नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ और एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। आज मैं आपको अपनी गर्लफ्रेंड प्रिया के साथ हुई उस रात की कहानी सुनाता हूँ जो मेरी जिंदगी की सबसे हॉट और गंदी रात थी। प्रिया मेरी कॉलेज की दोस्त थी, लंबी, गोरी, मोटी गांड और बड़े-बड़े स्तन वाली लड़की। उसके स्तन इतने बड़े थे कि ब्लाउज में फिट नहीं होते थे। हम दोनों काफी दिनों से डेटिंग कर रहे थे लेकिन अभी तक फुल सेक्स नहीं किया था। बस किसिंग और थोड़ी बहुत मालिश।
एक शाम मैंने प्रिया को फोन किया। “प्रिया, आज रात को चल, मेरी नई कार में घूमते हैं। थोड़ी रिलैक्सिंग ड्राइव।” प्रिया हँसी और बोली, “ठीक है राहुल, लेकिन ज्यादा कुछ मत सोचना।” मैंने अपनी कार निकाली और उसके घर के पास पहुँचा। प्रिया लाल टॉप और टाइट जींस में निकली। उसके स्तन टॉप में उभर रहे थे और गांड जींस में फटी हुई लग रही थी।
कार में बैठते ही मैंने एसी ऑन किया और धीरे से उसका हाथ पकड़ा। “प्रिया, तू आज बहुत सेक्सी लग रही है।” वो शरमा गई लेकिन मुस्कुराई। हम दिल्ली की रात की सड़कों पर निकल पड़े। रात के दस बजे थे, ट्रैफिक कम था। मैंने कार को एक अंधेरे पार्किंग एरिया में ले जाकर रोक दिया जहां कोई नहीं था।
प्रिया ने पूछा, “यहाँ क्यों रोका?” मैंने उसकी तरफ मुड़कर कहा, “क्योंकि अब मैं तुझे चूमना चाहता हूँ।” मैंने उसका चेहरा पकड़ा और उसके होंठों पर अपना मुंह लगा दिया। हम दोनों जोर से चूमने लगे। उसकी जीभ मेरी जीभ से लिपट गई। मैंने उसके बाल पकड़े और जीभ अंदर डाली। प्रिया सांस लेते हुए बोली, “राहुल… धीरे…” लेकिन मैं रुका नहीं।
मैंने उसका टॉप ऊपर किया। उसके काले ब्रा में बड़े स्तन बंद थे। मैंने ब्रा का हुक खोला और स्तन बाहर निकाल लिए। दोनों स्तन गोल, भारी और निप्पल सख्त हो चुके थे। मैंने एक स्तन मुंह में लिया और चूसने लगा। प्रिया “आह्ह्ह… राहुल… चूसो…” चीखने लगी। मैं दूसरे स्तन को हाथ से दबा रहा था। दूध जैसा सफेद रंग और गुलाबी निप्पल। मैंने निप्पल को दांतों से काटा तो प्रिया का शरीर काँप गया।
उसने मेरी जिप खोली और हाथ अंदर डालकर मेरा लंड पकड़ लिया। मेरा लंड पहले से ही खड़ा हो चुका था, मोटा और लंबा। प्रिया बोली, “वाह, कितना हार्ड है तेरा लंड।” वो मेरे लंड को ऊपर-नीचे करने लगी। मैंने उसकी जींस का बटन खोला और हाथ अंदर डाल दिया। उसकी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी। चूत के बाल छोटे-छोटे थे और रस बह रहा था। मैंने उंगली अंदर डाली। प्रिया “उफ्फ्फ… राहुल… उंगली मत डाल… जल्दी चोद…”
कार की सीट पीछे की तरफ झुकाई। प्रिया को लिटा दिया। मैंने उसकी जींस और पैंटी दोनों उतार दी। अब वो पूरी नंगी थी। उसकी चूत गुलाबी, फूली हुई और रस से तर थी। मैंने मुंह नीचे किया और चूत चाटने लगा। जीभ से क्लिट को रगड़ते हुए अंदर जीभ डाली। प्रिया चीख रही थी, “आह्ह्ह… चाटो मेरी चूत…

जिह्वा और अंदर डालो… मैं मर जाऊंगी…” उसका रस मेरे मुंह में आ रहा था, मीठा और चिपचिपा।
मैंने भी अपनी पैंट उतारी। मेरा लंड लाल सिरे के साथ खड़ा था। प्रिया ने लंड मुंह में लिया और चूसने लगी। “थूक लगा के चूस प्रिया…” मैंने कहा। वो थूक लगाकर जोर-जोर से चूस रही थी। लंड का सारा हिस्सा गले तक ले जा रही थी।
अब समय आ गया था। मैंने प्रिया की टांगें फैलाईं और लंड चूत के मुंह पर रखा। “राहुल, धीरे से… पहली बार है ना कार में।” लेकिन मैंने जोर से धक्का मारा। लंड आधा अंदर घुस गया। प्रिया चीख पड़ी, “आह्ह्ह माँ… दर्द हो रहा है… पूरा मत डाल…” मैंने फिर धक्का मारा। पूरा लंड चूत में घुस गया। चूत का रस निकल रहा था और मेरे लंड पर लग रहा था।
मैं धीरे-धीरे चोदने लगा। “तेरी चूत कितनी टाइट है प्रिया… गर्म और गीली…” प्रिया बोली, “चोदो मुझे… जोर से चोदो… मेरी चूत फाड़ दो…” मैंने रफ्तार बढ़ाई। कार हिल रही थी। स्तन ऊपर-नीचे हो रहे थे। मैं झुककर स्तन चूस रहा था और लंड अंदर-बाहर कर रहा था।
फिर मैंने प्रिया को घुमाया। वो कुर्सी के पीछे झुक गई। गांड ऊपर उठा ली। मैंने पीछे से लंड डाला। इस बार और गहराई तक गया। गांड के छेद को उंगली से दबाते हुए चोद रहा था। प्रिया “आह्ह्ह… गांड मत मार… बस चूत चोद…” लेकिन मैंने एक उंगली गांड में डाल दी। दो छेदों में एक साथ मस्ती।
हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। कार में सेक्स की गंध फैल रही थी। मैंने प्रिया को वापस सामने वाली सीट पर लिटाया और फिर से मिशनरी पोजीशन में चोदने लगा। “मैं झड़ने वाली हूँ राहुल… अंदर ही निकाल दे…” प्रिया चीखी। मैंने रफ्तार और बढ़ाई। लंड पूरी ताकत से अंदर जाता और बाहर आता। चूत का रस चारों तरफ छिटक रहा था।
आखिरकार मैं भी झड़ गया। गरम-गरम वीर्य प्रिया की चूत में भर दिया। प्रिया का शरीर काँप रहा था। हम दोनों थककर एक-दूसरे से चिपक गए।
कार की खिड़कियाँ धुंधली हो गई थीं। बाहर बारिश शुरू हो गई थी। हमने कपड़े पहने लेकिन प्रिया ने कहा, “एक बार और…” हमने फिर शुरू किया। इस बार प्रिया ऊपर बैठी और घोड़ी बनकर चोदने लगी। उसके स्तन मेरे मुंह के सामने झूल रहे थे। मैं चूसता रहा और वो लंड पर उछलती रही।
रात के दो बजे तक हम कार में ही रहे। जब घर पहुँचे तो प्रिया बोली, “अगली बार भी कार में ही करना।”
ये थी मेरी GF romance in car Indian की कहानी। अगर आपको अच्छी लगी तो कमेंट करना।