नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं हैदराबाद के एक पुराने इलाके में रहता हूं। 2018 की गर्मियों की बात है जब मेरी उम्र 28 साल थी। मैं एक छोटी सी प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था और अक्सर शाम को ऑफिस से लौटकर अपनी फ्लैट की बालकनी में बैठकर सिगरेट पीता था। ठीक सामने वाली फ्लैट में mamatha रहती थी। वो 32 साल की थी, शादीशुदा लेकिन पति ज्यादातर बाहर रहता था। नाम था mamatha लेकिन इलाके में सब उसे mamatha hot 2018 कहते थे क्योंकि उसकी फिगर और चाल देखकर हर कोई पागल हो जाता था।
उसके स्तन बहुत बड़े और भारी थे, कमर पतली और गांड गोल-गोल उभरी हुई। अक्सर वो साड़ी में ही बाहर आती और मेरी नजरें उसके मोटे मोटे स्तनों पर अटक जातीं। एक शाम बारिश हो रही थी। मैं बालकनी में खड़ा था तभी mamatha भी अपनी बालकनी में आई। वो हल्की सी गीली साड़ी पहने थी जिससे उसके काले ब्रा का निशान साफ दिख रहा था। उसने मुझे देखा और मुस्कुराते हुए बोली, “राहुल भाई, अकेले ही सिगरेट पी रहे हो? अंदर आओ ना, चाय बना रही हूं।”
मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैं उसके फ्लैट में घुसा। अंदर अकेली थी। उसने दरवाजा बंद किया और सीधे मेरी तरफ बढ़ी। “तुम्हारी नजरें रोज मेरे शरीर पर रहती हैं, पता है?” वो बोली और अपने स्तनों को हाथों से दबाते हुए आगे बढ़ी। मैंने उसे दीवार से लगा लिया और उसके होंठों पर अपना मुंह लगा दिया। उसकी जीभ मेरी जीभ से लिपट गई। हम दोनों जोर-जोर से चूमने लगे।
mamatha ने मेरी शर्ट खोल दी और मेरे सीने पर हाथ फेरते हुए बोली, “अरे वाह, कितना तगड़ा बदन है। आज तो तू मुझे अच्छे से चोदेगा ना?” मैंने उसकी साड़ी का पल्लू खींचा। उसके दो विशाल स्तन ब्रा में कैद थे। ब्रा उतारते ही वो बाहर निकल आए, गोल-गोल, निप्पल सख्त और काले। मैंने एक स्तन मुंह में लिया और जोर से चूसने लगा। mamatha चीख पड़ी, “आह्ह्ह… राहुल… मेरे मोटे मोटे स्तन चूस… चूत में आग लग रही है।”
मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट उतार दिए। अब वो सिर्फ पैंटी में थी। पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और पैंटी उतारकर उसकी फूली हुई चूत देखी। बाल हल्के-हल्के थे, होंठ मोटे और चमकदार रस टपक रहा था। मैंने अपनी उंगली अंदर डाली। mamatha सिसकने लगी, “उंगली मत… पूरा लंड डाल… फाड़ डाल मेरी चूत को।”
मैंने अपना लंड निकाला, सात इंच का मोटा लंड, नसें उभरी हुई। mamatha ने उसे हाथ में लिया और बोली, “कितना बड़ा है… आज तो मेरी चूत फट जाएगी।” वो घुटनों के बल बैठ गई और मेरे लंड को मुंह में ले लिया। उसकी जीभ लंड के सिरे पर घूम रही थी, लार टपक रही थी। वो जोर-जोर से चूस रही थी, “चूसूंगी तेरे लंड को… पूरा रस निकाल लूंगी।”
मैंने उसके सिर को पकड़कर लंड गले तक ठेल दिया। mamatha खांसने लगी लेकिन रुक नहीं रही थी। फिर मैंने उसे उठाया और बिस्तर पर लिटाकर उसकी टांगें फैलाईं। लंड चूत के मुंह पर रखा और एक ही झटके में आधा अंदर घुसा दिया। mamatha चीख उठी, “आह्ह्ह्ह… मर गई… इतना मोटा… धीरे… चोद… फाड़ डालेगा क्या?”
मैं धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। उसकी चूत बहुत गर्म और तंग थी। रस बह रहा था। हर झटके पर “छप छप” की आवाज आ रही थी। mamatha चिल्ला रही थी, “और जोर से चोद… मेरी चूत का रस निकाल…

गांड भी मार लेना बाद में।” मैंने रफ्तार बढ़ा दी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैं एक हाथ से स्तन दबा रहा था और दूसरा हाथ उसकी गांड के नीचे रखकर जोर-जोर से चोद रहा था।
दस मिनट बाद mamatha का शरीर कांपने लगा। “आ रहा है… चूत झड़ने वाली है… आह्ह्ह… राहुल… चोदते रह…” उसकी चूत ने रस की बौछार कर दी। मैंने भी रफ्तार बढ़ाई और बोला, “ले… मेरे लंड का रस… तेरी चूत में भर दूंगा।” और जोर से झटका मारकर मैंने अंदर ही झड़ दिया। गरम-गरम वीर्य उसकी चूत में भर गया।
लेकिन हम रुके नहीं। mamatha ने मुझे लिटाया और खुद ऊपर चढ़ गई। वो मेरे लंड पर बैठ गई और ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन मेरे मुंह के सामने थे। मैं चूसता रहा और वो चोदती रही। “देख… मेरी गांड कैसे हिल रही है… तेरे लंड पर… आह्ह्ह…”
फिर हमने डॉगी स्टाइल में किया। mamatha झुक गई, गांड ऊपर करके। मैंने उसके गांड के छेद में उंगली डाली और लंड चूत में घुसा दिया। अब जोर-जोर से चोद रहा था। mamatha बोल रही थी, “गांड भी मार… उंगली से फाड़… मैं तेरी रंडी हूं आज…”
हमने तीन बार और चोदा। हर बार अलग पोजीशन में। आखिर में mamatha ने मेरा लंड फिर चूसा और मैं उसके मुंह में झड़ गया। वो पूरा रस पी गई।
रात भर हम चोदते रहे। सुबह जब मैं उठा तो mamatha मुस्कुरा रही थी। “2018 की ये गर्मी याद रहेगी राहुल… फिर कभी आना।”
(कहानी यहीं खत्म नहीं होती। हमने अगले कई महीनों तक गुपचुप मिलकर चोदाई की। mamatha की चूत हमेशा मेरे लिए गीली रहती थी और मैं उसकी मोटी गांड और भारी स्तनों का मजा लेता रहा। वो सच में mamatha hot 2018 बन गई मेरे लिए।)