नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली के करोल बाग इलाके में रहता हूँ। उम्र मेरी पच्चीस साल है और मैं एक छोटी सी आईटी कंपनी में जॉब करता हूँ। जिंदगी आम तौर पर बोरिंग चल रही थी जब तक कि मेरा सामना ममान्था से नहीं हुआ। वो मेरे बगल वाले फ्लैट में नई-नई शिफ्ट हुई थी। नाम था ममान्था, उम्र करीब सत्ताईस, और भाई, वो सच में mamanthaa hot थी। गोरी-चिट्टी, मोटी-मोटी जांघें, भारी-भारी स्तन जो टी-शर्ट में अटकते लगते थे, और वो चलते वक्त अपनी गोल-गोल गांड हिलाती हुई चलती थी जैसे जानबूझकर सबको छेड़ रही हो।
पहली बार जब मैंने उसे देखा तो मेरी सांस रुक गई। वो सीढ़ियों से उतर रही थी, पसीने से भीगी हुई, बाल खुले, और नीचे से उसकी चूत की हल्की सी आकृति leggings में साफ दिख रही थी। मन किया कि अभी पकड़कर चोद दूं, लेकिन संभल गया। धीरे-धीरे बातें बढ़ीं। वो अकेली रहती थी, पति विदेश में था। हफ्ते भर में ही हम दोनों दोस्त बन गए। रोज शाम को छत पर चाय पीते, गप्पें मारते। एक दिन बारिश हो रही थी और बिजली चली गई। अंधेरा था, सिर्फ मोबाइल की टॉर्च जल रही थी। ममान्था ने कहा, “राहुल, अकेले डर लग रहा है, थोड़ी देर बैठो ना।”
मैं उसके फ्लैट में घुसा। वो पतली सी नाइट suit पहने थी, जिससे उसके स्तन साफ उभर रहे थे। बातें करते-करते वो मेरे पास आ बैठी। उसकी सांसों की गर्माहट मेरे चेहरे पर पड़ रही थी। अचानक उसने मेरा हाथ पकड़ा और बोली, “राहुल, तुम्हें पता है तुम मुझे कितने दिनों से पागल कर रहे हो? तुम्हारा लंड देखकर मेरी चूत गीली हो जाती है।” ये सुनकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैंने उसे खींचकर अपनी गोद में बिठा लिया। उसके होंठों पर अपना मुंह मार दिया। चूमते-चूमते उसकी जीभ चूसने लगा। वो भी जोर-जोर से सांस ले रही थी।
मैंने उसकी नाइट suit उतारी। अंदर ब्रा और पैंटी ही थी। ब्रा के नीचे से उसके बड़े-बड़े स्तन निकालकर मैंने एक को मुंह में लिया और चूसने लगा। वो चीख पड़ी, “आह्ह्ह राहुल… चूसो और जोर से… मेरे nipple को काटो!” मैंने उसके nipple को दांतों से हल्का काटा तो वो और जोर से चीखी। दूसरा स्तन भी चूसता रहा। नीचे उसकी चूत से रस टपक रहा था। पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और पैंटी उतार दी। उसकी चूत बिल्कुल साफ, गुलाबी और बाल रहित थी। होंठ फूले हुए और बीच से रस बह रहा था। मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली और अंदर-बाहर करने लगा। वो मचल रही थी, “हां… उंगली और गहरी डालो… मेरी चूत फाड़ दो!”
फिर मैंने अपना मुंह उसकी चूत पर लगा दिया। जीभ से उसके clit को चाटने लगा। वो पागल हो गई। “ओह्ह्ह माँ… राहुल, तेरी जीभ से मेरी चूत जल रही है… और चाट… पूरा रस पी जा!” मैंने उसकी चूत चाटते-चाटते दो उंगलियां अंदर डाल दीं और तेजी से फिंगरिंग करने लगा। वो चीख-चीखकर चीख रही थी। थोड़ी देर में उसका शरीर कांपने लगा और वो झड़ गई। उसका गरम-गरम रस मेरे मुंह में आ गया। मैंने सब पी लिया।
अब बारी मेरी थी। मैंने अपना लंड निकाला। वो सात इंच का मोटा लंड था, नसें उभरी हुई। ममान्था ने उसे हाथ में लिया और बोली, “वाह, कितना मोटा लंड है तेरा… मेरी चूत फट जाएगी इससे।” उसने उसे चूसना शुरू किया। उसके गीले होंठ मेरे लंड पर फिसल रहे थे। वो पूरा लंड गले तक ले जा रही थी और चूसते वक्त “ग्लुक-ग्लुक” की आवाज आ रही थी। मैंने उसके बाल पकड़कर उसका मुंह चोदना शुरू किया। “ले… ममान्था… पूरा लंड ले… तेरी मम्मी जैसी hot औरत को ऐसे ही चोदना चाहिए।” वो आंखें बंद करके चूस रही थी।
फिर मैंने उसे उल्टा कर दिया। उसकी गांड मेरे सामने थी। मैंने उसकी गांड के छेद पर थूक लगाया और उंगली डाली। वो चीखी, “नहीं राहुल… गांड मत मार… चूत मार!” लेकिन मैंने नहीं माना। थोड़ा-थोड़ा करके अपना लंड उसकी गांड में घुसाया। वो दर्द से चीख रही थी, “आह्ह्ह… फट रही है… धीरे… माँ!” लेकिन मैंने जोर लगाया और आधा लंड अंदर कर दिया। फिर धीरे-धीरे पूरा लंड गांड में घुसा दिया। अब मैं उसकी गांड मारने लगा। “थप-थप” की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। ममान्था चीख रही थी, “चोद… और जोर से चोद… मेरी गांड फाड़ डाल!”
दस मिनट तक गांड मारने के बाद मैंने लंड निकाला और सीधा उसकी चूत में डाल दिया। चूत इतनी गीली थी कि लंड आसानी से घुस गया। अब मैं जोर-जोर से उसकी चूत चोद रहा था। वो अपने स्तन दबा रही थी और बोल रही थी, “हां… चोद मुझे… तेरी randi बना ले… रोज चोदना मुझे!” हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। मैंने उसकी टांगें अपने कंधों पर रखीं और और गहराई से चोदने लगा। हर धक्के के साथ उसकी चूत से “छप-छप” की आवाज आ रही थी।
मैंने उसे कुत्ते वाली पोज में कर दिया। पीछे से लंड डालकर मारने लगा। एक हाथ से उसके स्तन निचोड़ रहा था, दूसरे से उसकी गांड थपथपा रहा था। “थपड़” मारते-मारते बोला, “ले… hot mamanthaa…

तेरी चूत आज फट जाएगी!” वो जोर-जोर से चीख रही थी। फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए। मेरा गरम-गरम वीर्य उसकी चूत में भर गया। वो लेट गई और बोली, “राहुल, आज से तू मेरा ही है… रोज आना चोदने।”
रात भर हमने तीन बार और चुदाई की। सुबह तक वो पूरी तरह थक चुकी थी, लेकिन मुस्कुरा रही थी। तब से लेकर आज तक हर हफ्ते हम मिलते हैं और वो मुझे अपनी चूत, गांड और मुंह सब कुछ सौंप देती है। mamanthaa hot सच में मेरी जिंदगी बदल गई।
(यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती, बल्कि आगे भी हमारी चुदाई की कहानियां जारी रहती हैं। लेकिन फिलहाल इतना ही सुनाओ, दोस्तों।)