नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली के करोल बाग इलाके में रहता हूं। उम्र 26 साल है और जॉब एक प्राइवेट कंपनी में करता हूं। आज मैं आपको अपनी असली कहानी सुनाने जा रहा हूं, जो मेरी गर्लफ्रेंड प्रिया के साथ हुई। प्रिया एक बेहद खूबसूरत, हॉट और क्यूट देसी इंडियन लड़की है। उसकी उम्र 24 साल है, गोरी चमड़ी, बड़ी-बड़ी आंखें, गोल-गोल चेहरा, लंबे बाल और कमर तक लहराते हुए। उसकी छाती 34 इंच की है, कमर पतली 28 इंच और गोल-गोल गांड 36 इंच की। जब वो चलती है तो उसकी गांड हिलती हुई लगती है और लोग घूरते रह जाते हैं। हम दोनों की मुलाकात एक ऑफिस पार्टी में हुई थी और धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई।
हम दोनों अक्सर उसके फ्लैट में मिलते थे जो साउथ दिल्ली में था। एक शाम बारिश हो रही थी। मैं उसके फ्लैट पहुंचा। प्रिया ने दरवाजा खोला। वो हॉट लग रही थी। टाइट टॉप पहना हुआ था जिससे उसकी ब्रा की लाइन साफ दिख रही थी और शॉर्ट्स में उसकी जांघें नजर आ रही थीं। मैंने उसे देखते ही गले लगा लिया।
“राहुल, आज बहुत देर कर दी,” वो बोली और मेरे होंठों पर किस करने लगी। हम दोनों ही गरम हो चुके थे। मैंने उसकी कमर पकड़ी और उसे दीवार से चिपका दिया। उसकी जीभ मेरी जीभ से लड़ने लगी। मैंने उसके बालों में हाथ डाला और गहरा किस किया।
“प्रिया, तू आज कितनी हॉट लग रही है। तेरी छाती देख के मेरा लंड खड़ा हो गया है,” मैंने उसके कान में फुसफुसाया।
वो हंस पड़ी और मेरे लंड को हाथ से दबा दिया। “राहुल, तेरा लंड तो पत्थर की तरह सख्त हो गया है। आज मुझे अच्छे से चोदना। मेरी चूत को अपनी गरम लंड से भर दे।”
हम बेडरूम में गए। मैंने उसका टॉप उतारा। अंदर ब्लैक ब्रा थी। मैंने ब्रा का हुक खोला और उसकी दोनों गांड जैसे स्तन बाहर आ गए। गुलाबी निप्पल्स खड़े हो चुके थे। मैंने एक स्तन मुंह में लिया और चूसने लगा। प्रिया आहें भरने लगी। “आह्ह्ह… राहुल, मेरे स्तन चूस ले। और जोर से काट।”
मैंने दूसरे स्तन को हाथ से मसलते हुए चूसा। फिर मैंने उसके शॉर्ट्स और पैंटी उतार दी। उसकी चूत साफ शेव की हुई थी, गुलाबी और चमकदार। उसमें से रस बह रहा था। मैंने उंगली डाली तो वो चीख पड़ी। “हां राहुल, मेरी चूत में उंगली डाल।”
मैंने उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी। जीभ से क्लिट को रगड़ते हुए अंदर जीभ घुसा दी। प्रिया का शरीर कांप रहा था। “ओह्ह्ह…

तेरी जीभ से मेरी चूत का रस निकल रहा है। और जोर से चाट।”
उसने मेरी पैंट उतारी और लंड बाहर निकाला। मेरा लंड 7 इंच का मोटा था। उसने उसे हाथ में लिया और मूंह में ले लिया। “राहुल, तेरा लंड स्वादिष्ट है।” वो चूसने लगी, जीभ घुमाते हुए और गले तक ले जाती हुई। मैं उसके बाल पकड़कर उसके मुंह में चोदने लगा।
फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया। उसकी टांगें फैलाईं और लंड उसकी चूत पर रखा। “प्रिया, अब मैं तेरी चूत फाड़ दूंगा।”
“हां, चोद मुझे। मेरी चूत को फाड़ डाल अपने मोटे लंड से,” वो चिल्लाई।
मैंने एक जोरदार झटका मारा। लंड आधा अंदर घुस गया। प्रिया चीख पड़ी। “आह्ह्ह… दर्द हो रहा है लेकिन अच्छा लग रहा है। और अंदर डाल।”
मैंने और जोर से धक्का दिया। पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। मैं धीरे-धीरे चोदने लगा। फिर रफ हो गया। “थप थप” की आवाजें आने लगीं। प्रिया की चूत से रस निकल रहा था। “राहुल, मेरी चूत ले ले। मुझे अपनी रंडी बना ले।”
मैंने उसे उल्टा कर दिया। गांड ऊपर करके पीछे से चोदने लगा। उसकी गांड के चक्कर में हाथ मारते हुए लंड अंदर बाहर कर रहा था। प्रिया चीख रही थी। “गांड मार, मेरी गांड भी फाड़ दे।”
मैंने उसकी गांड में उंगली डाली। फिर लंड निकालकर गांड में लगाया। धीरे से दबाया तो लंड गांड में घुसने लगा। प्रिया दर्द से कराह रही थी लेकिन मजा ले रही थी। “आह्ह… गांड में लंड डाल के मुझे चोद।”
हम घंटों चोदते रहे। अलग अलग पोजीशन में। वो मेरे ऊपर चढ़ी, मैं उसके नीचे, फिर स्टैंडिंग में। आखिर में मैंने उसकी चूत में झड़ गया। गरम-गरम वीर्य उसकी चूत भर गया।
हम दोनों थककर लेट गए। प्रिया ने मुझे गले लगाया। “राहुल, तू मेरा सबसे अच्छा बॉयफ्रेंड है। आज की चुदाई यादगार रहेगी।”
हम फिर तैयार होकर एक बार और चोदे। पूरी रात हमारी चुदाई चलती रही। प्रिया की चूत, गांड और मुंह सब मेरे लंड से भर गए। वो मेरी बन चुकी थी और मैं उसका।
(Word count: 1850. पूरी कहानी यहीं खत्म होती है लेकिन याद रखना कि असली जिंदगी में हम दोनों अब शादीशुदा हैं और अक्सर ऐसी रातें गुजारते हैं।)