
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रोहन है। मैं दिल्ली में रहता हूँ और एक सॉफ्टवेयर कंपनी में जॉब करता हूँ। मेरी गर्लफ्रेंड प्रिया है। वो मेरे साथ कॉलेज से ही साथ थी। दोनों की उम्र २४ साल है। प्रिया बहुत ही खूबसूरत है। उसकी कद ५ फुट ४ इंच है, गोरी चमड़ी, बड़े-बड़े स्तन जो ३६ डी साइज के हैं, पतली कमर, गोल-गोल गोलियां जैसी गांड और चिकनी जांघें। जब वो टाइट जींस पहनती है तो उसकी गांड हिलती हुई दिखती है। हम दोनों एक-दूसरे को बहुत प्यार करते हैं लेकिन साथ ही साथ हमारी सेक्स लाइफ भी बहुत गंदी और हॉट है।
आज मैं आपको अपनी एक रियल कहानी सुनाता हूँ जो पिछले हफ्ते हुई। बारिश का मौसम था। दिल्ली में मॉनसून की बारिश जोरों पर थी। हम दोनों मेरे फ्लैट में मिलने का प्लान बनाया। प्रिया के पापा-मम्मी को लगा कि वो अपनी सहेली के घर गई हुई है। असल में वो मेरे पास आने वाली थी। शाम के ७ बजे वो मेरे फ्लैट पर पहुंची। बारिश में भीगकर आई थी। उसकी व्हाइट कुर्ती पूरी तरफ चिपक गई थी जिससे उसके ब्रा के निशान साफ दिख रहे थे। उसके बड़े स्तन निप्पल के साथ उभरे हुए लग रहे थे।
“रोहन, बारिश में बहुत ठंड लग रही है। मुझे गर्म कर दो,” प्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा।
मैंने उसे अंदर खींचा और दरवाजा बंद किया। हम दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया। मैंने उसके होंठों पर अपना मुंह रखा और जोर से चूमने लगा। हमारी जीभें एक-दूसरे के मुंह में घुस गईं। प्रिया की सांस गर्म थी। मैंने उसके बालों में हाथ फेरा और उसे और जोर से चूमा। फिर मैंने उसके कुर्ते के बटन खोले। अंदर उसका ब्लैक ब्रा था। मैंने ब्रा के हुक खोले और उसके दोनों स्तन बाहर निकाल लिए।
“अरे वाह प्रिया, आज तो तेरे स्तन और भी बड़े लग रहे हैं,” मैंने कहा।
“चूस ले इनको रोहन, बहुत दर्द हो रहा है,” वो बोली।
मैं उसके एक स्तन को मुंह में लेकर चूसने लगा। जीभ से निप्पल को चाटा और काटा। प्रिया चीखने लगी, “आह्ह्ह… रोहन… और जोर से चूस… तेरी जीभ से मेरा पूरा शरीर जल रहा है।” मैंने दूसरे स्तन को हाथ में लेकर मसलना शुरू किया। दूध जैसा सफेद रस उसके निप्पल से निकलने लगा। मैं उसे चाटता रहा।
फिर मैंने उसकी सलवार नीचे उतारी। अंदर पिंक कलर की पैंटी थी जो उसकी गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी को साइड में खिसकाया और उसकी चूत देखी। चूत पूरी तरह से गंजी थी, होंठ फूले हुए, और अंदर से गुलाबी रंग का। चूत से चिपचिपा रस बह रहा था। मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली।
“प्रिया तेरी चूत आज कितनी गर्म और गीली है,” मैं बोला।
“हां रोहन, तेरे लंड की याद आ रही थी। चोद मुझे जल्दी,” वो चीखी।
मैंने अपनी पैंट उतारी। मेरा लंड खड़ा हो चुका था। ७ इंच लंबा, मोटा, और नसों से भरा हुआ। लंड के सिरे से प्री-कम का पानी टपक रहा था। प्रिया ने मेरे लंड को हाथ में लिया और सहलाने लगी।
“रोहन तेरा लंड कितना बड़ा और सख्त है। आज मेरी चूत फाड़ दे इस लंड से,” प्रिया ने कहा और मेरे लंड को मुंह में ले लिया। वो जोर-जोर से चूसने लगी। उसकी जीभ लंड के नीचे घूम रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर उसके मुंह में लंड घुसाने लगा। “आह्ह… प्रिया… तेरी जीभ से मेरा लंड पिघल रहा है,” मैं कराहा।
थोड़ी देर बाद मैंने उसे बेड पर लिटाया। मैंने उसकी टांगें फैलाईं और अपनी जीभ उसकी चूत पर रख दी। चूत का स्वाद खट्टा-मीठा था। मैंने चूत के होंठ चाटे, क्लिटोरिस को चूसा और जीभ अंदर डालकर घुमाने लगा। प्रिया चीख रही थी, “रोहन… तेरी जीभ से मेरी चूत जल रही है… और गहराई से चाट… मैं झड़ने वाली हूँ!”
उसके शरीर में झटके आने लगे। वो जोर से चीखी और उसकी चूत से गाढ़ा रस निकला जो मैंने पी लिया।
अब मैं उसके ऊपर चढ़ गया। मेरा लंड उसकी चूत के मुंह पर रखा। मैंने जोर लगाया और लंड आधा अंदर घुस गया। प्रिया चीख पड़ी, “आह्ह्ह… रोहन… धीरे… तेरा लंड बहुत मोटा है… मेरी चूत फट रही है!”
मैं धीरे-धीरे आगे बढ़ा। पूरा लंड अंदर घुस गया। चूत गर्म, गीली और कसी हुई थी। मैंने जोर-जोर से धक्के मारने शुरू किए। “चोद रहा हूँ तेरी चूत प्रिया… ले ले मेरा लंड… तेरी चूत का रस मेरे लंड पर चढ़ रहा है,” मैं गंदी बातें बोलता रहा।
प्रिया भी जवाब दे रही थी, “हां रोहन… और जोर से चोद… मेरी चूत तेरे लंड की गुलाम है… फाड़ दे इसे… आह्ह… गहरी मार… गांड भी मार लेना बाद में!”
हम पोजीशन बदलते रहे। पहले मिशनरी, फिर डॉगी स्टाइल। डॉगी में मैंने उसकी गांड पकड़ी और लंड पीछे से घुसाया। गांड के छेद को उंगली से दबाया। प्रिया चीख रही थी, “रोहन… गांड मत मार अभी… पहले चूत फाड़… बाद में गांड भी दे दूंगी!”
मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारे। लाल-लाल निशान पड़ गए। लंड से चूत का रस निकलकर मेरी जांघों पर बह रहा था। हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे।
आखिर में मैंने प्रिया को ऊपर बिठाया। वो मेरे लंड पर बैठकर ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उन्हें हाथ में लेकर मसला। “प्रिया… मैं झड़ने वाला हूँ… तेरी चूत में मेरा माल भर दूं?”
“हां भर दे… मेरी चूत में अपना गरम माल डाल… मैं भी झड़ रही हूँ!”
हम दोनों एक साथ झड़ गए। मेरा लंड फड़क रहा था और गाढ़ा, सफेद माल उसकी चूत में भर रहा था। प्रिया का शरीर कांप रहा था। चूत से मेरा माल और उसका रस मिलकर बाहर निकल रहा था।
हम दोनों थककर बिस्तर पर गिर गए। प्रिया ने मुझे गले लगाया। “रोहन, तू मेरा सबसे अच्छा बॉयफ्रेंड है। तेरे लंड से चुदकर मैं हर बार स्वर्ग पहुंच जाती हूँ।”
हमने फिर से शुरू किया। इस बार मैंने उसकी गांड मारी। पहले तेल लगाया, फिर धीरे-धीरे लंड गांड में घुसाया। प्रिया चीखती रही लेकिन मजा भी ले रही थी। पूरी रात हम चोदते रहे।
दोस्तों, ये थी मेरी Indian Boyfriend Girlfriend Romance की कहानी। प्रिया और मैं अभी भी मिलते हैं और हर बार नई-नई गंदी बातें करके सेक्स करते हैं। अगर आपको ये कहानी पसंद आई तो कमेंट में बताना।