नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ और मेरी उम्र २४ साल है। आज मैं आपको अपनी असली कहानी सुनाता हूँ जो मेरी गर्लफ्रेंड प्रिया के साथ हुई जब वो मेरे घर आई थी। प्रिया मेरी कॉलेज की दोस्त है, उम्र २२ साल, बहुत ही सुंदर और सेक्सी। उसकी हाइट छोटी है, गोरी चमड़ी, बड़े-बड़े स्तन, मोटी गांड और चिकनी जांघें। उसकी आँखें काली हैं और होंठ गुलाबी। जब भी वो मुस्कुराती है तो मन करता है कि उसी वक्त उसे चूम लूँ।
वो दिन शनिवार का था। मेरे माता-पिता बाहर गाँव गए हुए थे दो दिन के लिए। मैं अकेला घर पर था। प्रिया को मैसेज किया कि आ जा, कोई नहीं है। वो शाम को ६ बजे आई। दरवाजा खोला तो वो जींस और टाइट टॉप में खड़ी थी। उसके स्तन टॉप से बाहर आने को बेताब लग रहे थे। मैंने उसे अंदर खींचा और तुरंत उसके होंठों पर अपना मुँह लगा दिया। हम दोनों को बहुत दिनों से मौका नहीं मिला था।
हम सोफे पर बैठ गए। मैंने उसकी कमर पकड़कर खींचा और उसके गालों को चूमने लगा। प्रिया भी मेरी गर्दन में साँस लेते हुए बोली, “राहुल, आज पूरा घर खाली है ना? आज मुझे अच्छे से चोदना।” मैंने उसके टॉप के बटन खोले। अंदर काला ब्रा था। ब्रा के ऊपर से ही उसके स्तनों को दबाया। वो सिसकारी मारने लगी। “आह… राहुल, दबाओ और जोर से। मेरे स्तन तेरे हाथों में फिट हो जाते हैं।” मैंने ब्रा उतारी। उसके स्तन बाहर निकल आए, गोल, भारी, निप्पल्स गुलाबी और खड़े। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। जीभ से घुमाया। प्रिया का हाथ मेरे लंड पर चला गया। मेरी पैंट के ऊपर से ही वो मेरे लंड को सहला रही थी। “तेरा लंड कितना हार्ड हो गया है यार, आज मेरी चूत फाड़ डालेगा।”
मैंने उसकी जींस उतारी। अंदर लाल पैंटी थी, जो पहले से ही गीली हो चुकी थी। पैंटी के ऊपर हाथ फेरा तो चिपचिपा रस लगा। प्रिया बोली, “देख ना, तेरे आने का इंतजार करते-करते चूत तर हो गई।” मैंने पैंटी खींचकर उतारी। उसकी चूत साफ, गुलाबी, बाल कटे हुए, होंठ मोटे और बीच में छोटा सा छेद। मैंने उंगली डाली। अंदर गर्म और गीली। प्रिया चीख पड़ी, “आह… उंगली और अंदर डाल।” मैं दो उंगलियाँ डालकर चोदने लगा। उसकी चूत से “छप-छप” की आवाज आने लगी। रस बह रहा था। मैंने अपनी उंगलियाँ निकालकर चखीं। स्वाद नमकीन और मीठा।
अब प्रिया ने मेरी पैंट उतारी। मेरा लंड ७ इंच का, मोटा, नसें उभरी हुई, सिरा गुलाबी और पहले से ही प्री-कम टपक रहा था। प्रिया ने लंड हाथ में लिया और ऊपर-नीचे करने लगी। “कितना गरम है तेरा लंड, आज मेरी चूत में डालकर पूरा रस निकाल दूँगी।” उसने लंड मुंह में लिया। जीभ से सिरे को चाटा, फिर पूरा अंदर लिया। चूसने लगी। “उम्म…

स्लर्प स्लर्प” की आवाज। मैं उसके बाल पकड़कर उसके मुँह में लंड घुसाने लगा। प्रिया गला लगाकर चूस रही थी।
फिर मैंने उसे सोफे पर लिटाया। उसकी टाँगें फैलाईं। चूत सामने थी। मैंने अपना मुँह चूत पर रखा। जीभ से चूत के होंठ चाटे, फिर क्लिटोरिस को चूसा। प्रिया चीख रही थी, “राहुल, चूत चूस, और जोर से। मैं मर जाऊँगी।” मैंने जीभ अंदर डाली और चोदने लगा। उसका रस मेरे मुँह में भर रहा था। प्रिया का शरीर काँप रहा था। “आह… आ रहा है… मैं झड़ने वाली हूँ!” उसकी चूत सिकुड़ गई और गरम रस निकला। मैंने सब पी लिया।
अब मैं ऊपर आया। लंड चूत के मुँह पर रखा। प्रिया बोली, “डाल दे, अब और मत तड़पा।” मैंने एक धक्का मारा। लंड आधा अंदर गया। प्रिया चीखी, “आह… मोटा है तेरा, धीरे… फिर भी जोर से चोद।” दूसरा धक्का। पूरा लंड अंदर। चूत गरम और टाइट थी। मैं धीरे-धीरे चोदने लगा। “थप-थप” की आवाज। प्रिया की गांड हिल रही थी। मैं उसके स्तनों को दबाते हुए तेज चोदने लगा। “ले, मेरी जान, ले मेरा लंड। तेरी चूत आज फट जाएगी।” प्रिया बोल रही थी, “हाँ, चोद मुझे, और गहरा। मेरी चूत तेरे लंड की गुलाम है।”
हम पोजीशन बदलते गए। पहले मिशनरी, फिर डॉगी स्टाइल। प्रिया घुटनों के बल बैठी, गांड ऊपर। मैं पीछे से लंड डाला। गांड के दोनों हिस्से फैलाकर चोद रहा था। “देख, तेरी गांड कितनी मोटी है, आज इसको भी चोदूँगा।” प्रिया बोली, “पहले चूत पूरा भर, फिर गांड मारना।” मैंने तेजी से चोदा। लंड बाहर निकालकर फिर जोर से घुसाया। चूत का रस लंड पर चिपक रहा था।
हम बेडरूम में गए। बेड पर लेटकर ६९ पोजीशन में चूसने लगे। प्रिया मेरा लंड चूस रही थी और मैं उसकी चूत। फिर मैंने उसे उल्टा लिटाया। गांड के छेद पर लंड रखा। थूक लगाकर धीरे से दबाया। प्रिया चीखी, “आह… गांड फट रही है, लेकिन अच्छा लग रहा है।” लंड आधा अंदर। मैं धीरे-धीरे चोदने लगा। प्रिया का मुँह तकिया में दबा हुआ था। “राहुल, गांड मार, तेरी गर्लफ्रेंड की गांड तेरी है।”
हमने घंटों चोदा। कई बार झड़े। प्रिया तीन बार झड़ चुकी थी। आखिर में मैंने उसकी चूत में ही रस छोड़ा। गरम-गरम वीर्य अंदर भर दिया। प्रिया बोली, “अंदर ही छोड़, सब पी जाऊँगी बाद में।”
रात भर हम चोदते रहे। सुबह फिर से शुरू किया। प्रिया ने कहा, “अगली बार फिर आऊँगी जब घर खाली हो।”
(कहानी पूरी हुई, लेकिन याद रखना, ये सब फिक्शन है और १८+ के लिए।)