नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम सुरेश है। मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से देहाती गांव का रहने वाला हूं। उम्र मेरी 28 साल है और आज मैं आपको अपनी एक सच्ची और बेहद गंदी चुदाई की कहानी सुनाता हूं। ये कहानी मेरी पड़ोस की भाभी मीना की है। मीना भाभी 32 साल की हैं, गांव की सबसे सुंदर औरत। उनके स्तन इतने बड़े और भारी हैं कि देखते ही लंड खड़ा हो जाता है। उनकी कमर पतली, गांड मोटी और चूत की फांक इतनी रसीली कि एक बार चाटने के बाद आदमी पागल हो जाए।
ये बात पिछले साल की मॉनसून की है। बारिश जोरों से हो रही थी। मैं अपने खेत से लौट रहा था जब मीना भाभी का फोन आया। उन्होंने कहा, “सुरेश, बिजली नहीं है, अकेले डर लग रहा है। तू आ जा घर पर।” मैं तुरंत उनके घर पहुंच गया। भाभी अकेली थीं, उनके पति शहर गए हुए थे।
जैसे ही मैं अंदर गया, भाभी ने दरवाजा बंद किया। उनकी साड़ी गीली हो गई थी, जिससे उनके बड़े-बड़े स्तन साफ दिख रहे थे। निप्पल खड़े हो चुके थे। मैंने देखा तो मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। भाभी ने मुस्कुराते हुए कहा, “क्या देख रहा है सुरेश? भाभी की चूचियां पसंद आईं?”
मैं कुछ बोल नहीं पाया। भाभी ने खुद ही मेरी तरफ बढ़कर मेरी जिप खोली और मेरा मोटा, काला लंड बाहर निकाल लिया। “अरे वाह, इतना बड़ा लंड! आज भाभी की चूत फाड़ दोगे।” उन्होंने तुरंत घुटनों के बल बैठकर मेरे लंड को मुंह में ले लिया। उनकी गर्म, गीली जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी। “उम्म्म… भाभी का मुंह चूत जैसा लग रहा है ना?” वे चूसते हुए बोल रही थीं।
मैंने उनके बाल पकड़कर लंड गले तक ठेल दिया। भाभी खांसने लगीं लेकिन चूसना नहीं छोड़ा। लार उनके मुंह से बहकर मेरे अंडों पर टपक रही थी। दस मिनट तक चूसने के बाद भाभी उठीं और साड़ी उतार दी। उनके नंगे स्तन झूल रहे थे, पेट पर हल्की चर्बी, और नाभि के नीचे घना काला जंगल। उन्होंने अपनी चूत की फांक खोलकर दिखाई। “देख, भाभी की चूत कितनी प्यासी है। आ जा, चोद।”
मैंने उन्हें बिस्तर पर लिटाया और उनके स्तनों को जोर से दबाते हुए चूसने लगा। निप्पल कठोर थे। एक हाथ से उनकी चूत में उंगली डाल दी। अंदर से गर्म रस बह रहा था। “आह… उंगली मत, लंड डाल!” भाभी चीख रही थीं। मैंने उनका मुंह बंद करते हुए दो उंगलियां अंदर घुसा दीं और तेजी से हिलाने लगा। उनका रस मेरे हाथ पर बह रहा था।
फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ना शुरू किया। भाभी की चूत फूल रही थी। “डाल दे सुरेश, भाभी की चूत फाड़ दे।” मैंने एक जोरदार झटका मारा। मेरा पूरा लंड उनकी चूत में घुस गया। “आह्ह्ह… मर गई रे!” भाभी चीख पड़ीं। मैंने उनकी जांघें फैलाईं और जोर-जोर से चोदने लगा। हर धक्के पर उनकी चूत से “पचक-पचक” की आवाज आ रही थी। रस चारों तरफ छिटक रहा था।
भाभी के स्तन मेरे थापों से लहरा रहे थे। मैंने उनकी गांड के नीचे हाथ डालकर ऊपर उठाया और और गहराई तक लंड ठेला। “ले ले भाभी, पूरा लंड ले ले!” मैं गंदी गंदी बातें बोल रहा था। भाभी भी चीख रही थीं, “हां, चोद मुझे… तेरी भाभी की चूत तेरा है… फाड़ दे इसे!”
हम 20 मिनट तक इसी पोजीशन में चोदते रहे। फिर भाभी ने मुझे लिटाया और खुद ऊपर चढ़ गई। उनकी चूत में मेरा लंड डालकर वे उछलने लगीं। उनकी गांड मेरे अंडों पर थपथपा रही थी। स्तन मेरे मुंह में आ रहे थे। मैं चूसता और काटता, भाभी और तेजी से कूदतीं। “आह… मैं झड़ने वाली हूं!” उन्होंने जोर से चीखा और उनकी चूत ने मेरे लंड को निचोड़ लिया। गर्म-गर्म रस मेरे लंड पर बह गया।
मैंने उन्हें घुमाया, कुत्ते वाली पोजीशन में डाला। उनकी मोटी गांड सामने थी। मैंने गांड के छेद में उंगली डाली और चूत में लंड ठोकने लगा। भाभी की गांड लहरा रही थी। “गांड भी मार ले सुरेश!” उन्होंने कहा। मैंने लंड निकालकर थूक लगाया और गांड में घुसा दिया। भाभी दर्द से चीखीं लेकिन फिर मजा लेने लगीं। “हां, गांड फाड़…

और जोर से!”
दोनों छेदों में बारी-बारी से लंड घुसाता रहा। आखिर में मैंने भाभी की चूत में झड़ने का फैसला किया। 10-12 जोरदार धक्कों के बाद मेरा लंड फड़का और गाढ़ा, सफेद माल उनकी चूत में भर गया। भाभी का शरीर कांप रहा था।
हम दोनों पसीने से लथपथ होकर लेट गए। लेकिन ये खत्म नहीं हुआ। पूरी रात हमने तीन बार और चोदा। सुबह होते-होते भाभी की चूत लाल हो चुकी थी, मेरे लंड पर खरोंचें आ गए थे।
दोस्तों, ये मेरी पहली देहाती चुदाई की कहानी थी। अगर आपको ये www.new dehati kissa vedio पसंद आई तो कमेंट में बताना। अगली बार और भी गंदी कहानी सुनाऊंगा।