नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, करोल बाग के पास एक छोटे से फ्लैट में। उम्र मेरी पच्चीस साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। आज मैं आपको अपनी गर्लफ्रेंड अनन्या के साथ की वो वाली कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो सच में बहुत गंदी, गर्म और पूरी तरह रियल है। अनन्या मेरी कॉलेज की फ्रेंड थी, अब गर्लफ्रेंड। उसकी उम्र बाईस साल, गोरी चमड़ी, मोटी-मोटी जांघें, 34 के बड़े-बड़े स्तन और गोल-गोल गोल चूत जो हमेशा गीली रहती है।
हम दोनों अक्सर उसके PG में मिलते थे, लेकिन असली मजा तब आया जब उसके माता-पिता दो हफ्ते के लिए बाहर गए। मैं उसके घर गया। दरवाजा खोला तो अनन्या ने सिर्फ शॉर्ट्स और टाइट टॉप पहना हुआ था। उसके स्तन टॉप से बाहर निकलने को बेताब थे। मैंने उसे देखते ही पकड़ लिया और उसके होंठों पर अपना मुंह लगा दिया। हम दोनों जीभ से जीभ चूसने लगे। उसकी सांस गर्म थी। मैंने उसके टॉप के नीचे हाथ डाला और उसके निप्पल को उंगलियों से दबाया। अनन्या चीख पड़ी, “आह्ह राहुल… धीरे से… मम्मी-पापा नहीं हैं लेकिन पड़ोसी सुन लेंगे।”
मैंने उसे उठाकर बेडरूम में ले गया। बिस्तर पर लिटाते ही उसके शॉर्ट्स उतार दिए। अंदर कोई पैंटी नहीं थी। उसकी चूत पूरी तरह साफ शेव की हुई थी, होंठ गुलाबी और बीच में से रस टपक रहा था। मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली। अंदर गर्म और गीला था। अनन्या कराहने लगी, “हां राहुल, उंगली और अंदर डाल… मेरी चूत को फाड़ डाल।” मैंने दो उंगलियां अंदर-बाहर करने लगीं। उसका रस मेरे हाथ पर बह रहा था।
फिर मैंने अपना लंड निकाला। मेरा लंड सात इंच का मोटा और काला है, नसें उभरी हुई। अनन्या ने उसे देखते ही मुंह में ले लिया। उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी। वो चूस रही थी जैसे आइसक्रीम चूस रही हो। “चूस अनन्या, मेरे लंड का रस पी ले,” मैंने कहा। वो और जोर से चूसने लगी। उसकी लार मेरे अंडकोष तक बह रही थी।
मैंने उसे उल्टा कर दिया। उसकी गोल-गोल गांड मेरे सामने थी। मैंने उसके गांड के छेद पर थूक लगाया और उंगली डाली। अनन्या चिल्लाई, “नहीं राहुल, गांड में मत डाल… दर्द होगा।” लेकिन मैंने धीरे से दो उंगलियां गांड में घुसा दीं। वो मचलने लगी। मैंने अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया। एक जोरदार झटका और मेरा पूरा लंड अंदर चला गया। अनन्या चीख पड़ी, “आह्ह्ह… फाड़ दिया मेरी चूत को…

चोद मुझे जोर से!”
हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। मैं उसकी चूत को जोर-जोर से चोद रहा था। हर झटके में उसकी चूत से “प्लच-प्लच” की आवाज आ रही थी। रस चारों तरफ छिटक रहा था। अनन्या बोल रही थी, “हां हां… मेरी चूत तेरा लंड ले रही है… और गहराई तक चोद… मेरे स्तन दबा… निप्पल काट ले!” मैंने उसके स्तनों को दोनों हाथों से दबाया और निप्पलों को चूसा।
हमने पोजीशन बदली। अनन्या ऊपर बैठ गई। उसने मेरा लंड अपनी चूत में डाला और ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उन्हें हाथों से पकड़ लिया। अनन्या चीख रही थी, “मेरा नाम ले के चोद… अनन्या की चूत तेरा है… पूरी रात चोदना है मुझे!” मैंने उसके कूल्हों को पकड़कर ऊपर से धक्के मारे।
फिर मैंने उसे कुत्ते वाली पोजीशन में कर दिया। गांड ऊपर करके लंड पीछे से डाला। इस बार और गहराई तक जा रहा था। अनन्या का सिर तकिये में दबा हुआ था और वो चीख रही थी, “गांड भी चोद… दोनों छेद भर दे!” मैंने थूक लगाकर गांड में भी लंड डालने की कोशिश की। थोड़ी मुश्किल से सिरा घुसा। अनन्या दर्द से कांप रही थी लेकिन कह रही थी, “हां… धीरे-धीरे… अब और अंदर… मेरी गांड फाड़ डाल!”
हम घंटों चोदते रहे। कई बार उसकी चूत से रस निकला। मैंने भी दो बार झड़कर उसकी चूत में अपना गरम-गरम वीर्य भर दिया। अनन्या ने सब कुछ पी लिया। उसके शरीर पर पसीना, लार और वीर्य सब मिला हुआ था।
रात भर हमने अलग-अलग पोजीशन में चोदा। सुबह तक अनन्या की चूत और गांड दोनों लाल हो चुकी थीं। वो बोली, “राहुल, तू सच में बहुत अच्छा चोदता है। अगली बार और गंदा खेल खेलेंगे।”
ये थी हमारी वो वाली चुदाई जो अगर वीडियो बन जाती तो xvideo.com पर वायरल हो जाती। लेकिन ये सिर्फ हम दोनों की याद है। अगर आपको और डिटेल चाहिए तो बताना, मैं और कहानी सुनाऊंगा।