नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ लेकिन हर साल गर्मियों में अपने ननिहाल गाँव जाता हूँ। इस बार जब मैं गाँव पहुँचा तो सब कुछ पुराना ही लगा, लेकिन एक नई बात थी। मेरे चाचा की बेटी, यानी मेरी चचेरी बहन पूजा, अब अठारह साल की हो चुकी थी। देहाती लड़की जैसी मोटी कमर, भारी-भारी स्तन, गोल-गोल गांड और चेहरे पर वो देहाती मासूमियत।
एक शाम हम दोनों खेत के पास बैठे थे। पूजा ने कहा, “भैया, मोबाइल में वो वाली वीडियो दिखाओ ना जो तुम शहर से लाए हो।” मैंने पूछा, “कौन सी वीडियो?” वो शरारत से हँसी और बोली, “देहाती मasti video वाली।” मेरे लंड में तुरंत खिंचाव महसूस हुआ। मैंने अपना फोन निकाला और एक पुरानी देहाती स्टाइल की ब्लू फिल्म चला दी। स्क्रीन पर एक गाँव की लड़की अपने लंड को चूस रही थी और जोर-जोर से चिल्ला रही थी, “अरे हाँ, मेरी चूत फाड़ दो!” पूजा की साँसें तेज हो गईं। उसकी आँखें स्क्रीन पर टिकी थीं और उसने अपनी जाँघें सटा लीं।
मैंने धीरे से उसका हाथ पकड़ा और कहा, “पूजा, असली मजा तो लंड चूसने में है।” वो शरमा गई लेकिन मना नहीं किया। मैंने उसे खेत के किनारे एक पुराने झोपड़े में ले गया। अंदर अंधेरा था, बस मोबाइल की टॉर्च जल रही थी। पूजा ने अपनी साड़ी ऊपर उठाई। उसकी सफेद जाँघें चमक रही थीं। मैंने उसके स्तनों पर हाथ फेरा। दोनों स्तन इतने भारी थे कि एक हाथ में समाते ही नहीं थे। निप्पल सख्त हो चुके थे। मैंने एक निप्पल को मुँह में लिया और चूसा। पूजा सिसकारियाँ लेने लगी, “आह्ह्ह…

राहुल भैया, धीरे से… मेरा दूध निकाल दोगे क्या?”
मैंने उसकी साड़ी पूरी उतार दी। वो सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थी। मैंने ब्लाउज के हुक खोले। दो बड़े-बड़े स्तन बाहर आ गए, जैसे आम के फल। मैंने दोनों को दबाया और बीच में मुँह लगाकर चाटा। पूजा की चूत से पहले ही रस टपकने लगा था। मैंने पेटीकोट का नाड़ा खोला। अंदर से उसकी गीली, घनी जांघें और बीच में गुलाबी, फूली हुई चूत दिख रही थी। बाल थोड़े-थोड़े थे लेकिन चूत के होठ मोटे और रस से चमक रहे थे। मैंने उंगली डाली। अंदर से गरम-गरम और चिपचिपा। पूजा चीख पड़ी, “उफ्फ्फ… उंगली मत डालो, जलन हो रही है!”
मैंने अपना लंड निकाला। आठ इंच का मोटा, नसों से भरा लंड, जिसका सिरा लाल हो रहा था। पूजा ने उसे देखकर आँखें फाड़ दीं। “इतना बड़ा? मेरी चूत फट जाएगी!” मैंने उसे घुटनों के बल बिठाया और लंड उसके मुँह में ठूंस दिया। वो चूसने लगी, “चल… चल… पूरा अंदर ले!” उसकी जीभ लंड के नीचे घूम रही थी और थूक से लंड चमक रहा था। मैंने उसके बाल पकड़कर जोर-जोर से मुँह चोदा। “ले ले मेरी रांड, देहाती चूत वाली!”
फिर मैंने उसे पीठ के बल लिटाया। उसकी टाँगें फैलाईं और लंड चूत पर रगड़ने लगा। चूत के रस से मेरा लंड पूरा गीला हो गया। एक जोर का झटका मारा। लंड आधा अंदर घुस गया। पूजा चीख उठी, “आय्य्य्य माँ… फट गई मेरी चूत!” खून और रस का मिश्रण निकलने लगा। मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाए। हर धक्के पर उसकी गांड उछलती, स्तन लहराते। “चोदो मुझे… जोर से चोदो… देहाती मasti video जैसा बना दो!”
हमने मोबाइल पर रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। स्क्रीन पर हम दोनों दिख रहे थे। मैंने पूजा को कुत्ते वाली पोज में करवाया। गांड ऊपर उठाकर, चूत पीछे की तरफ। मैंने पीछे से लंड घुसाया। इस बार पूरा अंदर चला गया। पूजा की गांड पर थप्पड़ मारते हुए चोदने लगा। “देख ले, तेरी चूत कैसे फट रही है!” थप-थप-थप की आवाजें झोपड़े में गूँज रही थीं। रस की चप-चप की आवाजें, पूजा की चीखें, “हाँ… और गहरा… मेरी चूत में अपना रस भर दो!”
मैंने उसे उल्टा लिटाकर ऊपर चढ़ गया। उसके स्तनों को दबाते हुए लंड अंदर-बाहर करता रहा। पूजा का शरीर काँप रहा था। “आने वाला है… मेरी चूत झड़ने वाली है!” उसकी चूत ने मेरे लंड को कस लिया और गरम-गरम रस निकल पड़ा। मैं भी रुक नहीं सका। “ले ले मेरा गरम माल!” लंड फड़ककर उसकी चूत में झड़ गया। मोटा-मोटा वीर्य अंदर भर गया, बाहर निकलकर चूत के होठों पर बहने लगा।
लेकिन मasti अभी खत्म नहीं हुई। हमने वीडियो बंद करके फिर शुरू किया। इस बार पूजा ने खुद मेरा लंड चूसा, सारा वीर्य चाट लिया। फिर हमने साइड वाली पोज में चोदाई की। मेरी उंगली उसकी गांड में घुसा दी। पूजा चीखी, “नहीं… गांड मत मारो!” लेकिन मैंने धीरे से दो उंगलियाँ डाल दीं। चूत और गांड दोनों से रस टपक रहा था।
रात भर हमने तीन बार और चोदाई की। हर बार नई पोज, हर बार नया गंदा बोल। सुबह जब हम अलग हुए तो पूजा ने कहा, “भैया, ये देहाती masti video हम दोनों की रहेगी। अगली बार और लंबी बनाएंगे।”
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