नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम Naksh है। मैं दिल्ली के करोल बाग इलाके में रहता हूँ। उम्र 28 साल है, जॉब एक प्राइवेट कंपनी में है। तीन महीने पहले मेरी जिंदगी में एक ऐसी लड़की आई जिसने मुझे पागल कर दिया। उसका नाम Kirti है। 25 साल की, फुल फिगर वाली, गोल-गोल बड़े-बड़े स्तन, चौड़ी कमर और मोटी गोल गाँड। वो मेरे ऑफिस के पास एक PG में रहती थी। पहले-पहले हमारी नजरें मिलती थीं, फिर बातें शुरू हुईं। धीरे-धीरे दोस्ती से आगे बढ़कर रोमांस हो गया।
एक शाम बारिश में हम दोनों स्कूटर पर घर लौट रहे थे। Kirti मेरे पीछे बैठी थी, उसके स्तन मेरी पीठ से रगड़ खा रहे थे। बारिश तेज हो गई तो हम एक पुराने मंदिर के पास शेल्टर में रुक गए। अकेले थे। Kirti ने कहा, “Naksh, आज कुछ अलग महसूस हो रहा है।” मैंने उसकी कमर पकड़ ली और बोला, “Kirti, तू इतनी सेक्सी है कि कंट्रोल नहीं होता।” वो मुस्कुराई और मेरे होंठों पर अपना मुँह लगा दिया।
हम दोनों का पहला किस लंबा और गहरा था। उसकी जीभ मेरे मुँह में घुस रही थी, लार का स्वाद आ रहा था। मैंने उसके टॉप के अंदर हाथ डाला और उसके ब्रा के ऊपर से उसके स्तनों को दबाया। वो सिसकारियाँ लेने लगी, “आह्ह… Naksh, धीरे से…” लेकिन मैं और जोर से दबा रहा था। उसके निप्पल पहले से ही खड़े हो चुके थे।
बारिश थमने का इंतजार करते-करते हम PG की तरफ निकल पड़े। उसके कमरे में पहुँचते ही दरवाजा बंद किया। Kirti ने अपना टॉप उतारा। उसके ब्रा से बाहर निकलते हुए वे बड़े-बड़े गोरे स्तन देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैंने ब्रा का हुक खोला और दोनों स्तनों को हाथों में लिया। चूसने लगा, एक को मुँह में लेकर चूसता, दूसरा हाथ से मसलता। Kirti चीखने लगी, “हाँ Naksh, मेरे स्तनों को चूस, काट ले… मेरी चूत गीली हो रही है।”
मैंने उसके जींस का बटन खोला और अंदर हाथ डाला। उसकी चूत पूरी तरह से गीली थी। उंगलियाँ डालकर अंदर-बाहर करने लगा। Kirti की साँसें तेज हो गईं। “लंड निकालो ना, मुझे देखना है।” मैंने अपनी पैंट उतारी। मेरा लंड सात इंच का, मोटा, नसों से भरा हुआ बाहर आया। Kirti ने उसे हाथ में लिया और सहलाने लगी, “कितना बड़ा है तेरा लंड, आज मेरी चूत फाड़ देगा।”
वो घुटनों के बल बैठ गई और लंड को मुँह में ले लिया। जीभ से चाटते हुए पूरा मुँह में ठूंस लिया। “चूस Kirti, और जोर से चूस,” मैंने उसके बाल पकड़कर कहा। वो जोर-जोर से चूस रही थी, लार बह रही थी, मेरे अंडों को भी चाट रही थी। मैंने उसका सर पकड़कर उसके मुँह में चोदना शुरू कर दिया।
फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। उसके पैंट और पैंटी उतार दी। उसकी चूत साफ शेव की हुई थी, होंठ फूले हुए, रस बह रहा था। मैंने उसकी जांघें फैलाईं और चूत चाटने लगा। जीभ अंदर डालकर चूसता, क्लिटोरिस को चूसता। Kirti पागल हो रही थी, “आह्ह…

Naksh… चूत चाट… और अंदर… हाँ… मैं झड़ने वाली हूँ…” उसका शरीर काँप उठा और गरम-गरम रस मेरे मुँह में छूटा।
अब बारी मेरे लंड की थी। मैंने कंडोम लगाया और उसके ऊपर चढ़ गया। लंड को चूत के मुँह पर रखकर धीरे से दबाया। Kirti चीख पड़ी, “आह्ह… धीरे… बड़ा है…” लेकिन मैंने जोर लगाया और आधा लंड अंदर घुस गया। फिर पूरा ठूंस दिया। Kirti की आँखें बंद हो गईं। मैं चोदने लगा, “ले Kirti, मेरा लंड ले… तेरी चूत कितनी टाइट है…”
पोजीशन बदलते रहे। पहले मिशनरी में जोर-जोर से चोदा, उसके स्तन दबाते हुए। फिर doggy style में। Kirti की गाँड को थप्पड़ मारते हुए लंड अंदर-बाहर करता। “थप्पड़ मारो Naksh, मेरी गाँड लाल कर दो… चोदो मुझे…” वो चिल्ला रही थी।
हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। Kirti ने ऊपर चढ़कर लंड पर बैठकर चोदना शुरू किया। उसके स्तन उछल रहे थे। मैं उन्हें हाथों में लेकर दबाता, वो मेरे लंड को अपनी चूत में घुमाती। “मेरा रस निकाल दो Naksh…”
आखिरकार मैंने कंडोम उतारकर उसके स्तनों पर झड़ गया। गरम-गरम वीर्य उसके स्तनों और चेहरे पर गिरा। Kirti ने उसे उंगलियों से लगाकर चखा।
उस रात हम तीन बार चोदे। सुबह तक Kirti की चूत लाल हो चुकी थी, मेरी पीठ में उसके नाखूनों के निशान थे। अब हर हफ्ते मिलते हैं, कभी उसके PG में, कभी मेरे फ्लैट में। Kirti हमेशा बोलती है, “Naksh, तेरा लंड मेरी चूत का मालिक है।”
ये हमारी कहानी है। अगर और डिटेल चाहिए तो बताना।