Sex Indian Story
अभी देखें: Dehati Mom and Son Old – गांव की पुरानी माँ बेटे की चुदाई — संपादकीय चयन

अभी देखें: Dehati Mom and Son Old – गांव की पुरानी माँ बेटे की चुदाई — संपादकीय चयन

“अभी देखें: Dehati Mom and Son Old - गांव की पुरानी माँ बेटे की चुदाई — संपादकीय चयन” हमारी नई कहानी चयन सूची का हिस्सा है। मुख्य जानकारी को जल्दी समझने, पूरी सामग्री देखने और संबंधित श्रेणियों तक पहुंचने के लिए व्यवस्थित किया गया है। सभी विवरण देखने के बाद समान विषय वाली अन्य चुनी हुई प्रविष्टियां भी पढ़ें।

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रमेश है। मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से देहाती गांव का रहने वाला हूँ। उम्र मेरी अब पैंतालीस साल की हो चुकी है। बचपन से ही हमारा परिवार बहुत गरीब था। पिता जी की मौत हो चुकी थी जब मैं छोटा था। माँ अकेली ही खेतों में मजदूरी करती थी और मुझे पढ़ाती थी। माँ का नाम सुशीला है। अब उनकी उम्र सत्तर साल के करीब है लेकिन आज भी उनका शरीर काफी हट्टा-कट्टा है। माँ की छाती अभी भी बड़ी-बड़ी और भारी है, कमर थोड़ी मोटी हो गई है लेकिन गांड अभी भी गोल और लटकती हुई है।

मैं शहर में नौकरी करता था लेकिन तीन साल पहले नौकरी छूट गई तो गांव लौट आया। माँ अकेली रह रही थीं। घर में सिर्फ दो कमरे थे, एक छोटा सा आंगन और पीछे खेत। रात को माँ और मैं एक ही खाट पर सोते थे क्योंकि बिस्तर कम था। शुरू-शुरू में तो सब नॉर्मल था लेकिन धीरे-धीरे माँ की आदतें बदलने लगीं।

एक रात की बात है। बारिश हो रही थी और बिजली चली गई थी। अंधेरा था। माँ ने कहा, “बेटा, आज बहुत ठंड लग रही है, तू मेरे पास आकर सो जा।” मैं उनकी बगल में लेट गया। माँ की साड़ी ऊपर चढ़ गई थी। उनका एक पैर मेरी जांघ पर पड़ गया। माँ की जांघ नरम और गर्म थी। धीरे-धीरे माँ की सांसें तेज हो गईं। उन्होंने मुझे अपनी तरफ खींच लिया। उनकी भारी छाती मेरी छाती से सट गई। मैंने महसूस किया कि माँ की चूचियां अभी भी काफी सख्त हैं।

माँ ने धीरे से कान में कहा, “रमेश, तू अब बड़ा हो गया है। तेरी माँ अकेली है। आज रात तू अपनी माँ को खुश कर दे।” मैं हैरान रह गया लेकिन लंड पहले ही खड़ा हो चुका था। माँ ने मेरे हाथ पकड़कर अपनी छाती पर रख दिया। “देख, तेरी माँ की छाती अभी भी कितनी बड़ी है। चूस ले बेटा।”

मैंने उनकी साड़ी खींची और ब्लाउज के बटन खोले। माँ की दोनों चूचियां बाहर आ गईं। निप्पल काले और मोटे थे। मैंने एक चूची मुंह में ले ली और जोर-जोर से चूसने लगा। माँ आहें भरने लगीं, “आह्ह्ह… बेटा, और जोर से चूस…

Featured thumbnail: अभी देखें: Dehati Mom and Son Old - गांव की पुरानी माँ बेटे की चुदाई — संपादकीय चयन

तेरी माँ की चूत तर हो रही है।”

मैंने माँ की साड़ी पूरी उतार दी। उनकी जांघों के बीच से बदबूदार लेकिन बहुत गीली चूत दिख रही थी। बाल सफेद हो चुके थे लेकिन चूत के होठ अभी भी मोटे और फूले हुए थे। मैंने उंगली डाली तो माँ चीख पड़ी, “अरे रमेश, उंगली मत डाल, सीधा अपना लंड घुसा दे। तेरी माँ को चोद डाल आज।”

मेरा लंड सात इंच का मोटा था। मैंने माँ की टांगें फैलाईं और लंड चूत के मुंह पर रखा। धीरे से धक्का मारा तो लंड आधा अंदर घुस गया। माँ की चूत बहुत टाइट थी। “आह्ह्ह… बेटा, धीरे… तेरी माँ की चूत फट जाएगी।” लेकिन मैं रुक नहीं सका। जोर-जोर से धक्के मारने लगा।

माँ की चूत से “पुच-पुच” की आवाजें आने लगीं। माँ चिल्ला रही थी, “चोद मुझे बेटा, अपनी माँ को गांड तक चोद डाल। तेरी माँ की चूत तेरा लंड खा रही है।” मैं माँ की छाती दबाता हुआ चोद रहा था। पसीना दोनों के शरीर से बह रहा था।

हमने पूरी रात चोदाई की। सुबह होने तक माँ तीन बार झड़ चुकी थीं। मेरा लंड माँ की चूत में ही सो गया।

अगले दिन से हमारी दिनचर्या बदल गई। सुबह माँ नहाने जाती तो मैं उनके साथ जाता। माँ नंगी होकर नहातीं और मैं पीछे से उनका गांड सहलाता। “बेटा, आज शाम को खेत में ले जा के चोदना।”

एक शाम हम खेत में गए। माँ ने साड़ी उठा ली और झुक गईं। उनकी गांड मेरे सामने थी। मैंने लंड निकाला और सीधा गांड में घुसा दिया। माँ चीखी, “आह्ह्ह… गांड फट गई रे! लेकिन और जोर से मार।” मैं माँ की गांड मारता रहा जबकि उनकी चूत से रस टपक रहा था।

हफ्ते भर बाद माँ ने कहा, “बेटा, तेरी माँ की चूत अब रोज तेरा लंड चाहती है।” हम रोज रात को चोदते। माँ मुझे अपनी चूत चाटने को कहतीं। मैं उनकी चूत चाटता तो माँ मेरा सिर दबातीं, “और गहराई से चाट… तेरी माँ का रस पी ले।”

एक बार माँ ने मुझे अपनी उम्र के बारे में बताया, “बेटा, तेरी माँ सत्तर साल की है लेकिन तेरा लंड देखकर अभी भी पचास साल की लगती है।”

हमारी चोदाई और भी गंदी होती गई। माँ मुझे अपनी चूची दूध पिलाने जैसा करतीं। “पी ले बेटा, तेरी माँ का दूध पी।” हालांकि दूध नहीं था लेकिन माँ की चूची चूसने का मजा अलग था।

धीरे-धीरे माँ ने मुझे सिखाया कि कैसे उनकी गांड चाटनी है। “बेटा, गांड चाट… तेरी माँ की गांड साफ कर।” मैं माँ की गांड चाटता और लंड गांड में डालता। माँ का शरीर कांपता रहता।

कई महीने बीत गए। अब माँ बिना कपड़ों के घर में घूमतीं। जब भी मन होता, मैं माँ को पकड़ लेता और चोद देता। कभी रसोई में, कभी आंगन में, कभी खाट पर।

एक बार माँ बीमार पड़ीं। मैंने दवा के साथ-साथ अपनी दवा भी दी। लंड चूत में डालकर माँ को ठीक किया। माँ हंसतीं, “तेरा लंड ही सबसे अच्छी दवा है बेटा।”

आज भी जब रात होती है, माँ मेरे पास आती हैं, “रमेश, आज तेरी माँ को चोद।” मैं माँ की टांगें फैलाता हूं और घंटों तक चोदता रहता हूं। माँ की चूत अब मेरे लंड की आदी हो चुकी है।

हमारी कहानी यहीं खत्म नहीं होती। हर रात नई चोदाई होती है। माँ की उम्र भले सत्तर हो लेकिन उनकी भूख कभी कम नहीं होती। मैं भी अपनी देहाती माँ को रोज चोदता हूं और दोनों खुश रहते हैं।

(कहानी जारी… हमारी चोदाई अब और भी ज्यादा गंदी और लंबी हो गई है। माँ कभी-कभी दोस्तों को भी बुलाती हैं लेकिन वो अलग कहानी है।)

Sex Indian Story
Sex Indian Story
Read free Indian sex stories and hot desi erotic novels online. Enjoy steamy adult fiction featuring Indian characters, forbidden desires, and passionate encounters. Updated regularly with new Hindi-English stories for Indian readers. No registration required – pure free adult entertainment.

संबंधित कहानियाँ