
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में नौकरी करता हूँ लेकिन हर साल गर्मियों में अपने गांव जाता हूँ। ये कहानी मेरी असली जिंदगी की है जब मैं पिछले साल गांव गया था। गांव का नाम था बिहार के एक छोटे से इलाके में, जहां खेतों के बीच छोटी-छोटी मिट्टी की झोपड़ियां और कच्चे रास्ते हैं। वहां मेरी उम्र के आसपास की दो लड़कियां रहती थीं – राधा और सीमा। दोनों बीस-बाईस साल की, गांव की असली जवां लड़कियां, जिनकी गोरी-गोरी चमड़ी पर पसीने की बूंदें चमकती रहती थीं और जिनकी मोटी-मोटी जांघें घाघरा उठाते ही नजर आ जाती थीं।
मैं गांव पहुंचा तो सबसे पहले राधा मिली। वो कुएं पर पानी भर रही थी। उसका घाघरा थोड़ा ऊपर चढ़ा हुआ था और उसकी गोल-गोल गांड हिल रही थी। मैंने नमस्ते किया और बात शुरू हुई। राधा मुस्कुराई और बोली, “अरे राहुल भाई, कितने साल बाद आए हो।” लेकिन उसकी आंखों में कुछ और ही चमक थी। शाम को जब खेतों में अंधेरा होने लगा, राधा ने मुझे इशारा किया कि खेत के पीछे मिलो।
मैं पहुंचा तो राधा अकेली खड़ी थी। उसने सीधे कहा, “राहुल, मुझे बहुत दिनों से तुम्हारी याद आ रही है। गांव की लड़कियां कितनी अकेली रहती हैं, कोई मर्द नहीं जो ठीक से छुए।” मैंने उसके हाथ पकड़े और खींचकर अपनी तरफ किया। उसकी सांस गर्म थी। मैंने उसके होंठों पर अपना मुंह रखा और चूमने लगा। राधा भी जोर से चूमने लगी, उसकी जीभ मेरी जीभ से लिपट गई।
धीरे-धीरे मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोले। उसके स्तन बाहर निकल आए – बड़े-बड़े, काले-काले निप्पल वाले, पसीने से भीगे हुए। मैंने एक स्तन मुंह में लिया और चूसने लगा। राधा आहें भरने लगी, “आह्ह्ह राहुल, चूसो जोर से, मेरी चूचियां दर्द कर रही हैं।” मैंने दूसरे स्तन को हाथ से दबाया और निप्पल को उंगलियों से मरोड़ा। राधा की सांस तेज हो गई। मैंने उसके घाघरे की डोरी खोली। घाघरा गिर गया और उसकी नंगी जांघें सामने आ गईं। बीच में उसकी गीली-गीली चूत, बालों से ढकी हुई, रस टपका रही थी।
मैं घुटनों के बल बैठ गया और उसकी चूत चाटने लगा। राधा का स्वाद नमकीन और मीठा था। मैंने उसकी चूत के होठों को अलग किया और जीभ अंदर डाली। राधा चीख पड़ी, “हां राहुल, चाटो मेरी चूत को, जरा और गहराई से! मेरी गांड भी चाटो!” मैंने उसकी गांड के छेद को भी चाटा, उसकी गांड की मांसल फांक को चूमा। राधा का शरीर कांप रहा था।
फिर राधा ने मेरी पैंट खोली। मेरा लंड बाहर निकला – सात इंच का मोटा, नसों से भरा हुआ, सिरे पर पानी चमक रहा था। राधा ने उसे हाथ में लिया और बोली, “वाह, कितना बड़ा लंड है! गांव के लड़कों का तो इतना मोटा नहीं होता।” उसने उसे मुंह में लिया और चूसने लगी। उसकी गर्म सांस और गीली जीभ ने मेरा लंड और सख्त कर दिया। वह जोर-जोर से चूस रही थी, “ग्लुक-ग्लुक” की आवाज आ रही थी।
मैंने उसे खेत की मिट्टी पर लिटाया। राधा ने अपनी टांगें फैला दीं। मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और धीरे-धीरे अंदर घुसाया। राधा चीखी, “आह्ह्ह्ह! धीरे राहुल, मेरी चूत फट जाएगी! इतना मोटा लंड!” लेकिन मैंने जोर लगाया और पूरा लंड अंदर घुसा दिया। उसकी चूत गर्म और कसी हुई थी, रस बह रहा था। मैं धीरे-धीरे चोदने लगा – थाप-थाप की आवाज पूरे खेत में गूंज रही थी। राधा चिल्ला रही थी, “चोदो मुझे, गांव की चूत को फाड़ दो! हां, और जोर से!”
हम घंटों चोदते रहे। मैंने उसे कुत्ते वाली स्टाइल में भी चोदा – उसकी गांड को दोनों हाथों से पकड़कर लंड अंदर-बाहर किया। राधा की गांड लाल हो गई थी। फिर मैंने उसे उल्टा लिटाया और गांड में उंगली डाली। राधा बोली, “नहीं राहुल, गांड में मत डालो, दर्द होगा!” लेकिन जब मैंने उसकी चूत में उंगली डालकर गांड चाटी तो वह मान गई।
दूसरे दिन सीमा भी शामिल हो गई। सीमा राधा की सहेली थी, पतली कमर लेकिन बड़ी-बड़ी गांड वाली। दोनों ने मिलकर मुझे नंगा किया। सीमा ने मेरा लंड चूसा जबकि राधा मेरे मुंह में अपनी चूत रगड़ रही थी। हम तीनों खेत में लेटे, पसीने से लथपथ। मैंने सीमा की चूत चोदी जबकि राधा मेरी गांड चाट रही थी।
रात को दोनों लड़कियां मेरे कमरे में आईं। अंधेरे में हम तीनों नंगे लेटे। मैंने राधा की चूत में लंड डाला और सीमा की चूत चाटी। दोनों चीख-चीखकर चुद रही थीं। “राहुल, हमारी गांव वाली चूतें तेरे लंड की गुलाम हो गईं!” राधा बोली। मैंने सीमा की गांड पर थप्पड़ मारे और जोर-जोर से चोदा।
कई रातें ऐसी बीतीं। हम तीनों की चुदाई में पसीना, रस, चूत का पानी और मेरे लंड का माल सब मिल जाता था। राधा की चूत हमेशा गीली रहती, सीमा की गांड हमेशा लाल। गांव की हवा में उनकी सिसकारियां और मेरी सांसें मिलकर एक अलग ही माहौल बनाती थीं।
आखिरी रात को दोनों ने कहा, “राहुल, अगले साल फिर आना, हमारी चूतें तेरे बिना सूख जाएंगी।” मैंने वादा किया। दिल्ली लौटते समय भी उनकी गंध मेरे शरीर पर लगी हुई थी।
ये थी मेरी गांव वाली Indian Village Girls Romance। अगर आप भी ऐसी कहानी सुनना चाहते हो तो बताना, और विस्तार से लिखूंगा।