नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रामलाल है। मैं बिहार के एक छोटे से देहाती गांव में रहता हूं जो उत्तर प्रदेश की सीमा से बस कुछ किलोमीटर दूर है। गांव में हर तरफ खेत, कच्चे मकान, और महिलाओं की गंदी गंदी बातें होती रहती हैं। मैं पच्चीस साल का हूं, कद में थोड़ा मोटा लेकिन लंड काफी मोटा और लंबा है। मेरी बीवी का नाम सुनीता है, उम्र इक्कीस साल, गोरी नहीं लेकिन देहाती औरतों जैसी भारी भरकम छाती और मोटी गांड वाली। उसकी छाती इतनी बड़ी है कि दोनों हाथों से भी नहीं पकड़ पाता। गांड इतनी गोल और नरम कि जब वो चलती है तो लटकती हुई लगती है।
एक दिन की बात है। गांव में बिजली नहीं थी, अंधेरा छा गया था। मैं और सुनीता हमारे कच्चे मकान के अंदर थे। बाहर बारिश हो रही थी। सुनीता ने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी जो उसकी छाती पर चिपक गई थी। उसके निप्पल साफ दिख रहे थे। मैंने उसे देखते ही लंड खड़ा हो गया। मैंने कहा, “सुनीता, आज रात मुझे तेरी चूत चाटनी है।” वो शरमा गई लेकिन मुस्कुराते हुए बोली, “रामलाल, गांव वाले सुन लेंगे।” मैंने उसे खींचकर बिस्तर पर लिटा दिया। उसकी साड़ी ऊपर उठाई, पेटीकोट नीचे उतारा। उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी। बाल काले काले थे। मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली। वो चीख पड़ी, “आह्ह्ह… रामलाल, धीरे… तेरी उंगली मोटी है।” मैंने दो उंगलियां डाल दीं और अंदर बाहर करने लगा। उसका रस निकलने लगा, मेरे हाथ पर चिपचिपा हो गया।
मैंने अपना लंड निकाला। वो देखकर बोली, “अरे वाह, आज तो और मोटा लग रहा है।” मैंने उसकी चूत पर लंड रगड़ा। वो मचल रही थी। “चोद दे मुझे, पूरा लंड अंदर डाल दे।” मैंने एक झटके में आधा लंड अंदर घुसा दिया। उसकी चूत गर्म और तंग थी। वो चिल्लाई, “आह्ह्ह… मर गई… पूरा डाल दे।” मैं धीरे धीरे धक्के मारने लगा। हर धक्के पर उसकी छाती उछल रही थी। मैंने उसके दोनों स्तन मुंह में लिया और चूसने लगा। निप्पल कड़े हो गए थे। मैं चूसता रहा और लंड अंदर बाहर करता रहा। उसका रस बह रहा था, मेरे लंड पर चिपक रहा था।
फिर मैंने उसे घुमाया, गांड ऊपर करके। उसकी गांड की दरार देखकर मेरा लंड और खड़ा हो गया। मैंने थूक लगाया और लंड गांड में डालने की कोशिश की। वो बोली, “नहीं रामलाल, गांड में मत डाल, दर्द होगा।” लेकिन मैंने सुना नहीं। आधा लंड गांड में घुसा दिया। वो चीखने लगी, “आह्ह्ह… फट गई मेरी गांड… धीरे कर।” मैंने धीरे धीरे धक्के मारे। उसकी गांड लाल हो गई। मैंने उसकी कमर पकड़कर जोर जोर से चोदना शुरू कर दिया। हर धक्के पर “चप चप” की आवाज आ रही थी। उसका रस मेरे लंड पर लग रहा था।
हम दोनों पसीने से तर हो गए थे। मैंने उसे फिर पलटा और ऊपर चढ़ गया। उसकी टांगें अपने कंधों पर रख लीं। अब लंड पूरा अंदर जा रहा था। मैं जोर जोर से चोद रहा था। वो बोल रही थी, “चोद मुझे… तेरी बीवी की चूत फाड़ दे… आह्ह्ह… और जोर से।” मैंने उसकी छाती पर थूक दिया और रगड़ने लगा। उसकी चूत से “पच पच” की आवाज आ रही थी। मैंने महसूस किया कि मेरा माल निकलने वाला है। मैंने लंड बाहर निकाला और उसकी छाती पर झाड़ दिया। गाढ़ा सफेद माल उसकी गोरी छाती पर फैल गया। वो उंगली से उठाकर मुंह में डालकर चाटने लगी।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। अगले दिन गांव में एक लड़का आया जो शहर से आया था। उसका नाम विक्रम था। वो मोबाइल में वीडियो बनाता था। उसने सुना कि हमारी रात की बातें गांव में चर्चा हो रही हैं। उसने मुझे कहा, “रामलाल, तेरी बीवी के साथ सेक्स वीडियो बनाएंगे। पैसे मिलेंगे।” मैंने सुनीता से पूछा। वो पहले शर्मा गई लेकिन पैसे का लालच देखकर मान गई। रात को हम तीनों एक कमरे में मिले। विक्रम ने मोबाइल कैमरा ऑन किया।
मैंने सुनीता को नंगी कर दिया। उसकी भारी छाती कैमरे में साफ दिख रही थी। विक्रम बोला, “रामलाल, शुरू करो।” मैंने सुनीता की चूत चाटनी शुरू की। वो जोर जोर से चिल्ला रही थी, “आह्ह्ह… चाट ले मेरी गंदी चूत… रस निकाल ले।” मैंने उसकी चूत के बालों को मुंह में लिया और खींचा। फिर लंड उसकी मुंह में डाला। वो मेरा लंड चूसने लगी, “चुप चुप” की आवाज आ रही थी। विक्रम कैमरा पास लाकर रिकॉर्ड कर रहा था।
फिर मैंने उसे चोदा। इस बार ज्यादा गंदी बातें कीं। “ले ले मेरे देहाती लंड को… तेरी चूत आज फट जाएगी।” मैंने गांड में भी डाला। वो चीख रही थी लेकिन कैमरे के सामने और जोश में आ गई। “चोद मेरी गांड… पूरा गांड फाड़ दे।” मेरा माल फिर निकला, इस बार उसकी चूत के अंदर। कैमरा सब कुछ रिकॉर्ड कर रहा था।
वीडियो बनने के बाद विक्रम ने हमें पैसे दिए। लेकिन उसने कॉपी रख ली। गांव में वो वीडियो घूमने लगी। लोग हमें देखकर मुस्कुराते। सुनीता को शर्म आती लेकिन रात को हम और जोश से चोदते। अब हर रात हम सेक्स वीडियो बनाते, अलग अलग पोज में। कभी वो मेरे ऊपर चढ़कर लंड घुमाती, कभी मैं उसकी गांड मारता। उसकी चूत का रस, मेरे लंड का माल, सब कैमरे में कैद होता। देहाती जिंदगी में यही हमारी मजा है।
(कहानी आगे बढ़ती है…

हम दोनों ने और कई वीडियो बनाए। एक बार बारिश में खेत में, जहां सुनीता ने घुटनों के बल बैठकर मेरा लंड चूसा। उसकी साड़ी गीली हो गई थी, छाती साफ दिख रही थी। मैंने उसे खेत में ही झुका कर चोदा। “आह्ह्ह… रामलाल, गांव वाले देख लेंगे।” लेकिन मैंने सुना नहीं, जोर जोर से धक्के मारे। उसकी चूत से रस निकलकर मिट्टी में गिर रहा था।)
(अगली रात घर में, विक्रम फिर आया। तीनों ने मिलकर सेक्स किया। सुनीता ने विक्रम का लंड भी चूसा जबकि मैं उसकी गांड मार रहा था। “दोनों लंड एक साथ… आह्ह्ह… मर गई।” उसकी चूत और गांड दोनों भरी हुई थीं। माल दोनों ने उसकी मुंह में डाला। वो सब चाटकर पी गई।)
(इस तरह हमारी जिंदगी सेक्स वीडियो से भरी हुई है। देहाती बिहार यूपी की गंदी गंदी चुदाई, जहां चूत, लंड, गांड, रस सब खुलकर खेलता है। हर रात नई कहानी बनती है, नया वीडियो बनता है। सुनीता अब और भी गंदी बातें बोलती है। “रामलाल, आज मेरी चूत में माल डाल, बच्चा पैदा कर।” मैं चोदता हूं और सोचता हूं कि अगला वीडियो और ज्यादा गंदा बनेगा। यही हमारी देहाती सेक्स की असली मजा है।)