नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली के करोल बाग इलाके में रहता हूं, एक छोटे से फ्लैट में। उम्र मेरी पच्चीस साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूं। आज मैं आपको अपनी गर्लफ्रेंड प्रिया के साथ की वो वाली रात की कहानी सुनाने जा रहा हूं जो अभी भी मेरे दिमाग में ताजा है। प्रिया मेरी कॉलेज की दोस्त थी, लेकिन दो साल पहले हमने डेटिंग शुरू की। वो उम्र में इक्कीस साल की है, गोरी चमड़ी, मोटी-मोटी जांघें, 34 साइज की भारी-भरी छातियां और गोल-गोल गोलाई वाली गांड। उसकी चूत हमेशा गीली रहती थी जब भी मैं उसे छूता।
वो रात मॉनसून की थी। बारिश जोरों से हो रही थी। प्रिया मेरे फ्लैट पर आई थी क्योंकि उसके पापा-मम्मी गांव गए हुए थे। वो दरवाजे पर खड़ी थी, भीगी हुई, उसकी वेट टी-शर्ट में उसके निप्पल साफ दिख रहे थे। मैंने उसे अंदर खींचा और दरवाजा बंद किया। “राहुल, आज तो बहुत गरम लग रही हूं,” प्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा। मैंने उसे दीवार से लगाया और उसके होंठों पर अपना मुंह मार दिया। हमारा किसिंग शुरू हो गया। उसकी जीभ मेरी जीभ से लिपट रही थी, लार टपक रही थी। मैंने उसकी टी-शर्ट ऊपर खींची और उसकी छातियां बाहर निकाल लीं। दूधिया गोरे स्तन, गुलाबी निप्पल। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। प्रिया चीख पड़ी, “आह्ह्ह… राहुल, चूस ले मेरे बोब्स को, और जोर से काट ले।”
मैंने दूसरी छाती भी चूसी, दांतों से निप्पल को काटा। प्रिया की सांस तेज हो गई। मैंने उसके जींस का बटन खोला और हाथ अंदर डाला। उसकी चूत पूरी तरह गीली थी। “साली, तेरी चूत तो पहले से ही रस बहा रही है,” मैंने कहा। प्रिया हंसी, “हां बीएफ, तेरे लंड का इंतजार कर रही थी।” मैंने उसकी जींस और पैंटी एक साथ नीचे उतारी। उसकी चिकनी, गंजी चूत सामने थी, छोटे-छोटे बाल कटे हुए। मैं घुटनों के बल बैठ गया और उसकी चूत चाटने लगा। जीभ से क्लिट को रगड़ रहा था। प्रिया मेरे बाल पकड़कर अपना सिर दबा रही थी, “चाट मेरी चूत को, लंडू, और गहराई तक जीभ डाल।” मैंने जीभ अंदर डाली, उसका रस मीठा था। वो जोर-जोर से चीख रही थी।
फिर प्रिया ने मुझे खड़ा किया और मेरी पैंट उतारी। मेरा लंड फूलकर सात इंच का खड़ा हो चुका था, मोटा और नसों से भरा। उसने लंड पकड़ा और मूंह में लिया। “उम्म्म…

तेरा लंड कितना गर्म है,” वो बोली और पूरा लंड गले तक ले गई। चूसने लगी, जीभ से नीचे से ऊपर तक चाट रही थी। लंड से प्री-कम निकल रहा था जिसे वो चाट रही थी। मैंने उसके बाल पकड़कर मुंह चोदना शुरू किया। “ले साली रंडी, पूरा लंड निगल ले,” मैं गंदी बातें कर रहा था। प्रिया की आंखों से आंसू आ गए लेकिन वो रुक नहीं रही थी।
हम बेडरूम में गए। बारिश की आवाज बाहर आ रही थी। प्रिया बिस्तर पर लेट गई, पैर फैला दिए। मैं उसके ऊपर चढ़ा और लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा। “डाल दे राहुल, अब और मत तड़पा,” प्रिया चीखी। मैंने एक झटके में आधा लंड अंदर घुसा दिया। प्रिया चीख पड़ी, “आह्ह्ह… फट गई मेरी चूत!” मैं धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर डालता गया। उसकी चूत गर्म और टाइट थी। मैं चोदने लगा, जोर-जोर से धक्के मार रहा था। “चोद मुझे, बीएफ, मेरी चूत फाड़ डाल,” प्रिया बोल रही थी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने एक हाथ से उसकी गांड दबाई और उंगली अंदर डाली।
हम पोजीशन बदलते गए। पहले डॉगी स्टाइल। प्रिया घुटनों के बल, गांड ऊपर। मैं पीछे से लंड डाला। गांड के चीकों के साथ चूत चोद रहा था। “देख मेरी गांड, कितनी मोटी है,” प्रिया ने कहा। मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारे, लाल निशान पड़ गए। लंड से चूत का रस निकलकर जांघों पर बह रहा था। फिर वो मेरे ऊपर बैठ गई। लंड उसकी चूत में डालकर वो ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन मेरे मुंह में थे। “रस निकाल ले मेरे अंदर,” वो बोली। मैंने जोर से धक्के मारे, उसकी चूत से छप-छप की आवाज आ रही थी।
हम दोनों पसीने से लथपथ हो गए थे। मैंने प्रिया को पीठ के बल लिटाया और उसके पैर कंधों पर रखकर चोदा। लंड पूरी गहराई तक जा रहा था। प्रिया का शरीर कांप रहा था। “आने वाली हूं राहुल, चोदते रह,” वो चीखी। मैंने तेजी बढ़ाई। उसकी चूत सिकुड़ गई और गरम-गरम रस निकला, मेरे लंड पर बह गया। मैं भी रुक नहीं सका। “ले मेरे बीएफ का माल,” मैंने कहा और अंदर ही झड़ गया। गरम-गरम वीर्य उसकी चूत भर गया।
लेकिन हम रुके नहीं। थोड़ी देर बाद फिर शुरू किया। प्रिया ने मेरा लंड चूसा, साफ किया। फिर मैंने उसकी गांड में उंगली डाली। “गांड मारोगे?” प्रिया ने पूछा। मैंने हां कहा। थोड़ा तेल लगाया और लंड गांड में घुसाया। वो दर्द से चीखी लेकिन फिर मजा आने लगा। “गांड चोद, साली की,” मैं बोलता रहा। हम घंटों चोदते रहे। सुबह तक तीन बार झड़ चुके थे। प्रिया की चूत और गांड दोनों लाल हो गई थीं। रस और वीर्य से पूरा बिस्तर गीला था।
ये थी हमारी वो गंदी रात। प्रिया अब भी मेरी गर्लफ्रेंड है और हम अक्सर ऐसे मिलते हैं। अगर आपको ये कहानी पसंद आई तो कमेंट करना।