
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली के एक छोटे से इलाके में रहता हूँ। उम्र मेरी 28 साल है और मैं एक प्राइवेट ऑफिस में जॉब करता हूँ। मेरे घर के पास ही एक छोटा सा मंदिर है जहाँ हर शुक्रवार को भजन कीर्तन होता है। वहाँ एक औरत आती थी जिसका नाम मीरा था। उम्र उसके करीब 35 साल, लेकिन शरीर देखकर कोई 25 का ही कहेगा। गोल-गोल भारी स्तन, चौड़ी कमर, मोटी-मोटी जांघें और पीछे से देखो तो गोल-गोल गोल गांड जो कपड़े फाड़कर बाहर आने को तैयार रहती। वो हमेशा साड़ी पहनकर आती, लेकिन साड़ी इतनी टाइट कि उसकी नाभि और छाती का नजारा साफ दिख जाता।
एक शाम भजन शुरू हुआ। मीरा माइक के सामने बैठी भजन गा रही थी। उसकी आवाज़ में कुछ ऐसा जादू था कि सब लोग मंत्रमुग्ध होकर सुन रहे थे। लेकिन मेरी नजर उसकी साड़ी के नीचे छिपे शरीर पर टिकी हुई थी। भजन में “राधे राधे” बोलते हुए वो अपनी आँखें बंद कर लेती और सांस तेज हो जाती। मुझे लगा जैसे वो खुद किसी पुरुष की याद में खो रही हो। भजन खत्म होने के बाद सब लोग चले गए। मैंने जानबूझकर पीछे रुककर मीरा से बात की।
“बहन जी, भजन तो बहुत अच्छा गाती हो। आवाज़ में कुछ खास बात है।” मैंने मुस्कुराते हुए कहा।
मीरा ने मुझे घूरकर देखा फिर हँसी। “अरे राहुल भाई, तुम भी आते हो? अकेले रहते हो ना? कभी घर आ जाना, और भजन सुनाऊँगी।”
उसकी आवाज़ में कुछ शरारत थी। मैंने तुरंत हाँ कर दी।
दो दिन बाद शाम को मैं उसके घर पहुँच गया। वो अकेली रहती थी क्योंकि पति विदेश में था। घर छोटा सा फ्लैट था। अंदर जाकर वो चाय बनाने लगी। साड़ी का पल्लू गिर गया था और उसके गहरे काले निप्पल्स वाला ब्रा का किनारा दिख रहा था। मैंने देख लिया। मीरा ने भी देख लिया लेकिन कुछ नहीं बोली। चाय पीते हुए मैंने कहा, “भजन गाओ ना, वही वाला।”
वो माइक के पास बैठ गई और “देस<|eos|>