नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम अनन्या है। मैं मुंबई की एक साधारण लड़की हूं जो छोटे-छोटे मॉडलिंग असाइनमेंट्स करके गुजारा करती थी। उम्र मेरी 26 साल की है, शरीर थोड़ा भरा हुआ, बड़े-बड़े स्तन, मोटी गोल गांड और चिकनी गोरी त्वचा। एक दिन मेरे एजेंट ने फोन किया कि एक नई देशी एक्शन फिल्म की शूटिंग चल रही है जिसका नाम डेसी कट्टे है और इसमें सुनील शेट्टी सर मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। मुझे एक छोटी सी आइटम गर्ल की रोल ऑफर हुई थी। फिल्म का सेट पुणे के बाहर एक पुराने हवेली में लगाया गया था। जब मैं वहां पहुंची तो पूरा माहौल देशी स्टाइल का था – ट्रक, जीप, असली बंदूकें और भारी भरकम कलाकार। सुनील शेट्टी सर खुद शूटिंग देख रहे थे। उनकी हाइट छह फुट से ज्यादा, चौड़ी छाती, मांसल हाथ और वो खास रौब जो हर औरत को पिघला दे।
शूटिंग के पहले दिन मुझे एक सीन में उनके साथ डांस करना था। ड्रेस बहुत टाइट था, ब्लाउज इतना छोटा कि मेरे स्तनों की आधी दरार दिख रही थी और स्कर्ट इतनी छोटी कि झुकने पर गांड के नीचे का हिस्सा साफ नजर आता। जब कैमरा ऑन हुआ तो सुनील सर ने मुझे पास खींच लिया। उनका हाथ मेरी कमर पर पड़ा और वो बोले, “अनन्या, थोड़ा और क्लोज आओ, सीन रियल लगना चाहिए।” उनकी सांस मेरे कान पर पड़ रही थी। शूटिंग खत्म होने के बाद सर ने मुझे अपने ड्रेसिंग रूम में बुलाया। अकेले में उन्होंने कहा, “तुम्हारा परफॉर्मेंस अच्छा था लेकिन और रियल चाहिए।” मैं घबरा गई लेकिन उनकी आंखों में वो भूख देखकर मेरी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी।
सर ने दरवाजा बंद किया और मुझे दीवार से चिपका लिया। उनके मोटे हाथ मेरे स्तनों पर घूमने लगे। “कितने बड़े हैं तेरे बोब्स, बिल्कुल कट्टे जैसी फर्म,” वो बड़बड़ाए। मैंने उनकी जीप की जिप खोल दी। अंदर से उनका लंड निकला – मोटा, काला, नसों से भरा और कम से कम नौ इंच लंबा। मेरे हाथ में पकड़ते ही वो और सख्त हो गया। “चूस इसे रंडी,” सर ने कहा। मैं घुटनों पर बैठ गई और उनकी लंड की नोक को चूमने लगी। उसका स्वाद नमकीन और गंदा था। मैंने पूरा मुंह खोलकर अंदर लिया। सर के हाथ मेरे बालों में घुस गए और वो मेरे मुंह को जोर से आगे पीछे करने लगे। “हां, गला तक ले ले, तेरी चूत भी इतनी ही टाइट होगी,” वो बोलते रहे। लार मेरी ठोड़ी से टपक रही थी और मेरी चूत से रस बह रहा था।
दस मिनट बाद सर ने मुझे उठाया और मेज पर लिटा दिया। मेरी स्कर्ट ऊपर खींची और पैंटी फाड़ दी। “कितनी गीली है तेरी फट्टी चूत,” उन्होंने उंगली डालकर चेक किया। दो उंगलियां अंदर घुसा दीं और जोर जोर से हिलाने लगे। मेरी चूत की दीवारें सिकुड़ रही थीं। फिर उन्होंने अपना मोटा लंड मेरी चूत के मुंह पर रखा और एक ही झटके में आधा अंदर घुसा दिया। “आह्ह्ह सर…

फट रही है मेरी चूत,” मैं चीखी। वो धीरे धीरे पूरा लंड अंदर ले गए। मेरी चूत पूरी तरह भर गई थी। सर ने जोर जोर से चोदना शुरू किया। हर धक्के में मेज हिल रही थी। उनके लंड की नसें मेरी चूत की दीवारों को रगड़ रही थीं। “ले ले साली, सुनील शेट्टी का लंड ले ले,” वो गंदी गंदी गालियां दे रहे थे। मैं भी चिल्ला रही थी, “हां सर, और जोर से चोदो, मेरी चूत फाड़ दो।”
हमने पोजीशन बदली। मैं उनके ऊपर चढ़ गई। मेरा भारी शरीर उनके सीने पर दब रहा था। मैं अपनी गांड हिला हिला कर उनके लंड पर बैठ रही थी। मेरे स्तन उनके मुंह में थे और वो चूस चूस कर काट रहे थे। रस मेरी जांघों से बहकर उनके अंडकोष पर गिर रहा था। सर ने मेरी गांड के दोनों गाल पकड़कर और तेजी से नीचे खींचा। “अब गांड मारूं?” उन्होंने पूछा। मैंने हां कर दी। उन्होंने मेरी गांड को थूक से गीला किया और लंड की नोक गांड के छेद पर रख दी। धीरे धीरे दबाव डाला। दर्द हुआ लेकिन फिर भी मजा आने लगा। पूरा लंड मेरी गांड में घुस गया। अब दोनों छेदों से रस और लार का मिश्रण टपक रहा था। सर ने मेरी गांड मारते मारते मेरी चूत में उंगलियां डाल रखी थीं।
शूटिंग के अगले तीन दिनों तक हर रात यही सिलसिला चला। सुबह सेट पर आइटम डांस, रात को सर के कमरे में लंबी चुदाई। एक बार तो उन्होंने मुझे रसोई में भी चोदा जहां पूरा स्टाफ बाहर था। मैं मेज पर झुकी हुई थी, सर पीछे से मेरी चूत में लंड डालकर धक्के लगा रहे थे। “चुपके से चोद रहा हूं तुझे, कोई सुन लेगा तो स्कैंडल हो जाएगा,” वो फुसफुसाए। उनकी बातों से मेरी चूत और ज्यादा गीली हो गई।
आखिरी दिन सर ने मुझे पूरी रात अपने साथ रखा। हमने बाथरूम में भी सेक्स किया। गरम पानी के नीचे मेरी पीठ दीवार से लगी हुई थी, सर मेरे दोनों पैर उठाकर चोद रहे थे। पानी और मेरी चूत का रस मिलकर फर्श पर बह रहा था। सर ने आखिर में मेरे मुंह में झड़कर कहा, “पी ले सब कुछ।” मैंने सब निगल लिया।
फिल्म पूरी होने के बाद भी सर कभी कभी मुझे बुलाते हैं। डेसी कट्टे मूवी की वो यादें आज भी मेरी चूत को गीला कर देती हैं। सुनील शेट्टी सर का वो मोटा काला लंड और उनकी गंदी गालियां मुझे कभी नहीं भूलेंगी।