नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ और एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। आज मैं आपको अपनी बीवी ममता की पहली रात की वो सारी बातें बता रहा हूँ जो आज तक किसी से नहीं कही। ममता मेरी कजिन की दोस्त थी, शादी के बाद वो मेरी जान बन गई। शादी के दिन से ही उसकी गोरी गोल छाती और मोटी गांड मुझे पागल कर रही थी। पहली रात जब हम दोनों होटल के सूट में अकेले हुए तो मेरा लंड पहले ही तन चुका था।
मैंने दरवाजा बंद किया और ममता को देखा। वो लाल साड़ी में थी, चेहरा शरम से लाल। मैंने उसे दीवार से लगाकर उसके होंठों पर जोर से किस किया। उसकी सांसें तेज हो गईं। मैंने उसके कान में फुसफुसाया, “ममता, आज रात तू मेरी है, तेरी चूत फाड़ दूंगा।” वो शरमा गई लेकिन उसकी आँखों में भूख थी। मैंने उसकी साड़ी का पल्लू खींचा, उसकी भारी छातियाँ ब्लाउज में जकड़ी हुई थीं। ब्लाउज के हुक खोले तो उसकी गोल-गोल, सफेद-गोरी छातियाँ बाहर निकल आईं। निप्पल सख्त हो चुके थे। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। ममता आहें भरने लगी, “राहुल… धीरे… अह्ह्ह…”
मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। साड़ी पूरी उतार दी। अब वो सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थी। पेटीकोट का नाड़ा खींचा तो उसकी मोटी जांघें और गुलाबी चूत दिखने लगी। चूत पर हल्के बाल थे, रस से गीली हो रही थी। मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली। ममता चीख पड़ी, “आह्ह्ह… राहुल, तेरी उंगली अंदर… चूत जल रही है।” मैंने दो उंगलियां अंदर डालकर तेजी से घुमाने लगा। उसका रस मेरे हाथ पर बहने लगा। मैंने अपनी पैंट उतारी, लंड बाहर निकाला। ममता की आँखें फट गईं, “कितना मोटा है तेरा लंड… पहली बार देख रही हूँ इतना बड़ा।”
मैंने लंड उसके मुंह के पास रखा। “चूस इसे, रानी।” ममता ने हिचकिचाते हुए लंड मुंह में लिया। उसकी गर्म सांसों ने मुझे और उत्तेजित कर दिया। वो चूसने लगी, जीभ से लंड के सिरे को चाटने लगी। मैंने उसके बाल पकड़कर लंड गले तक ठेला। “गले तक ले, ममता। तेरी चूत में भी इतना ही घुसाएगा।” वो खांसने लगी लेकिन चूसती रही। लंड पर उसकी लार टपक रही थी।
फिर मैंने उसे उल्टा कर दिया। उसकी मोटी गांड ऊपर उठा दी। गांड की दरार में उंगली फेरते हुए बोला, “आज तेरी गांड भी मारूंगा।” ममता ने मना किया, “नहीं राहुल, पहली रात चूत ही फाड़।” लेकिन मैंने लंड उसकी चूत पर रखा और एक जोरदार झटका मारा। लंड आधा अंदर घुस गया। ममता चीखी, “आह्ह्ह… मर गई… लंड फट रहा है चूत… धीरे… अह्ह्ह!” मैंने और जोर से धक्का दिया। पूरा लंड उसकी गीली चूत में समा गया। चूत का रस लंड पर चिपक रहा था।
मैंने तेजी से चोदना शुरू किया। “थप थप” की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। ममता की छातियाँ हिल रही थीं। मैंने उन्हें हाथ में लिया और निचोड़ते हुए चोदता रहा। “ले, ममता… तेरी चूत का रस निकाल दूंगा।” वो चीख रही थी, “चोदो मुझे… और जोर से… चूत फट रही है… अह्ह्ह… राहुल… मैं झड़ने वाली हूँ!” उसका शरीर कांपने लगा, चूत से गरम रस निकला और मेरे लंड को भिगो दिया।
मैंने लंड बाहर निकाला और ममता को घुमाकर उसकी गांड चाटने लगा। गांड की सिलवटें चाटते हुए बोला, “तेरी गांड भी मीठी है।” फिर लंड गांड के छेद पर रखा और धीरे से दबाया। ममता चीखी, “नहीं… दर्द हो रहा…

अह्ह्ह!” लेकिन लंड का सिरा अंदर घुस गया। मैंने और धक्का दिया। आधा लंड गांड में घुसा। ममता रोने लगी, “राहुल… निकालो… गांड फट जाएगी!” मैं रुका नहीं, पूरा लंड अंदर ठेल दिया। गांड की मांसपेशियां मेरे लंड को कस रही थीं।
मैंने धीरे-धीरे चोदना शुरू किया। “गांड मारने का मजा ही अलग है।” ममता की सांसें फूल रही थीं। मैंने उसकी पीठ पर झुककर उसके स्तन निचोड़े और तेजी से गांड मारी। “ले… तेरी गांड का छेद चौड़ा कर दूंगा।” कुछ देर बाद ममता भी चीखने लगी, “आह्ह्ह… अब अच्छा लग रहा… और जोर से चोद गांड… अह्ह्ह!” मैंने रफ्तार बढ़ा दी। लंड अंदर-बाहर हो रहा था, गांड का रस निकल रहा था।
पहला दौर खत्म होने के बाद मैंने ममता को अपनी गोद में बैठाया। वो मेरे लंड पर बैठ गई। चूत में लंड घुसा और वो ऊपर-नीचे होने लगी। उसकी छातियाँ मेरे मुंह के सामने झूल रही थीं। मैं एक-एक करके चूसता रहा। “राहुल… तेरे लंड से चूत भर गई… अह्ह्ह… मैं फिर झड़ रही हूँ!” वो झड़ गई, रस लंड पर बहा।
रात भर हमने कई पोजीशन में चोदा। डॉगी स्टाइल में, मिशनरी में, साइड में। हर बार ममता चीखती, “चोदो… चूत फाड़ दो… गांड भी मारो!” सुबह होने तक हम दोनों थक चुके थे। ममता की चूत और गांड दोनों लाल हो चुकी थीं, मेरे लंड पर उसके रस और मेरे वीर्य का मिश्रण लगा था।
वो मेरी बाहों में सो गई। मैं सोच रहा था कि ये पहली रात सिर्फ शुरूआत है। आगे और कितनी गंदी गंदी चुदाइयां होंगी। ममता की पहली रात की याद आज भी मुझे लंड खड़ा कर देती है।