नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम नितिक है। आज मैं आपको अपनी और अक्षरा की शादी की उस रात की कहानी सुनाता हूँ जो यही रिश्ता क्या कहलाता है वाले एपिसोड की तरह शुरू हुई लेकिन अंदर से पूरी तरह अलग थी। हम दोनों की शादी गोवा के एक बड़े रिसॉर्ट में हुई थी, जहां पूरा परिवार इकट्ठा था। शादी के बाद जब सब लोग थककर सो गए तो अक्षरा और मैं हमारे हनीमून सूट में अकेले रह गए। अक्षरा सफेद रंग की सिल्क की साड़ी में थी, उसके बाल खुले हुए, लाल होंठ, और वो शरमाते हुए मुझे देख रही थी।
मैंने दरवाजा बंद किया और उसे अपनी तरफ खींच लिया। अक्षरा की सांसें तेज हो रही थीं। मैंने उसके कान में फुसफुसाया, “अक्षरा, आज से तू मेरी बीवी है, तेरी चूत मेरी लंड की गुलाम बन जाएगी।” वो हंस पड़ी और बोली, “नैतिक, शरमा मत, आज रात मुझे पूरा चोदना, मेरी जवानी का रस निकाल लेना।”
मैंने उसकी साड़ी का पल्लू खींचा, उसके बड़े-बड़े स्तन सामने आ गए जो ब्लाउज में कैद थे। मैंने ब्लाउज के हुक खोले और उसके गुलाबी निप्पल चूसने लगा। अक्षरा सिसकारियां लेने लगी, “आह्ह नैतिक, चूसो जोर से, मेरे स्तन दर्द कर रहे हैं तुम्हारे लिए।” मैंने उसके एक स्तन को मुँह में लिया और दूसरे को हाथ से दबाया, उसके निप्पल को जीभ से घुमाया। वो मेरे बालों में हाथ डालकर मुझे और जोर से दबा रही थी।
फिर मैंने उसकी साड़ी पूरी उतार दी। अक्षरा सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थी। मैंने पेटीकोट का नाड़ा खोला और वो गिर गया। उसकी चिकनी जांघें और गोल-गोल गांड सामने थी। मैंने उसके पैंटी को खींचा और उसकी गीली चूत देखी, बालों से ढकी हुई, रस टपक रहा था। मैं घुटनों पर बैठ गया और उसकी चूत चाटने लगा। अक्षरा चीख पड़ी, “हां नैतिक, मेरी चूत चाटो, जीभ अंदर डालो, मेरा रस पी लो।” मैंने उसकी चूत के होठ खोले और जीभ अंदर डाली, उसके क्लिटोरिस को चूसा। वो कांप रही थी, “आह्हह… और जोर से, मैं झड़ने वाली हूँ।”
उसके बाद अक्षरा ने मेरी शर्ट उतारी और मेरे पैंट का जिप खोला। मेरा लंड बाहर आया, सात इंच का मोटा और खड़ा। वो बोली, “वाह नैतिक, कितना बड़ा लंड है, आज मेरी चूत फाड़ देगा।” उसने मेरे लंड को हाथ में लिया और मुँह में डाल लिया। वो चूसने लगी, जीभ से लंड के सिरे को चाट रही थी, “चलो नैतिक, अपना रस मेरे मुँह में डाल दो।” मैं उसके बाल पकड़कर उसके मुँह में चोदने लगा।
फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। अक्षरा की टांगें फैलाईं और अपना लंड उसकी चूत पर रखा। वो बोली, “धीरे से डालो, पहली बार है।” लेकिन मैंने जोर से धक्का मारा और लंड आधा अंदर चला गया। अक्षरा चीखी, “आह्ह…

दर्द हो रहा है, लेकिन और जोर से।” मैंने धीरे-धीरे और धक्के मारे, पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। अब हम दोनों चोदने लगे। अक्षरा की चूत मेरे लंड को कसकर पकड़ रही थी, रस निकल रहा था। मैं बोला, “अक्षरा, तेरी चूत कितनी टाइट है, मेरा लंड मजा ले रहा है।” वो बोली, “नैतिक, मेरी चूत को फाड़ दो, मुझे अपनी बीवी बना लो।”
हमने घंटों चोदा। पहले मिशनरी पोजीशन में, फिर डॉगी स्टाइल में। मैंने उसकी गांड थपथपाई, “तेरी गांड भी लाल हो गई।” अक्षरा ने कहा, “आज मेरी गांड भी मार लेना।” मैंने उसकी गांड में उंगली डाली, वो चीखी लेकिन मजे से। फिर मैंने लंड उसकी गांड में डाला, धीरे से, और वो चीखती रही, “आह्ह… गांड फट रही है, लेकिन और गहरा।”
हम दोनों झड़ गए कई बार। अक्षरा का शरीर पसीने से तर था, उसके स्तन लाल हो गए थे चूसने से, चूत और गांड दोनों से रस बह रहा था। मैंने उसे उल्टा लिटाकर फिर चोदा। पूरी रात हमने सेक्स किया, हर पोजीशन आजमाई। सुबह होने तक अक्षरा मेरी बाहों में सो गई, उसकी चूत मेरे लंड पर टिकी हुई।
ये थी हमारी शादी की पहली रात, जो यही रिश्ता क्या कहलाता है एपिसोड से कहीं ज्यादा गंदी और मजेदार थी। अक्षरा अब मेरी पत्नी है और हम रोज चोदते हैं।