Sex Indian Story
अभी देखें: Dehati North Indian Bhavi Romance – Gaon Ki Bhabhi Ka Rasila Chudai Khel — अनुशंसित

अभी देखें: Dehati North Indian Bhavi Romance – Gaon Ki Bhabhi Ka Rasila Chudai Khel — अनुशंसित

इस चुनी हुई कहानी सामग्री में “अभी देखें: Dehati North Indian Bhavi Romance - Gaon Ki Bhabhi Ka Rasila Chudai Khel — अनुशंसित” को विस्तार से देखें। मुख्य विषय को साफ और आसानी से ब्राउज़ किए जाने वाले रूप में रखा गया है, साथ ही संबंधित विषय और टैग भी दिए गए हैं। पूरा लेख खोलकर सभी विवरण देखें और उसी संग्रह की अन्य अनुशंसित सामग्री खोजें।

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम विकास है। मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से देहाती गांव में रहता हूं। उम्र मेरी २८ साल है और मैं खेती-बाड़ी का काम करता हूं। हमारे गांव में सब कुछ धीमा और पुराने ढंग का है। मकान कच्चे-पक्के, सड़कें गंदी, लेकिन रिश्ते गहरे। मेरे बड़े भाई की शादी हुई थी एक खूबसूरत देहाती औरत से जिसका नाम सीमा था। सीमा भाभी के रूप में हमारे घर आई थी। वो २५ साल की थी, गोरी चमड़ी, भारी-भारी स्तन, चौड़ी कमर और गोल-गोल नितंब। गांव की औरतों जैसी उसकी चाल में हिलती हुई जांघें और बात करते वक्त मीठी हंसी। शुरू-शुरू में मैं उसे सिर्फ भाभी मानता था, लेकिन धीरे-धीरे उसकी देह देखकर मेरा लंड खड़ा होने लगा।

एक दिन की बात है। मानसून का मौसम था। बारिश जोरों से हो रही थी। भाई शहर चला गया था काम के सिलसिले में। घर में सिर्फ मैं, मां और सीमा भाभी थीं। मां सुबह ही मायके चली गई थीं। अब घर में सिर्फ मैं और भाभी अकेले थे। बारिश की वजह से बिजली चली गई थी। अंधेरा था। भाभी कमरे में मोमबत्ती जला रही थी। मैं बाहर बरामदे में बैठा था। अचानक भाभी ने आवाज दी, “विकास, अंदर आओ ना, बारिश में भीगोगे।” मैं अंदर गया। भाभी सफेद साड़ी में थी, जिसकी पल्लू फिसलकर उसके भारी स्तनों पर लटक रहा था। निप्पल्स की हल्की उभार साफ दिख रही थी। मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया।

भाभी ने मुस्कुराते हुए कहा, “क्या देख रहे हो? इतनी देर से घूर रहे हो।” मैंने हिम्मत करके जवाब दिया, “भाभी, आप बहुत सुंदर लग रही हो।” वो हंस पड़ी, “अरे, भाभी बोल के शर्मा नहीं जाते?” लेकिन उसकी आंखों में चमक थी। बारिश तेज हो गई। हम दोनों पास-पास बैठ गए। उसकी सांसों की गर्माहट मेरे चेहरे पर पड़ रही थी। मैंने धीरे से उसका हाथ पकड़ लिया। भाभी ने हाथ नहीं छुड़ाया। “विकास, ये गलत है,” वो बोली लेकिन आवाज में कोई रोक नहीं थी। मैंने उसे अपनी तरफ खींच लिया और उसके होंठों पर अपना मुंह लगा दिया। पहले वो थोड़ी झिझकी, लेकिन फिर गर्म हो गई। हमारा चुम्बन गहरा हो गया। उसकी जीभ मेरी जीभ से उलझ गई।

मैंने उसकी साड़ी का पल्लू खींचा। उसके बड़े-बड़े स्तन बाहर निकल आए। काले-काले निप्पल्स, जो बारिश की वजह से थोड़े गीले थे। मैंने एक स्तन मुंह में लिया और चूसने लगा। भाभी सिसकारियां भरने लगी, “आह्ह… विकास… धीरे… चूस ले मेरे स्तन… तेरी भाभी की चूत अब तक किसी ने नहीं चोदी…” मैं और जोर से चूसने लगा। दूध जैसा स्वाद नहीं था लेकिन स्वादिष्ट लग रहा था। दूसरे स्तन को हाथ से मसल रहा था। भाभी का हाथ मेरे लंड पर गया। उसने पैंट के ऊपर से ही दबाया, “कितना मोटा है तेरा लंड… भाभी की चूत फाड़ देगा ये।”

मैंने उसकी साड़ी पूरी उतार दी। अब वो सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थी। पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया। उसकी चूत सामने थी। घनी काली जांघें, बीच में गुलाबी-काली चूत, जिससे रस टपक रहा था। मैंने उंगली डाली। चूत बहुत गर्म और गीली थी। “भाभी, तेरी चूत कितनी गीली है,” मैंने कहा। भाभी बोली, “तेरे भाई कभी ऐसे नहीं छेड़ता… तू छेड़ ले… चोद डाल अपनी भाभी को।” मैंने अपनी उंगली अंदर-बाहर की। फिर मुंह लगाया। जीभ से चूत चाटने लगा। भाभी चीखने लगी, “आह्ह्ह… हां… चाट ले… मेरी चूत का रस पी ले…”

लंबे समय तक मैं उसकी चूत चाटता रहा। वो बार-बार झड़ रही थी। फिर भाभी ने मेरा लंड बाहर निकाला। वो ७ इंच का मोटा लंड था, नसें उभरी हुई। भाभी ने उसे मुंह में लिया। “उम्म्म… कितना स्वादिष्ट… भाभी तेरे लंड को चूसेगी…” वो जोर-जोर से चूस रही थी। लंड उसके गले तक जा रहा था। थूक से लथपथ हो गया मेरा लंड।

अब असली खेल शुरू हुआ। मैंने भाभी को लेटाया। उसके पैर फैलाए। चूत की फांक में लंड रखा। एक जोर का धक्का मारा। “आह्ह्ह… मर गई… पूरा घुस गया…” भाभी चीख पड़ी। मैं धीरे-धीरे चोदने लगा। “थप-थप” की आवाजें आने लगीं। भाभी के स्तन उछल रहे थे। मैं उनको हाथों से दबा रहा था। “भाभी, तेरी चूत कितनी टाइट है… मेरा लंड फंस रहा है…” भाभी बोली, “चोद… जोर से चोद… अपनी भाभी को रंडी बना दे…”

हमने पोजीशन बदली। भाभी ऊपर आई। वो मेरे लंड पर बैठ गई। उसकी जांघें फैलाकर वो ऊपर-नीचे होने लगी। “आह्ह… हां… इस तरह… गहरा… गहरा डाल…” उसकी चूत से रस बह रहा था, मेरे लंड पर। मैं उसके नितंबों को थपथपा रहा था। “थपड़” की आवाजें। भाभी का गुदा भी थोड़ा दिख रहा था। मैंने उंगली उसके गांड में डाली। “नहीं… गांड मत… अभी नहीं…” वो बोली लेकिन बाद में मानी।

हम घंटों चोदते रहे। एक बार मैंने उसे कुत्ते वाली स्टाइल में चोदा। पीछे से लंड घुसाया। भाभी का सिर नीचे, गांड ऊपर। “चोद… मेरी गांड फाड़…

अभी देखें: Dehati North Indian Bhavi Romance - Gaon Ki Bhabhi Ka Rasila Chudai Khel — अनुशंसित thumbnail

तेरी भाभी की गांड अब तेरी है…” मैं जोर-जोर से धक्के मार रहा था। उसके स्तन लटक रहे थे, मैं उन्हें पकड़कर खींच रहा था।

आखिर में दोनों एक साथ झड़ गए। मेरा गरम-गरम वीर्य भाभी की चूत में भर गया। वो चीखती रही, “भर दे… सब भर दे… भाभी तेरे बच्चे की मां बन जाएगी…”

इसके बाद हम रोज रात को चोदने लगे। गांव की देहाती हवा में हमारी चुदाई की महक फैलती रही। भाभी अब खुलकर कहती, “विकास, तेरे लंड के बिना मेरी चूत सूख जाती है।” हमने हर जगह चोदा – खेत में, नहर के किनारे, घर की छत पर। हर बार नई स्टाइल, नया मजा। देहाती north indian bhavi romance ने हमें पागल बना दिया था।

(कहानी जारी… विस्तार से हर रात की चुदाई, हर पोजीशन, हर गंदी बातचीत के साथ आगे बढ़ती रही। भाभी की चूत रोज नई तरह से चोदी जाती, कभी मुंह से, कभी गांड से, कभी दोनों छेदों से। हमारी देहाती भाभी-देवर की यही गर्म कहानी अब भी चल रही है।)

Sex Indian Story
Sex Indian Story
Read free Indian sex stories and hot desi erotic novels online. Enjoy steamy adult fiction featuring Indian characters, forbidden desires, and passionate encounters. Updated regularly with new Hindi-English stories for Indian readers. No registration required – pure free adult entertainment.

संबंधित कहानियाँ