नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है और मैं दिल्ली में रहता हूं। आज मैं आपको अपनी असली कहानी सुनाने जा रहा हूं कि आखिर इंडियन गर्लफ्रेंड होना कैसा होता है। ये बात है पिछले साल की जब मैंने प्रिया से दोस्ती की। प्रिया मेरी ऑफिस की सहकर्मी थी, 24 साल की, गोरी, मोटी गांड और बड़े-बड़े स्तन वाली लड़की। उसकी छाती देखकर ही मेरा लंड खड़ा हो जाता था। हम दोनों दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन में एक ही ऑफिस में काम करते थे। पहले तो बस बातें होती थीं, फिर धीरे-धीरे फ्लर्टिंग शुरू हो गई। एक बार बारिश के दिन हम दोनों स्कूटर पर उसके फ्लैट पहुंचे और वहीं सब कुछ शुरू हुआ।
प्रिया ने मुझे अंदर बुलाया। उसका फ्लैट छोटा सा था लेकिन बेडरूम में बड़ी सी खाट पड़ी थी। बारिश की वजह से हम दोनों भीग चुके थे। प्रिया ने अपनी वेट टी-शर्ट उतारी तो उसके काले ब्रा से बड़े-बड़े स्तन बाहर निकलने को बेताब थे। मैंने तुरंत उसे दीवार से लगाया और उसके होठों पर अपना मुंह मार दिया। हम दोनों जीभ से जीभ लड़ाने लगे। उसकी सांसें गर्म थीं। मैंने उसकी ब्रा का हुक खोला और उसके नंगे स्तन मेरे हाथों में आ गए। स्तनों को दबाते हुए मैंने उसके निप्पल चूसने शुरू कर दिए। प्रिया चीखने लगी, “राहुल, अरे चूसो मत इतना जोर से, दर्द हो रहा है… लेकिन और जोर से चूसो!” मैंने उसके एक स्तन को मुंह में लिया और दूसरे को हाथ से मसलने लगा।
फिर प्रिया ने मेरी पैंट खोली। मेरा लंड पहले से ही खड़ा हो चुका था, सात इंच का मोटा लंड। प्रिया ने उसे हाथ में लिया और बोली, “वाह, कितना बड़ा लंड है तेरा! मेरी चूत तो पहले से ही गीली हो रही है।” उसने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया। उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी, लंड की नसें फूल रही थीं। मैंने उसके बाल पकड़कर उसका मुंह आगे-पीछे करने लगा। “चूस प्रिया, पूरा लंड गले तक ले ले!” मैं चिल्लाया। प्रिया गले तक लंड ले रही थी, उसका थूक लंड पर बह रहा था।
उसके बाद मैंने प्रिया को बिस्तर पर लिटाया। उसकी जींस उतारी तो उसकी चूत के ऊपर पतली सी पैंटी थी, जो पूरी तरह भीग चुकी थी। मैंने पैंटी हटाई और उसकी गुलाबी चूत देखी। चूत के बाल थोड़े-थोड़े थे, लेकिन होंठ मोटे और चमकदार थे। चूत से रस टपक रहा था। मैंने अपनी उंगली चूत में डाली। प्रिया सिसकने लगी, “आह्ह्ह… राहुल, उंगली और अंदर डाल!” मैंने दो उंगलियां डाल दीं और चूत को तेजी से fingering करने लगा। चूत से “चप-चप” की आवाजें आने लगीं। प्रिया की गांड हिल रही थी। मैंने अपनी जीभ चूत पर लगाई और चूत चाटने लगा। उसका क्लिट चूसता रहा। प्रिया चीख रही थी, “खा ले मेरी चूत! और जोर से चाट!”
मैं अब और नहीं रुक सका। मैंने अपना लंड प्रिया की चूत पर रखा और एक जोरदार झटके से अंदर घुसा दिया। प्रिया चीख पड़ी, “अरे माँ! इतना मोटा लंड! मेरी चूत फट जाएगी!” लेकिन मैं रुका नहीं। लंड को पूरा अंदर तक ठोकने लगा। चूत गर्म और टाइट थी। हर झटके में लंड चूत से बाहर निकलता और फिर जोर से घुसता। प्रिया की गांड थप्पड़ की आवाज कर रही थी। मैंने उसके स्तनों को पकड़कर और जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया। “ले प्रिया, ले मेरा लंड! तेरी चूत आज फाड़ दूंगा!” मैं गंदी गंदी बातें कर रहा था। प्रिया भी बोल रही थी, “हां चोद मुझे! अपनी गर्लफ्रेंड की चूत को फाड़ दे! और गहरा डाल!”
हम पोजीशन बदलते रहे। पहले डॉगी स्टाइल में। प्रिया ने घुटनों के बल बैठकर गांड ऊपर की। मैंने उसके पीछे से लंड डाला। इस बार लंड और गहराई तक जा रहा था। प्रिया की गांड लाल हो रही थी थप्पड़ मारने से। मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारे और बोला, “कैसी लग रही है इंडियन गर्लफ्रेंड वाली चुदाई?” प्रिया हांफते हुए बोली, “बहुत अच्छी…

तेरे लंड से मेरी चूत का रस निकल रहा है!”
फिर प्रिया ऊपर चढ़ गई। उसने मेरे लंड पर बैठकर ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उन्हें हाथों से दबाया। प्रिया का चेहरा लाल हो गया था, पसीना बह रहा था। “राहुल, मैं झड़ने वाली हूं!” उसने कहा। मैंने भी तेजी बढ़ाई और दोनों एक साथ झड़ गए। प्रिया की चूत से सफेद रस निकला और मेरे लंड पर फैल गया।
लेकिन हम रुके नहीं। थोड़ी देर बाद फिर शुरू हुआ। इस बार मैंने प्रिया की गांड में उंगली डाली। प्रिया ने कहा, “गांड मत मारना, दर्द होगा।” लेकिन मैंने लंड को चूत में ही रखा और गांड की उंगली घुमाता रहा। प्रिया फिर चीखने लगी। हम घंटों चोदते रहे। हर पोजीशन में – मिशनरी, काउगर्ल, स्पूनिंग। प्रिया की चूत लाल हो गई थी, फूल गई थी। मेरे लंड पर उसका रस और मेरा वीर्य मिलकर चिपचिपा हो गया था।
आखिर में जब हम थक गए तो प्रिया ने मेरे लंड को फिर से चूसा और मैं उसके मुंह में झड़ गया। उसने सब कुछ निगल लिया। फिर हम नंगे लेटे रहे, एक-दूसरे को गले लगाए। प्रिया बोली, “राहुल, इंडियन गर्लफ्रेंड होना मतलब रोज चूत चुदवाना। अब तू मेरा बॉयफ्रेंड है।”
दोस्तों, ये थी मेरी कहानी। इंडियन गर्लफ्रेंड होना सच में मजेदार है – रोज नई-नई चुदाई, गंदी बातें, और उसकी चूत का स्वाद। प्रिया अब मेरी रेगुलर पार्टनर है और हम हर हफ्ते नए-नए तरीके आजमाते हैं। अगर आपको ये कहानी अच्छी लगी तो कमेंट में बताना।