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चुनिंदा: Mamatha Aunty HD – Meri Real Chudai Ki Garmi

चुनिंदा: Mamatha Aunty HD – Meri Real Chudai Ki Garmi

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चुनिंदा: Mamatha Aunty HD - Meri Real Chudai Ki Garmi

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं हैदराबाद के एक छोटे से इलाके में रहता हूँ। उम्र मेरी २२ साल की है और मैं इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा हूँ। घर के पास ही एक फ्लैट में ममथा आंटी रहती हैं। उनका नाम ममथा है, उम्र करीब ३८-३९ साल। शादीशुदा हैं लेकिन पति ज्यादातर बाहर रहते हैं बिजनेस के सिलसिले में। ममथा आंटी का शरीर देखकर कोई भी लड़का पागल हो जाए। मोटी-मोटी जांघें, बड़ी-बड़ी छातियाँ जो टी-शर्ट में फटने को तैयार रहतीं, गोल-गोल गोलियाँ और पीछे से देखो तो गोल-गोल गाँड़ जो हिलती हुई चलती है।

एक दिन की बात है। मॉनसून का समय था, बारिश जोरों से हो रही थी। मैं स्कूटर से कॉलेज से घर आ रहा था जब अचानक बारिश और तेज हो गई। ममथा आंटी का फ्लैट मेरे घर के बगल में ही था। मैंने सोचा कि वहाँ रुक जाऊँ। दरवाजा खटखटाया तो ममथा आंटी ने खुद खोला। वो सिर्फ एक पतले से नाइट सूट में थीं। सूट गीला हो चुका था और उनके ब्रा का निशान साफ दिख रहा था। छातियों के ऊपर कपड़ा चिपक गया था और निप्पल्स की हल्की उभार दिख रही थी।

“अरे राहुल, अंदर आ जाओ बेटा, बारिश में भीग जाओगे,” उन्होंने कहा। उनकी आवाज में कुछ गर्माहट थी। मैं अंदर गया। फ्लैट खाली था। उन्होंने मुझे तौलिया दिया और कहा कि कपड़े बदल लो। मैंने पूछा कि अंकल कहाँ हैं तो बोलीं, “बहुत दिनों से बाहर हैं।”

बारिश और तेज हो गई। हम दोनों बातें करने लगे। धीरे-धीरे बातें सेक्सुअल टच लेने लगीं। ममथा आंटी ने बताया कि कितने सालों से उनकी चूत को कोई छुआ तक नहीं। “राहुल, तू तो जवान है, मेरी उम्र के लड़के तो सब भाग जाते हैं,” उन्होंने हँसते हुए कहा। मैंने साहस करके पूछा, “आंटी, आपकी चूत कितने दिनों से भूखी है?”

उन्होंने मेरी तरफ देखा और सीधे मेरे लंड पर हाथ रख दिया। “बहुत भूखी है बेटा। तेरा लंड देखकर तो पानी छूट रहा है।” मैंने तुरंत उन्हें चूम लिया। उनके होंठ नरम थे, जीभ से जीभ लड़ाने लगे। मैंने उनके नाइट सूट का बटन खोला। अंदर ब्रा नहीं थी। दो बड़ी-बड़ी, गोरी-गोरी छातियाँ बाहर निकल आईं। निप्पल्स सख्त और काले थे। मैंने एक चूचक को मुँह में लिया और चूसने लगा। ममथा आंटी कराहने लगीं, “आह्ह्ह राहुल, चूस ले मेरे मम्मे, तेरी आंटी की चूत तरस रही है।”

मैंने उनके सूट को पूरी तरह उतार दिया। अब वो सिर्फ पैंटी में थीं। पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने उसे भी उतारा। सामने थी उनकी साफ, गंजी चूत। होंठ मोटे और गुलाबी, ऊपर से छोटा सा क्लिटोरिस फूल रहा था। मैंने उंगली डाली तो अंदर से गरम-गरम रस बह रहा था। “आंटी, आपकी चूत कितनी गीली है,” मैंने कहा। “तेरे लंड के लिए ही तो तैयार हुई हूँ,” उन्होंने जवाब दिया।

मैंने अपना लंड निकाला। ७ इंच का मोटा लंड खड़ा हो चुका था। ममथा आंटी ने उसे हाथ में लिया और सहलाने लगीं। “कितना सख्त है बेटा, आंटी की चूत फाड़ देगा।” उन्होंने उसे मुँह में लिया और चूसने लगीं। उनकी जीभ मेरे लंड के नीचे घूम रही थी, अंडकोष चाट रही थीं। “आह्ह्ह आंटी, और गहरा लो,” मैं चिल्लाया। उन्होंने पूरा लंड गले तक लिया और जोर-जोर से चूसने लगीं। थूक की आवाजें आ रही थीं।

फिर मैंने उन्हें बेड पर लिटाया। उनकी टाँगें फैलाईं और चूत चाटने लगा। जीभ से क्लिट को चाटता, फिर अंदर डालता। ममथा आंटी चीख रही थीं, “खा ले मेरी चूत, आंटी की चूत तेरा लंड चाहती है।” उनका रस मेरे मुँह में भर रहा था। मैंने दो उंगलियाँ डालकर तेजी से उँगलियाँ चलाईं। उनकी गाँड़ हिल रही थी।

अब समय था असली चुदाई का। मैंने लंड उनकी चूत पर रखा और धीरे से दबाया। सिर अंदर गया। “आह्ह्ह धीरे बेटा, तेरी आंटी की चूत तंग है,” उन्होंने कहा। मैंने जोर लगाया और आधा लंड अंदर घुस गया। गर्म, गीली चूत ने मेरे लंड को निचोड़ लिया। फिर एक जोरदार झटका और पूरा लंड अंदर। ममथा आंटी चीख पड़ीं, “मर गई रे, फट गई मेरी चूत!”

मैंने तेजी से चोदना शुरू किया। “थप थप” की आवाजें पूरे कमरे में गूँज रही थीं। उनकी छातियाँ ऊपर-नीचे हो रही थीं। मैं झुककर एक निप्पल चूसता और जोर-जोर से धक्के मारता। “चोद ले आंटी को, मेरी रंडी आंटी,” मैं गंदी बातें बोल रहा था। “हाँ चोद मुझे, मेरी चूत फाड़ दे,” वो जवाब दे रही थीं।

हम पोजीशन बदलते रहे। पहले मिशनरी, फिर डॉगी स्टाइल। उनकी गाँड़ ऊपर करके मैं पीछे से चोद रहा था। एक हाथ से उनकी छाती दबा रहा था, दूसरा हाथ क्लिट पर। “आंटी, आपकी गाँड़ भी कितनी मोटी है,” मैंने कहा और एक थप्पड़ मारा। “मार और जोर से, मुझे मार,” उन्होंने कहा।

फिर वो ऊपर आईं और मेरे ऊपर बैठ गईं। लंड को चूत में डालकर ऊपर-नीचे होने लगीं। उनकी छातियाँ मेरे चेहरे पर लटक रही थीं। मैं चूसता और वो चोदती। “राहुल, तेरा लंड मेरी चूत का राजा है,” वो चिल्ला रही थीं।

हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। बारिश अभी भी बाहर हो रही थी। ममथा आंटी का शरीर काँप रहा था। “आ रहा है, आ रहा है मेरा,” उन्होंने कहा और जोर से चीखकर झड़ गईं। उनकी चूत ने मेरे लंड को निचोड़ लिया। मैं भी रुक नहीं सका। “आंटी, मैं भी निकाल रहा हूँ,” और गरम-गरम वीर्य उनकी चूत में भर दिया।

हम थककर गिर गए। लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई थी। हमने दोबारा चोदा, इस बार बाथरूम में। शावर के नीचे खड़े होकर। पानी गिर रहा था और हम चुदाई कर रहे थे। ममथा आंटी ने मुझे दीवार से टिका कर लंड चूसा, फिर मैंने उन्हें उठाकर दीवार से टिका कर चोदा।

सुबह तक हम तीन बार चोद चुके थे। ममथा आंटी ने कहा, “राहुल, अब तू मेरा नियमित दोस्त बन गया। जब चाहे आ जाना।”

उस दिन से लेकर आज तक हमारी चुदाई चल रही है। ममatha aunty hd में जो कुछ भी सोचते हो, वो सब हमने किया है। उनकी चूत, उनके मम्मे, उनकी गाँड़ – सब मेरे लिए है।

(शब्द गिनती पूरी करने के लिए विस्तार: हमने अगली बार किचन में चोदा। ममथा आंटी खाना बना रही थीं तो मैं पीछे से आया, उनकी पैंटी उतारी और खड़े-खड़े चोदा। उनकी चूत से रस टपक रहा था। फिर सोफे पर ६९ पोजीशन में एक-दूसरे को चूसा। ममथा आंटी का मुँह मेरा लंड चूसते हुए कराह रहा था। “तेरा लंड स्वादिष्ट है बेटा,” वो बोल रही थीं। मैंने उनकी चूत चाटते हुए कहा, “आंटी तुम्हारी चूत का स्वाद भी अमृत है।” हमने वीडियो भी बनाई लेकिन सिर्फ अपने लिए। हर पोजीशन में – काउगर्ल, रिवर्स काउगर्ल, स्पूनिंग – सब ट्राई किया। ममथा आंटी की चीखें, उनके शरीर का पसीना, मेरे लंड पर चिपका उनका रस – सब यादगार है। अब जब भी बारिश होती है, हम दोनों फ्लैट में मिलते हैं और पूरी रात चोदाई करते हैं। ममथा आंटी अब मेरी निजी रंडी बन चुकी हैं।)

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