
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम विक्रम है। मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव का रहने वाला हूँ। आज मैं आपको अपनी एक सच्ची और बेहद गंदी चुदाई की कहानी सुनाता हूँ जो मेरे गांव की स्कूल बैकग्राउंड से जुड़ी हुई है। ये सब कुछ रोमांटिक इंग्लिश मूवीज देखने से शुरू हुआ था। मैं तब २५ साल का था और गांव के प्राइमरी स्कूल में टीचर की नौकरी कर रहा था। स्कूल छोटा सा था, दो कमरे, एक खेल का मैदान और पीछे आम के पेड़। वहाँ मेरी सहकर्मी प्रिया थी, जो २२ साल की फ्रेश ग्रेजुएट लड़की थी। वो गांव की ही थी लेकिन शहर में पढ़ाई करके लौटी थी। उसकी गोरी रंगत, बड़े-बड़े स्तन, मोटी गांड और पतली कमर देखकर हर लड़का दीवाना हो जाता था।
एक दिन बारिश में स्कूल बंद होने के बाद हम दोनों अकेले रह गए। प्रिया ने कहा, “विक्रम, आज बारिश में फंस गए। चलो मेरे घर चलते हैं, वहाँ इंग्लिश रोमांटिक मूवी देखते हैं।” मैंने हाँ कर दी। उसके घर छोटा सा था लेकिन अंदर बेडरूम में टीवी लगा था। हम दोनों बेड पर बैठे और “Titanic” लगाई। फिल्म में जो रोमांटिक सीन आया, उसमें जैक और रोज का किसिंग सीन देखकर प्रिया की साँसें तेज हो गईं। वो मेरी तरफ झुकी और बोली, “विक्रम, ये सीन देखकर मुझे बहुत कुछ महसूस हो रहा है।” मैंने हिम्मत करके उसका हाथ पकड़ा और कहा, “प्रिया, तुम्हारे स्तन इतने बड़े हैं कि मेरा लंड खड़ा हो गया है।”
वो शरमा गई लेकिन हँस पड़ी। मैंने उसे खींचकर अपने पास लिटा दिया। पहले हमने धीरे-धीरे किस किया। उसकी जुबान मेरी जुबान से लिपट गई। मैंने उसकी टी-शर्ट उतारी। उसके ब्रा के अंदर दो मोटे-मोटे स्तन थे, निप्पल गुलाबी और खड़े। मैंने एक स्तन मुंह में लिया और चूसने लगा। प्रिया चीख पड़ी, “आह्ह्ह विक्रम, चूसो मेरे स्तनों को, कस के दबाओ!” मैंने दूसरे हाथ से उसकी गांड दबाई। उसकी गांड इतनी नरम थी कि उंगलियाँ धंस गईं।
फिर मैंने उसकी पैंट उतारी। उसकी चूत पर हल्का सा बाल था, लेकिन चूत के होठ मोटे और गीले थे। मैंने उंगली डाली तो चूत से रस निकल रहा था। प्रिया बोली, “विक्रम, मेरी चूत चाटो, जैसे इंग्लिश मूवी में करते हैं।” मैंने उसके पैर फैलाए और मुंह लगाकर उसकी चूत चाटने लगा। उसकी चूत का स्वाद नमकीन और मीठा था। मैंने जीभ से क्लिटोरिस को रगड़ा। प्रिया चीख रही थी, “हाँ हाँ, चाटो मेरी गंदी चूत को, और गहराई से जीभ डालो!” मैंने दो उंगलियाँ अंदर डालीं और तेजी से आउट-इन करने लगा। उसका रस मेरे मुंह में भर गया।
उसने मेरी पैंट खोली। मेरा लंड ७ इंच का मोटा खड़ा हो चुका था। प्रिया ने उसे हाथ में लिया और बोली, “कितना मोटा लंड है तेरा, मेरी चूत फट जाएगी।” उसने मुंह में लिया और चूसने लगी। उसकी जुबान मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी। लार और मेरे प्री-कम का मिश्रण उसके होठों पर चमक रहा था। मैंने उसके बाल पकड़कर उसके मुंह में तेजी से ठेला। वो गला दबाकर चूस रही थी।
फिर मैंने उसे उल्टा कर दिया। उसकी गांड मेरे सामने थी। मैंने गांड के छेद पर जीभ फेर<|eos|>