मामा का तो पतला सा है। चूसूँ?” उन्होंने बिना इंतजार किए मेरे लंड को मुँह में ले लिया। उनकी जीभ लंड के सिरे पर घूम रही थी, लार टपक रही थी। “छोड़ मत, पूरा मुँह में ले लो ममी,” मैंने कहा। उन्होंने गले तक ले लिया, घुट-घुट कर चूस रही थीं।
फिर मैंने उन्हें पीठ के बल लिटाया। पेटीकोट उतार दिया। उनकी चूत साफ शेव की हुई थी, होठ मोटे और गुलाबी, अंदर से गीली। मैंने उंगली अंदर डाली – चूत बहुत टाइट थी। “आह्ह… राहुल, उंगली मत निकाल, और अंदर डाल,” ममता मामी चीखीं। मैंने दो उंगलियाँ डालीं और तेजी से चलाने लगा। चूत से रस निकल रहा था, मेरे हाथ भीग गए। फिर मैंने अपना मुँह उनकी चूत पर लगा दिया। जीभ से चूत चाटी, निप्पल को चूसते हुए। ममता मामी की जांघें काँप रही थीं। “चोद मुझे राहुल, अब और नहीं सहा जाता। अपना मोटा लंड मेरी चूत में घुसा दे,” उन्होंने गंदी गंदी बातें शुरू कर दीं।
मैंने उनका एक पैर अपने कंधे पर रखा और लंड चूत के मुंह पर रखा। एक झटके में आधा अंदर चला गया। “आह्ह्ह… फाड़ दी मेरी चूत!” ममता मामी चिल्लाईं। मैंने जोर-जोर से धक्के मारे। लंड पूरा अंदर-बाहर हो रहा था, चूत का रस लंड पर चमक रहा था। उनकी गांड के नीचे हाथ डालकर दबा रहा था। “ले ले ममी, तेरी चूत मेरा लंड चूस रही है। कितनी गीली है तेरी फुद्दी,” मैं गंदी बातें बोलता जा रहा था।
हमने पोजीशन बदली। ममता मामी कुत्ते वाली स्टाइल में हो गईं। गांड ऊपर, चूत पीछे की तरफ निकली हुई। मैंने पीछे से लंड घुसाया। इस बार और गहराई तक जाता था। उनकी गांड के दो टुकड़े लहरा रहे थे। मैंने उनकी गांड पर थप्पड़ मारे – थप-थप की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। “और जोर से मार, मेरी गांड लाल कर दे,” ममता मामी चीख रही थीं। मैंने उनकी बालों में हाथ डाला और सिर पीछे खींचकर तेजी से चोदा।
फिर वो मेरे ऊपर चढ़ गईं। लंड अपनी चूत में डालकर ऊपर-नीचे होने लगीं। उनके स्तन मेरे मुँह के सामने लटक रहे थे। मैं एक-एक करके निप्पल चूसता, काटता। “रस निकाल दूँगी तेरे लंड में, ले ले मेरा पानी,” उन्होंने कहा। कुछ मिनट बाद उनकी चूत कस गई, शरीर काँपने लगा। “आह्ह्ह… आ रहा है… चूत से रस निकल रहा है!” उन्होंने चीखते हुए झड़ गईं। गर्म-गर्म रस मेरे लंड पर बह रहा था।
मैंने उन्हें नीचे लिटाया और खुद ऊपर चढ़ गया। तेजी से चोदने लगा। “ममी, मैं भी झड़ने वाला हूँ। तेरी चूत में ही निकाल दूँ?” “हाँ, अंदर ही निकाल, मेरी चूत भर दे अपने गर्म पानी से!” मैंने अंतिम जोरदार धक्का मारा और लंड अंदर ही छोड़ दिया। गरम-गरम वीर्य उनकी चूत में भर गया। दोनों थककर गिर पड़े।
मसाज के बाद हमने नहाया साथ में। फिर से लंड खड़ा हो गया। इस बार ममता मामी ने खुद मुँह में लिया और चूसा जब तक मैं फिर झड़ नहीं गया। पूरी रात हम चोदते रहे – चूत, गांड, स्तन सब कुछ इस्तेमाल किया। सुबह तक ममता मामी की चूत लाल हो चुकी थी, मेरे लंड पर उनके दांतों के निशान थे।
ये थी हमारी पहली मसाज वाली चुदाई। उसके बाद से हर हफ्ते ममता मामी बुलाती हैं बॉडी मसाज के नाम पर। अब तो बिना मसाज के भी सीधा चोदने लगे हैं। दोस्तों, अगर आपकी भी कोई ममी या बुआ ऐसी हो तो बताना, शायद अगली एपिसोड में उनकी कहानी भी लिख दूँ।