नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम विक्रम है। मैं दिल्ली से हूँ लेकिन मेरे गाँव हरियाणा के एक छोटे से देहात में है जहाँ हर साल गर्मियों में जाता हूँ। पिछले साल जब मैं गाँव गया तो मेरे चचेरे भाई मन्नू ने एक बात कही जो मेरे दिमाग में घुस गई। मन्नू बीस साल का है, देहाती जवान लड़का, मोटा तगड़ा बदन, काली मोटी मूंछें। वो हमेशा मोबाइल पर वीडियो बनाता रहता है। एक शाम वो मेरे पास आया और बोला, “भाई विक्रम, मेरे पास एक फिल्म है, देहाती वीडियो, मन्नु की फिल्म देहाती वीडियो। देखेगा?”
मैंने हाँ कर दी। हम दोनों उसके कमरे में गए। कमरा छोटा था, खाट पर चादर बिछी हुई, बाहर बारिश हो रही थी। मन्नू ने मोबाइल खोला और वीडियो चलाई। स्क्रीन पर एक देहाती औरत दिख रही थी, नाम था रेखा, मन्नू की पड़ोसन। रेखा पच्चीस साल की थी, गोरी नहीं लेकिन गेहुँआ रंग, मोटी मलाई जैसी छाती, चौड़ी कमर, मोटी जांघें। वीडियो में वो अकेली खाट पर लेटी हुई थी, साड़ी ऊपर चढ़ा कर अपनी मोटी चूत रगड़ रही थी।
मन्नू ने मुझे बताया कि उसने छुपकर ये वीडियो बनाई है। “भाई, रेखा भाभी की चूत देख, कितनी रसीली है।” मैंने वीडियो देखते देखते अपना लंड खड़ा हो गया। मन्नू भी देख रहा था। उसने कहा, “विक्रम भाई, तू भी बना लेगा ऐसी फिल्म? रेखा भाभी को चोद के?”
मैंने कहा, “हाँ भाई, पर कैसे?”
रात को बारिश तेज हो गई। हम दोनों रेखा के घर गए। रेखा अकेली थी, उसके पति शहर गए हुए थे। मन्नू ने दरवाजा खटखटाया। रेखा ने खोला, साड़ी में, बाल खुले, छाती का उभार साफ दिख रहा था। मन्नू ने सीधा कहा, “भाभी, हमारी फिल्म बनानी है, मन्नु की फिल्म देहाती वीडियो। तू राजी हो जा।”
रेखा पहले तो शर्मा गई, लेकिन मन्नू ने उसका हाथ पकड़ लिया और बोला, “भाभी, तेरी चूत की प्यास बुझा देंगे।” रेखा ने आँखें नीची कर लीं लेकिन मना नहीं किया। हम तीनों अंदर गए। मन्नू ने मोबाइल कैमरा ऑन किया।
मैंने रेखा को खाट पर लिटाया। उसकी साड़ी खोल दी। नीचे ब्लाउज और पेटीकोट था। ब्लाउज खोलते ही उसकी मोटी छाती बाहर आ गई, काले निप्पल, भारी स्तन। मैंने एक छाती मुंह में ली और चूसने लगा। रेखा सिसकारियाँ लेने लगी, “आह विक्रम, धीरे…

चूस ले मेरी मलाई।”
मन्नू कैमरा पकड़े खड़ा था, उसका लंड उसके पैंट में तना हुआ था। मैंने रेखा की पेटीकोट उतारी। उसकी चूत साफ, बाल कटे हुए, मोटी लेबिया, अंदर से गुलाबी। मैंने उंगली डाली, चूत गीली थी। रेखा चीखी, “हाँ, उंगली डाल, मेरी चूत फाड़ दे।”
मैंने अपना लंड निकाला, सात इंच का मोटा लंड, नसें उभरी हुई। रेखा ने लंड पकड़ा और बोली, “कितना मोटा है, मेरी चूत फट जाएगी।” मैंने उसकी टांगें फैलाईं और लंड चूत के मुंह पर रखा। धीरे से दबाया, सिरा अंदर गया। रेखा चीख पड़ी, “आह माँ, लंड घुसा दे पूरा।”
मैंने एक झटका मारा, आधा लंड अंदर। फिर दूसरा झटका, पूरा लंड चूत में घुस गया। रेखा की चूत गर्म और कसी हुई थी। मैं चोदने लगा, “थप थप” की आवाजें कमरे में भर गईं। रेखा बोल रही थी, “चोद मुझे विक्रम, मेरी चूत का रस निकाल ले।”
मन्नू ने कैमरा नीचे किया और अपना लंड निकाल लिया। वो भी नंगा हो गया। उसका लंड पतला लेकिन लंबा था। रेखा ने मन्नू का लंड मुंह में लिया और चूसने लगी। मैं पीछे से चोद रहा था, मन्नू आगे से मुंह मारवा रहा था।
हमने पोजीशन बदली। रेखा घुटनों पर आई, मैं पीछे से उसकी गंद मारी। उसकी गंद भी मोटी थी, मैंने उंगली डाली तो चीखी, “गंद मत मार, चूत चोद।” लेकिन मन्नू ने कहा, “भाभी, गंद भी दे दे।”
मैंने लंड निकाल कर गंद पर रखा। थूक लगाया और धीरे घुसाया। रेखा दर्द से चीखी लेकिन फिर मजा लेने लगी। “आह दोनों भाई मिलकर मेरी चूत और गंद फाड़ दो।”
हम घंटों चोदते रहे। रेखा का रस निकलता रहा, मेरी जांघें भीग गईं। मन्नू ने कैमरा साइड रख दिया और खुद भी चोदने लगा। रेखा दो लंडों के बीच पिसती रही।
आखिर में हम दोनों ने उसकी छाती पर झाड़ दिया। रेखा थक कर लेट गई, चूत और गंद लाल हो चुकी थी। मन्नू ने वीडियो बंद की और बोला, “ये मन्नु की फिल्म देहाती वीडियो बन गई।”
रेखा मुस्कुराई और बोली, “अगली बार और लंबी फिल्म बनानी है।”
हम तीनों थक कर सो गए। सुबह उठकर मैंने सोचा, गाँव की ये देहाती चुदाई कभी भूल नहीं पाऊंगा। मन्नू की वो वीडियो अब मेरे पास भी है, कभी-कभी देखता हूँ और याद करता हूँ उस रात की गर्माहट, रेखा की चूत की गर्मी, और दोनों लंडों का मजा।
(यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती, दोस्तों। रेखा अब अक्सर हमें बुलाती है। अगली बार जब बारिश आएगी, फिर नई फिल्म बनेगी। मन्नु की फिल्म देहाती वीडियो का सिलसिला जारी है। चूत, लंड, गंद, रस, सब कुछ बार-बार दोहराया जाता है। रेखा की छाती चूसते चूसते, उसकी चूत चोदते चोदते, हम दोनों भाई उसकी देह का पूरा मजा लेते हैं। हर बार नई पोजीशन, नया मजा, नई चीखें। देहात की ये रातें कभी खत्म नहीं होतीं।)