नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम विकास है। मैं दिल्ली में नौकरी करता हूँ लेकिन असली घर मेरा उत्तर प्रदेश के एक छोटे से देहात में है। पिछले महीने जब मैं छुट्टियों पर गाँव गया तो एक ऐसी घटना हुई जिसने मुझे पूरी तरह बदल दिया। वो घटना इतनी गंदी, इतनी रसीली और इतनी चुदाई भरी थी कि मैंने सोचा क्यों न इसे एक garelu dehati cudai video की तरह सबके साथ शेयर कर दूँ।
गाँव पहुँचते ही सबसे पहले मेरी नज़र पड़ी मेरी चचेरी बहन रेखा पर। रेखा उम्र में मुझसे दो साल छोटी थी, शादीशुदा लेकिन पति विदेश में मजदूरी करता था। वो गाँव में अकेली रहती थी। उसका शरीर देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। उसकी मोटी-मोटी छातियाँ, चौड़ी कमर और मोटी गोल गाँड ने मुझे पागल कर दिया। वो रोज सुबह नहाने के लिए कुएँ के पास जाती और मैं छुपकर देखता कि वो अपनी चूत साफ करती है।
एक शाम बारिश हो रही थी। बिजली गुल हो गई थी। रेखा अकेली अपने घर में थी। मैं उसके घर गया तो देखा वो सिर्फ एक पतली साड़ी में थी। साड़ी उसके मोटे स्तनों पर चिपकी हुई थी और निप्पल साफ दिख रहे थे। मैंने पूछा, “रेखा, अकेली है क्या?” उसने शरारत भरी मुस्कान के साथ जवाब दिया, “हाँ भाई, अकेली हूँ। अंदर आ जा।”
हम दोनों अंदर बैठे। बारिश की आवाज के साथ मेरा लंड पहले से ही तन चुका था। रेखा ने चाय बनाई और मुझे दी। चाय पीते-पीते उसकी साड़ी का पल्लू खिसक गया और उसके एक पूरा स्तन बाहर निकल आया। वो हँस पड़ी और बोली, “देख लिया न? अब छुपाने का क्या फायदा।”
मैंने हिम्मत करके उसका स्तन पकड़ लिया। रेखा ने आँखें बंद कर लीं और सिसकारियाँ लेने लगी। “विकास, धीरे से… मेरा पति महीनों से नहीं आया।” मैंने उसकी साड़ी उतार दी। उसके नीचे कुछ नहीं था। उसकी चूत पूरी तरह गीली थी। बालों वाली मोटी चूत, होंठ फूले हुए और रस टपक रहा था। मैंने उंगली डाली तो वो चीख पड़ी, “आह्ह्ह… उंगली मत डाल, सीधा लंड डाल!”
मैंने अपना लंड निकाला। वो देखकर रेखा की आँखें फट गईं। “अरे वाह, इतना मोटा! आज तो मेरी चूत फट जाएगी।” मैंने उसे घुटनों के बल बिठाया और अपना लंड उसके मुँह में ठूंस दिया। रेखा चूसने लगी जैसे प्यासी हो। “चूस रेखा, पूरा गला तक ले ले।” वो गले तक ले रही थी, लार टपक रही थी और मेरे अंडों को चाट रही थी।
फिर मैंने उसे लेटाया और उसकी टाँगें फैलाईं। उसकी चूत देखकर पानी आ गया। मैंने जीभ से चाटना शुरू किया। “आह्ह्ह… चूत चाट रहा है… और जोर से… चूत का रस पी ले!” रेखा चीख रही थी। मैंने उसकी चूत के अंदर जीभ डाली और वो झड़ गई। “मर गई… और चाट… तेरी जीभ मेरी चूत में आग लगा रही है!”
अब समय था असली चुदाई का। मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और एक जोरदार झटका मारा। “आह्ह्ह… मर गई रे… पूरा लंड घुस गया!” रेखा चीख रही थी। मैं धीरे-धीरे चोदने लगा। “ले रेखा, ले मेरा लंड… तेरी देहाती चूत को फाड़ दूँगा।” वो भी जवाब दे रही थी, “हाँ… जोर से चोद… मेरी चूत फट रही है… और गहरा… गाँड भी मार!”
मैंने उसे कुत्ते वाली पोजीशन में कर दिया। उसकी मोटी गाँड सामने थी। मैंने लंड पीछे से डाला और जोर-जोर से धक्के मारने लगा। “थप थप” की आवाज पूरे घर में गूँज रही थी। रेखा की गाँड लाल हो गई थी। “मार… गाँड मार… तेरे लंड से मेरी गाँड फट रही है!” मैंने उसकी गाँड में उंगली भी डाल दी। वो और जोर से चीखने लगी।
हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। मैंने उसे उल्टा लिटाया और उसके ऊपर चढ़ गया। उसके स्तनों को मसलते हुए लंड अंदर-बाहर कर रहा था। “रेखा, तेरी चूत कितनी गर्म है…

रस बह रहा है… देख कितना गंदा हो रहा है बिस्तर!” रेखा बोली, “हाँ… सब गंदा कर दे… मेरी चूत का रस तेरे लंड पर चढ़ा दे!”
हमने घंटों चोदा। अलग-अलग पोजीशन में। कभी वो ऊपर चढ़कर चोद रही थी, कभी मैं पीछे से। आखिर में मैंने कहा, “रेखा, अब मेरे मुँह में डाल… मैं तेरा रस पीना चाहता हूँ।” वो मेरे मुँह पर बैठ गई और मैं उसकी चूत चाटता रहा। वो फिर झड़ गई।
फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाला और झड़ गया। रेखा सब निगल गई। “स्वादिष्ट है… अब ये garelu dehati cudai video हम दोनों की याद बन गई।”
रात भर हम चोदते रहे। सुबह तक रेखा की चूत सूज गई थी लेकिन वो मुस्कुरा रही थी। “अगली बार फिर आना… और लंबा लंड लेके आना।”
ये थी मेरी सच्ची garelu dehati cudai video की कहानी। गाँव की गंदी, रसीली और बेहद चुदाई भरी रात। अब जब भी बारिश होती है मुझे रेखा की चूत और उसके चीखने की याद आती है।