
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली से हूँ लेकिन मेरी जड़ें उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव में हैं। पिछले साल गर्मियों में मैं गाँव गया था अपनी चाची के यहाँ, जो असल में मेरी दूर की रिश्तेदार बबली भाभी हैं। उम्र करीब 32 साल, गाँव की औरतों जैसी मोटी-तगड़ी काया, भारी-भारी स्तन जो ब्लाउज में फटने को तैयार लगते, मोटी कमर और गोल-गोल गोलियाँ जैसी गांड। भाभी विधवा हैं, अकेली रहती हैं और गाँव में कभी-कभी लोक नाटक करती हैं। एक शाम हम दोनों अकेले थे, बातों-बातों में भाभी ने कहा कि वो एक देहाती नाटक की वीडियो बनाना चाहती है यूट्यूब के लिए, लेकिन असली मकसद कुछ और था।
“राहुल, तू मोबाइल से वीडियो बना दे, नाटक का सीन बहुत हॉट होगा,” भाभी ने कहा। मैंने हाँ कर दी। हमने छोटे से कमरे में सेटअप किया, भाभी ने देहाती लहँगा-चोली पहनी, बाल खुले, लाल lipstick लगाई। नाटक शुरू हुआ – भाभी नायिका बनकर गाती, “अरे साजन मोरे, रात भर चोद…” मैं कैमरा चलाता रहा। पहले सीन में वो नाच रही थी, उसकी भारी गांड हिल रही थी, स्तन उछल रहे थे। धीरे-धीरे नाटक असली रूप लेने लगा।
भाभी ने मुझे भी सीन में शामिल किया। “आ जा, नायक बन जा,” वो बोली। मैं उसके पास गया। नाटक में ‘पति’ का रोल था। भाभी ने मेरे हाथ पकड़कर अपनी छाती पर रखा। “देख, देहाती नाटक में ऐसे ही छेड़ना होता है।” उसके स्तन इतने नरम और गरम थे कि मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। भाभी ने महसूस किया और मुस्कुराई। “अरे, लंड खड़ा हो गया? वीडियो में ही असली चुदाई कर देंगे क्या?”
मैंने कैमरा ट्राइपॉड पर रखा और रिकॉर्डिंग ऑन कर दी। भाभी ने लहँगा उतारा, सिर्फ चोली और पेटीकोट में रह गई। उसकी मोटी जांघें, गीली चूत की महक कमरे में फैल गई। “आजा, मेरी चूत चाट,” भाभी ने कहा। मैं घुटनों पर बैठ गया, उसकी चूत के पास मुंह लगाया। चूत पूरी तरह गंजी थी, होंठ मोटे, अंदर से गुलाबी और रस टपक रहा था। मैंने जीभ से चाटना शुरू किया। भाभी चीखी, “हाँ राहुल, चूत चूस ले, रस पी ले!” उसने मेरे सिर को अपनी जांघों में दबा लिया। मैंने उसकी चूत के अंदर जीभ डाली, ऊपर-नीचे किया। भाभी का शरीर काँप रहा था।
“अब मेरा लंड निकाल,” भाभी ने कहा। मैंने पैंट उतारी। मेरा 7 इंच का लंड खड़ा था, नसें उभरी हुई, सिरा लाल और चमकदार। भाभी ने हाथ में लिया, “कितना मोटा है, गाँव के लंड से भी बड़ा!” उसने मुंह में लिया, चूसने लगी। “चल, वीडियो में देहाती स्टाइल में चूसती हूँ।” भाभी ने लंड को गले तक उतारा, थूक से तर किया, फिर तेजी से चूसने लगी। “ग्लुक-ग्लुक” की आवाजें आ रही थीं। मैंने उसके बाल पकड़कर मुँह चोदना शुरू किया।
फिर भाभी ने चोली उतारी। उसके स्तन बाहर आए, काले-काले निप्पल, भारी और झूलते हुए। “चूस मेरे स्तन,” भाभी बोली। मैंने एक स्तन मुंह में लिया, चूसते-चूसते काटा। भाभी चीखी, “हाँ, काट ले, दूध निकाल ले!” दूसरे हाथ से मैंने उसकी चूत में उंगली डाली, अंदर-बाहर किया। भाभी का रस मेरे हाथ पर बह रहा था।
अब असली चुदाई शुरू हुई। भाभी ने पेटीकोट उतारा, नंगी हो गई। मैंने भी कपड़े उतारे। भाभी चारों हाथ-पैरों पर बैठ गई, गांड ऊपर, चूत पीछे की तरफ। “देहाती स्टाइल में पीछे से चोद,” भाभी ने कहा। मैंने लंड उसकी चूत में घुसाया। चूत इतनी गीली थी कि लंड फिसलता हुआ अंदर चला गया। “आह्ह्ह, पूरा डाल!” भाभी चीखी। मैंने जोर-जोर से धक्के मारे। “थप-थप” की आवाजें, भाभी की गांड मेरे पेट से टकरा रही थी। “चोद मुझे, गांड भी मार,” भाभी बोली। मैंने लंड निकाला, थोड़ा थूक लगाकर गांड में डाला। गांड भी ढीली थी, लंड आसानी से घुस गया। भाभी चीख रही थी, “गांड फाड़ दे, रस निकाल दे!”
हमने कई पोजिशन लीं। भाभी ऊपर चढ़ी, मेरे लंड पर बैठकर ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे, मैं उन्हें हाथों से दबा रहा था। “राहुल, मैं झड़ने वाली हूँ,” भाभी बोली। उसकी चूत ने मेरे लंड को निचोड़ लिया, गरम-गरम रस निकला। मैंने भी झड़ने से पहले लंड निकाला और भाभी के स्तनों पर झड़ गया। सफेद गाढ़ा वीर्य छाती पर फैल गया।
लेकिन वीडियो अभी खत्म नहीं हुई। हमने फिर शुरू किया। इस बार भाभी ने मुझे लेटाया, मेरे लंड को फिर चूसा, फिर उल्टी पोजीशन में 69 किया। मैं उसकी चूत चाटता रहा, वो मेरा लंड। फिर हमने साइड में लेटकर चोदाई की, भाभी की एक टांग ऊपर, लंड अंदर-बाहर। भाभी गंदी-गंदी बातें कर रही थी, “तेरा लंड मेरी चूत का राजा है, रोज चोदना मुझे!”
करीब दो घंटे चला ये सेशन। आखिर में भाभी ने कहा, “वीडियो सेव कर ले, बाद में देखेंगे।” हम दोनों पसीने से तर, रस और वीर्य से सने हुए लेट गए। भाभी ने मुझे गले लगाया, “अब से हर हफ्ते नया वीडियो बनाएंगे।”
दोस्तों, वो रात मेरी जिंदगी की सबसे गंदी और मजेदार रात थी। भाभी की चूत, गांड, स्तन सब याद आते हैं। अगर और कहानी चाहिए तो बताना।