
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम नितिक है। मैं मुंबई के एक छोटे से फ्लैट में रहता हूँ और ऑफिस की जॉब करता हूँ। मेरी उम्र 28 साल है और मैं काफी फिट हूँ। कुछ महीने पहले मेरी जिंदगी में एक ऐसी लड़की आई जिसका नाम अक्षरा था। वो मेरी ऑफिस की सहकर्मी थी। अक्षरा की उम्र 26 साल थी, उसकी हाइट 5'5" थी, गोरी चमड़ी, भरे हुए स्तन, चौड़ी कमर और गोल-गोल गोलियां जैसी गांड। उसकी आँखें बड़ी-बड़ी थीं और होंठ इतने रसीले कि देखते ही चूसने का मन करता।
हम दोनों एक ही प्रोजेक्ट पर काम करते थे। पहले तो बस दोस्ती थी लेकिन धीरे-धीरे बातें रोमांटिक होने लगीं। एक शाम ऑफिस के बाद बारिश में हम दोनों स्कूटर पर घर जा रहे थे। अक्षरा मेरे पीछे बैठी थी और उसकी नरम छाती मेरी पीठ से सट रही थी। बारिश की वजह से उसकी साड़ी भीग गई थी और उसके स्तनों के निप्पल साफ दिख रहे थे। मैंने महसूस किया कि मेरा लंड खड़ा हो रहा है।
घर पहुँचकर मैंने उसे चाय पीने के लिए बुलाया। फ्लैट में हम दोनों अकेले थे। अक्षरा ने कहा, "नितिक, आज कुछ अलग सा लग रहा है।" मैंने उसके पास जाकर उसके गाल को छुआ। वो मुस्कुराई और मेरे लंड पर हाथ रख दिया। "वाह, कितना हार्ड हो गया है तेरा लंड।" मैंने तुरंत उसकी साड़ी खींची और ब्लाउज के बटन खोले। उसके स्तन ब्रा से बाहर निकल आए, बड़े, गोल और भारी। निप्पल सख्त हो चुके थे। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। अक्षरा चीखी, "आह्ह्ह नितिक, चूस ले मेरे स्तनों को, और जोर से!"
मैंने उसकी ब्रा उतारी और दूसरे स्तन को हाथ में लेकर दबाया। फिर उसकी पेटीकोट खोली। अंदर पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी उतारी तो उसकी चूत सामने थी, गुलाबी, बालों वाली और चमकदार रस से तर। मैंने उंगली डाली तो अक्षरा काँप गई। "अरे यार, तेरी चूत कितनी गर्म और टाइट है!" मैंने दो उंगलियाँ अंदर डालीं और अंदर-बाहर करने लगा। अक्षरा की साँस तेज हो गई। "नितिक, अब चोद मुझे, अपना लंड डाल दे मेरी चूत में!"
मैंने अपना लंड निकाला, 7 इंच का मोटा लंड, नसों से भरा हुआ। अक्षरा ने उसे हाथ में लिया और सहलाने लगी। "कितना बड़ा है तेरा लंड, आज तो मेरी चूत फट जाएगी।" मैंने उसे बेड पर लिटाया, पैर फैलाए और लंड की नोक उसकी चूत पर रखी। धीरे से धक्का मारा। लंड का सिरा अंदर गया। अक्षरा चीख पड़ी, "आह्ह्ह, धीरे नितिक, दर्द हो रहा है!" लेकिन मैंने और जोर लगाया। पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया।
अब मैं तेजी से चोदने लगा। "थप थप" की आवाजें पूरे कमरे में गूँज रही थीं। अक्षरा के स्तन उछल रहे थे। मैंने उसके स्तनों को पकड़कर और जोर से चोदा। "ले ले मेरी चूत, तेरी रंडी चूत को चोद रहा हूँ!" अक्षरा भी गंदी बातें करने लगी, "हाँ नितिक, मेरी चूत फाड़ दे, अपना गरम रस भर दे अंदर!" हम दोनों पसीने से लथपथ हो गए थे।
मैंने उसे उल्टा कर दिया, गांड ऊपर करके। उसकी गांड के छेद को देखकर मेरा लंड और सख्त हो गया। मैंने लंड उसकी चूत में डाला और गांड को थपथपाने लगा। "क्या गोल-गोल गांड है तेरी, आज इसको भी चोदूंगा!" अक्षरा ने कहा, "नहीं नितिक, गांड में दर्द होगा!" लेकिन मैंने धीरे से उंगली डाली और फिर लंड निकालकर गांड के पास रखा। थोड़ा सा धक्का और लंड का आधा हिस्सा अंदर चला गया। अक्षरा चीख रही थी लेकिन मजा भी ले रही थी।
हम घंटों चोदते रहे। मैंने उसे अलग-अलग पोजीशन में चोदा – मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल। हर बार उसकी चूत से रस बह रहा था। आखिर में मैंने लंड निकाला और उसके स्तनों पर झड़ गया। गरम-गरम रस उसके शरीर पर फैल गया। अक्षरा ने उसे उंगलियों से लगाकर चखा।
इसके बाद हम दोनों थककर सो गए। सुबह फिर से शुरू हुआ। अक्षरा ने कहा, "नितिक, ये हमारी HD romantic video जैसी है, डाउनलोड कर लेंगे यादों में।" हमने फिर चोदा, इस बार और लंबे समय तक। उसकी चूत बार-बार झड़ रही थी। मैंने उसकी गांड भी पूरी तरह चोदी।
दोस्तों, ये कहानी सच है। अक्षरा और मैं अब नियमित रूप से मिलते हैं और चोदते हैं। उसकी चूत अब मेरे लंड की आदी हो गई है। हर बार नई-नई गंदी बातें, नए पोजीशन। अगर आपको ये कहानी पसंद आई तो कमेंट करना, अगली कहानी और भी डर्टी होगी।