नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राजेश है। मैं बिहार के एक छोटे से गांव से हूं, लेकिन अब पटना में नौकरी करता हूं। पिछले महीने छुट्टियां लेकर गांव गया था। मेरे चाचा की पत्नी, यानी मेरी चाची राधा, गांव में ही रहती हैं। राधा चाची उम्र में करीब 38 साल की हैं, लेकिन देहाती औरतों जैसी मोटी और भरी हुई काया है। उनकी चोली के अंदर से भारी-भारी स्तन निकलने को आतुर रहते हैं, कमर मोटी, नितंब बहुत चौड़े और गोल, जांघें मांसल और मोटी। गांव की औरतों की तरह उनका रंग सांवला है, लेकिन चेहरा बहुत आकर्षक, होंठ मोटे और आंखों में एक अजीब सी भूख दिखती है।
जब मैं गांव पहुंचा तो घर पर सिर्फ राधा चाची ही थीं। चाचा बाहर काम पर गए थे। शाम को बारिश शुरू हो गई। हम दोनों अकेले थे। चाची ने खाना बनाया, फिर हम दोनों खाट पर बैठकर बातें करने लगे। चाची ने पूछा, “राजेश, शहर में कोई लड़की बना ली क्या?” मैं हंसकर बोला, “चाची, शहर की लड़कियां तो पतली-पतली हैं, मोटी औरतों जैसा मजा नहीं।” चाची की आंखें चमक उठीं। उन्होंने अपनी मोटी जांघ मेरी तरफ खिसकाई और बोली, “अरे, मोटी औरतों का स्वाद तो अलग होता है बेटा।”
बारिश तेज हो गई। बिजली चली गई। अंधेरा छा गया। चाची उठकर मोमबत्ती लेकर आईं। मोमबत्ती की रोशनी में उनका भारी बदन साफ दिख रहा था। चोली के नीचे से उनके स्तनों की दरार साफ नजर आ रही थी। मैंने हिम्मत करके पूछा, “चाची, आप इतनी मोटी और सुंदर कैसे हो?” चाची हंस पड़ीं और बोली, “चल, तू भी तो बड़ा हो गया है। देख, तेरा लंड खड़ा हो रहा है।” उन्होंने सीधे मेरे लंड पर हाथ रख दिया।
मैं चौंक गया, लेकिन चाची ने कहा, “शर्म मत कर, गांव में सबको पता है कि देहाती औरतें कैसे चुदती हैं।” उन्होंने मेरी पैंट खोल दी। मेरा लंड बाहर आ गया, सख्त और मोटा। चाची ने उसे हाथ में लिया और बोली, “वाह, कितना मोटा लंड है। आज राधा चाची तेरे लंड से अपनी चूत फटवाएगी।” उन्होंने अपना साड़ी का पल्लू गिरा दिया। उनके भारी स्तन चोली में बंद थे, निप्पल सख्त हो चुके थे। चाची ने चोली उतार दी। दो विशाल, मांसल स्तन बाहर आ गए, नीचे की तरफ झुके हुए, लेकिन बहुत भारी। निप्पल काले और मोटे।
चाची ने मुझे अपनी गोद में खींच लिया। मैंने उनके एक स्तन को मुंह में लिया और चूसने लगा। चाची सिसकारियां भरने लगीं, “आह्ह…

राजेश, चूस ले, मेरे मोटे स्तन चूस ले। तेरी चाची की चूत गीली हो रही है।” मैंने दूसरे स्तन को हाथ से दबाया, दूध जैसा रस नहीं, लेकिन पसीना और गर्माहट। चाची ने मेरी उंगली अपनी चूत में डाल दी। उनकी चूत बहुत चौड़ी और गहरी थी, बाल घने, और रस बह रहा था। “देख, कितनी गीली है तेरी चाची की चूत। चोद मुझे।”
मैंने चाची को खाट पर लिटा दिया। उनकी मोटी जांघें फैला दीं। चूत के होंठ मोटे और फूले हुए, अंदर से गुलाबी। मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ा। चाची चीख पड़ी, “डाल दे, लंड डाल दे मेरी चूत में!” मैंने जोर से धक्का मारा। लंड आधा अंदर चला गया। चाची की चूत बहुत टाइट थी मोटी होने के बावजूद। “आह्ह… फट रही है चूत! और जोर से चोद!” मैंने जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के पर चाची की मोटी कमर हिल रही थी, स्तन उछल रहे थे।
हमने पोजीशन बदली। चाची ने मुझे लेटा दिया और ऊपर चढ़ गई। उनकी मोटी गांड मेरे लंड पर बैठ गई। उन्होंने लंड को चूत में डाला और ऊपर-नीचे होने लगीं। “देख, तेरी चाची कैसे चुद रही है। मोटी औरत का मजा ले।” उनकी गांड के दो टुकड़े मेरे हाथों में आ गए, मैं दबा रहा था, चाची चीख रही थी, “मार मेरी गांड, चोद मेरी चूत!” पसीना बह रहा था, दोनों के शरीर चिपक गए थे। चाची का रस मेरे लंड पर बह रहा था।
फिर मैंने चाची को कुत्ते वाली पोजीशन में कर दिया। उनकी मोटी गांड ऊपर, चूत पीछे से साफ दिख रही थी। मैंने पीछे से लंड डाला। इस बार और गहराई तक गया। चाची चिल्ला रही थी, “आह्ह… गहराई तक चोद, मेरी चूत फाड़ दे!” मैंने उनकी मोटी जांघें पकड़कर जोर-जोर से चोदा। हर धक्के पर “प्लच प्लच” की आवाज आ रही थी। चाची का शरीर कांप रहा था। उन्होंने कहा, “राजेश, अब मेरी गांड मार।” मैंने लंड निकाला और थूक लगाकर गांड में डाला। गांड और भी टाइट थी। चाची चीखी, “दर्द हो रहा है, लेकिन मजा आ रहा है। गांड चोद!”
हम घंटों चोदते रहे। चाची ने मुझे कई बार चूत चटवाई, मैंने उनके स्तन चूसे, गांड चाटी। आखिर में मैंने चाची की चूत में ही झड़ गया। गर्म रस अंदर भर दिया। चाची ने कहा, “अब ये रस मेरी चूत में रहेगा।”
रात भर हम चोदते रहे। सुबह चाचा आने वाले थे, तो अलग हो गए। लेकिन चाची ने कहा, “अगली बार फिर आना, तेरी चाची की चूत तेरे लंड की भूखी रहेगी।”
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