Site realindiansexstories.co.in Girlfriend Ki Bedroom Chudai
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में एक छोटे से फ्लैट में रहता हूँ। उम्र मेरी २८ साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। आज मैं आपको अपनी असली कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो मेरी गर्लफ्रेंड प्रिया के साथ हुई। प्रिया मेरी कॉलेज की दोस्त थी, लेकिन बाद में हमारी दोस्ती प्यार में बदल गई। वो भी दिल्ली में ही रहती है, उसके माता-पिता दूसरे शहर में हैं इसलिए वो अक्सर मेरे फ्लैट आती रहती है।
एक बार की बात है, बारिश का मौसम था। शाम के छह बजे प्रिया ने फोन किया कि वो आ रही है। मैंने फ्लैट साफ किया, बियर की दो बोतलें फ्रिज में रख दीं। जब वो आई तो देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। प्रिया ने टाइट जींस और छोटी सी टॉप पहनी हुई थी। उसके बड़े-बड़े स्तन टॉप से बाहर आने को बेताब थे। उसकी कमर पतली थी और गोल-गोल गांड इतनी मोटी कि जींस फटने लगी थी।
“राहुल, आज बहुत थक गई हूँ,” वो बोली और सीधे मेरे बेड पर लेट गई। मैं उसके पास बैठा और उसके बालों में हाथ फिराने लगा। धीरे-धीरे मैंने उसके गाल पर किस किया। वो मुस्कुराई और मुझे अपनी तरफ खींच लिया। हमारा किस शुरू हो गया। उसकी जीभ मेरी जीभ से लिपट गई। मैंने उसके टॉप के अंदर हाथ डाला और उसकी ब्रा के ऊपर से उसके स्तनों को दबाया। वो सिसकने लगी, “आह्ह… राहुल, धीरे से…”
मैंने उसका टॉप उतारा। सामने दो मोटे, गोरे स्तन थे। निप्पल्स सख्त खड़े थे। मैंने एक निप्पल को मुंह में लिया और चूसने लगा। प्रिया चीखने लगी, “चूस ले मेरे बोब्स को, चूस… मेरा दूध निकाल दे!” मैं दूसरे स्तन को हाथ से मसल रहा था। नीचे उसकी जींस में उसकी चूत गीली हो चुकी थी। मैंने उसकी जींस का बटन खोला और हाथ अंदर डाला। उसकी चूत पूरी तरह बालों वाली और गर्म थी। उंगलियां फिसल गईं।
“प्रिया, तेरी चूत कितनी गीली है,” मैंने कहा। वो बोली, “तेरे लंड के लिए ही तो गीली हुई है, अब जल्दी से निकाल अपना लंड!” मैंने अपनी पैंट उतारी। मेरा लंड नौ इंच का, मोटा और नसों से भरा हुआ था। प्रिया ने उसे हाथ में लिया और ऊपर-नीचे करने लगी। “कितना बड़ा है तेरा लंड, आज मेरी चूत फाड़ देगा,” वो बोली और मुंह में ले लिया। उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी। वो गले तक ले जा रही थी और चूस रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर उसके मुंह को आगे-पीछे कर रहा था। “हां प्रिया, चूस मेरे लंड को, पूरा रस पी ले!”
पंद्रह मिनट बाद मैंने उसे बेड पर लिटाया। उसकी जींस और पैंटी उतार दी। उसकी चूत पूरी तरह गीली थी, रस बह रहा था। मैंने उसकी जांघें फैलाईं और अपनी जीभ से उसकी चूत चाटने लगा। क्लिटोरिस को चूसता और अंदर जीभ डालता। प्रिया पागल हो रही थी, “आह्ह… राहुल… चाट मेरी चूत… तेरी जीभ से मेरा रस निकाल… मैं मर जाऊंगी!” मैंने दो उंगलियां अंदर डालीं और तेजी से आंदोलन करने लगा। उसकी चूत से छप-छप की आवाज आ रही थी।
फिर मैं ऊपर आया और अपना लंड उसकी चूत पर रखा। धीरे से दबाया। लंड का सिरा अंदर गया। प्रिया चीख पड़ी, “आह्ह… धीरे…

मोटा है!” मैंने जोर लगाया और आधा लंड अंदर कर दिया। उसकी चूत बहुत टाइट थी। मैं धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर कर दिया। प्रिया की आंखें बंद हो गईं। “चोद मुझे राहुल, तेरी गर्लफ्रेंड की चूत फाड़ दे!” मैंने रफ्तार पकड़ी। लंड बाहर निकालता और जोर से ठोकता। उसकी गांड के नीचे बेड हिल रहा था।
हम पोजीशन बदलते रहे। पहले मिशनरी में, फिर वो ऊपर आई और मेरे लंड पर चढ़ गई। वो ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैं उन्हें हाथ से दबा रहा था। “तेरी चूत में मेरा लंड कितना मजा दे रहा है,” मैं बोला। वो बोली, “बहुत मजा… अब गांड में डाल!” मैंने उसे कुत्ते वाली पोजीशन में कर दिया। उसकी गांड ऊपर उठा दी। मैंने थूक लगाया और लंड गांड में डालने लगा। प्रिया चीख रही थी, “आह्ह… गांड फट रही… धीरे… लेकिन चोद!” धीरे-धीरे लंड अंदर गया। मैं तेजी से ठोकने लगा। उसकी गांड लाल हो गई थी।
हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। मैंने फिर चूत में डाला और बीस मिनट तक लगातार चोदा। अंत में मैंने कहा, “प्रिया, मैं झड़ने वाला हूँ!” वो बोली, “मेरी चूत में ही निकाल!” मैंने जोर से ठोका और गर्म-गर्म रस उसकी चूत में भर दिया। वो भी झड़ गई, उसकी चूत कस गई और रस निकला।
हम थककर लेट गए। लेकिन कुछ देर बाद फिर शुरू हो गया। पूरी रात हम चोदते रहे। प्रिया की चूत, गांड, मुंह सब इस्तेमाल किया। सुबह तक हम थक चुके थे।
(यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती, दोस्तों। अगली बार और डिटेल में बताऊंगा कि कैसे हमने ऑफिस के बाद कार में चुदाई की और साइट realindiansexstories.co.in पर अपनी स्टोरी शेयर करने का प्लान बनाया। प्रिया अब मेरी पर्मानेंट गर्लफ्रेंड है और हर हफ्ते नई-नई तरीकों से चुदती है। उसकी चूत का स्वाद अभी भी याद आता है।)