नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रोहन है। मैं दिल्ली में एक छोटे से IT ऑफिस में काम करता हूं। उम्र 28 साल, शादीशुदा नहीं, लेकिन लड़कियों से बात करने का शौक हमेशा रहा। एक दिन मेरे फोन पर एक मैसेज आया जिसमें “akshara naitik hd pics” लिखा था। मैंने सोचा कोई स्पैम होगा, लेकिन जब मैंने लिंक खोला तो सामने आई अक्षरा नायतिक की तस्वीरें। वो मेरी कॉलेज की जूनियर थी, अब हाउसवाइफ बन चुकी थी। HD क्वालिटी में उसकी नंगी तस्वीरें, बड़े-बड़े स्तन, गोल-गोल गांड, और चिकनी चूत साफ दिख रही थी। मैं घबरा गया, लेकिन साथ ही लंड खड़ा हो गया।
मैंने तुरंत उसे मैसेज किया। “अक्षरा, ये pics कैसे लीक हुईं?” उसने जवाब दिया, “रोहन भाई, प्लीज किसी को मत बताना। मेरे पति ने ये ली थीं लेकिन अब वो अलग हो गए।” मैंने कहा, “मैं मदद कर सकता हूं, लेकिन बदले में कुछ चाहिए।” वो चुप रही। अगले दिन मैं उसके घर पहुंच गया। वो नोएडा के एक छोटे से फ्लैट में रहती थी। दरवाजा खोला तो सामने खड़ी थी 26 साल की अक्षरा, सफेद कुर्ती में, नीचे सलवार, लेकिन आंखों में डर और शरारत दोनों।
“रोहन, अंदर आओ,” उसने कहा। मैं अंदर गया। फ्लैट छोटा था, बेडरूम में डबल बेड, AC चल रहा था। मैंने सीधा पूछा, “pics मुझे भेज दो, मैं डिलीट कर दूंगा।” वो बोली, “पहले मुझे यकीन दिलाओ कि तुम किसी को नहीं बताओगे।” मैं उसके पास गया, उसके कंधे पर हाथ रखा। “देखो अक्षरा, तुम्हारी ये HD pics देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया है। अब तुम मुझे चोदने दो, फिर मैं सब डिलीट कर दूंगा।”
उसके चेहरे पर लालिमा आ गई। वो बोली, “रोहन, ये गलत है।” लेकिन उसकी आवाज में कोई विरोध नहीं था। मैंने उसे दीवार से लगाया, उसके होंठों पर अपना मुंह रख दिया। चूमने लगा जोर-जोर से। उसकी जीभ मेरी जीभ से उलझ गई। मैंने उसके कुर्ते के बटन खोले। अंदर ब्रा नहीं थी। दो बड़े, गोल स्तन बाहर आ गए, निप्पल सख्त हो चुके थे। मैंने एक स्तन मुंह में लिया, चूसने लगा। “आह… रोहन, धीरे…” वो सिसक रही थी। मैंने दूसरा स्तन भी चूसा, काटा, चाटा। उसकी सांसें तेज हो गईं।
फिर मैंने उसकी सलवार नीचे उतारी। अंदर पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी फाड़ दी। सामने थी उसकी गुलाबी, चिकनी चूत, बाल मुड़े हुए, रस टपक रहा था। मैं घुटनों पर बैठ गया, उसकी चूत चाटने लगा। जीभ घुसा दी अंदर। “ओह्ह… लंड… चूत चाटो… और जोर से…” वो चीख रही थी। मैंने उसकी चूत के होठों को चूसा, क्लिट को चाटा, दो उंगलियां अंदर डाल दीं। वो झटके खा रही थी। “रोहन, मैं झड़ने वाली हूं… आह्ह्ह!” उसका रस मेरे मुंह में आ गया, मीठा और गर्म।
अब मेरी बारी थी। मैंने अपनी पैंट उतारी। मेरा लंड 7 इंच का, मोटा, खड़ा हो चुका था, सिरे से पानी टपक रहा था। अक्षरा ने उसे हाथ में लिया। “कितना बड़ा है… मेरे पति का छोटा था।” वो घुटनों पर बैठ गई, लंड मुंह में लिया। चूसने लगी जोर-जोर से। “चूस… और गहरा… तेरी चूत में डालूंगा ये लंड।” वो गला लगाकर चूस रही थी, लंड पूरा मुंह में ले रही थी। मैंने उसके बाल पकड़े, मुंह में चोदने लगा। “ग्लक… ग्लक…” आवाजें आ रही थीं।
फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया। पैर फैलाए, लंड उसकी चूत पर रखा। “डालो… फाड़ दो मेरी चूत…” वो चिल्ला रही थी। मैंने एक झटका मारा। लंड आधा अंदर गया। “आह्ह… दर्द… और…” दूसरा झटका, पूरा लंड अंदर। चूत गर्म, गीली, कसी हुई। मैं चोदने लगा, तेज-तेज। “चोद… चोद मुझे… तेरे लंड से फाड़ दो…” वो बोल रही थी। मैंने उसके स्तन दबाए, निप्पल चुटकी ली, चूत में लंड घुसाता रहा। पसीना बह रहा था, चूत का रस लंड पर चिपक रहा था।
हम पोजीशन बदलते रहे। पहले डॉगी स्टाइल, उसकी गांड ऊपर, मैं पीछे से चोद रहा था। “गांड़ मारो… और जोर से…” उसकी गांड लाल हो गई थी थप्पड़ों से। फिर वो ऊपर आई, मेरे लंड पर बैठ गई, ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उसे पकड़कर चोदा। “अक्षरा, तेरी चूत बहुत टाइट है… रस निकाल दूंगा अंदर।” वो बोली, “निकल… भर दो मेरी चूत रस से।”
हम घंटों चोदते रहे। तीन बार झड़ चुकी थी वो, मैंने एक बार उसके मुंह में, एक बार चूत में, एक बार गांड में डाला। गांड की चुदाई अलग मजा था। पहले थोड़ा तेल लगाया, फिर लंड घुसाया। “आह्ह… गांड फट रही… धीरे…” लेकिन बाद में वो भी मांगने लगी। “गांड चोदो…

पूरा अंदर।”
रात भर चला ये सेशन। सुबह जब वो सो रही थी, मैंने pics डिलीट कर दीं, लेकिन एक कॉपी अपने पास रख ली। अक्षरा अब मेरी नियमित चुदाई पार्टनर बन गई। हर हफ्ते उसके फ्लैट आता, उसकी चूत, गांड, मुंह सब चोदता। वो भी बोलती, “रोहन, तेरे लंड के बिना अब नींद नहीं आती।”
ये कहानी सच्ची है, बस नाम बदला है। अक्षरा नायतिक की HD pics ने मेरी जिंदगी बदल दी। अब जब भी अकेला होता हूं, उन pics को देखता हूं और याद करता हूं वो गर्म रातें। अगर तुम्हारे पास भी कोई ऐसी कहानी हो तो शेयर करना, लेकिन याद रखना, चोदना और चुदवाना दोनों का मजा अलग है।