नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रोहन है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। उम्र मेरी २८ साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। आज मैं आपको अपनी असली कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जो मेरी गर्लफ्रेंड प्रिया के साथ हुई। प्रिया मेरी कॉलेज की दोस्त थी, लेकिन असली रोमांस शुरू हुआ जब हम दोनों दिल्ली में जॉब करने लगे। वो २५ साल की, गोरी, गोल-गोल चेहरे वाली, ३६-२८-३८ की फिगर वाली लड़की है। उसके बड़े-बड़े स्तन और मोटी-मोटी गांड देखकर कोई भी लड़का दीवाना हो जाए।
हमारी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। एक शाम हम दोनों उसके पीजी में थे। बारिश हो रही थी और हम दोनों अकेले थे। प्रिया ने मुझे चाय दी और पास बैठकर मुस्कुराई। उसकी साड़ी की चोली में उसके स्तन साफ दिख रहे थे। मैंने हिम्मत करके उसका हाथ पकड़ा और कहा, “प्रिया, तू बहुत सेक्सी लग रही है आज।” वो शरमा गई लेकिन हट नहीं रही थी।
धीरे-धीरे हम करीब आए। मैंने उसके होंठों पर अपना मुंह रखा और चूमने लगा। वो भी जवाब देने लगी। हमारी जीभें आपस में उलझ गईं। मैंने उसकी साड़ी का पल्लू खींचा और उसके बड़े स्तनों को हाथों में लिया। वो बोली, “रोहन, धीरे से… पर मेरा मन भी बहुत कर रहा है।” मैंने उसकी चोली खोली। उसके स्तन बाहर निकल आए, गुलाबी निप्पल्स के साथ। मैंने एक स्तन मुंह में लिया और चूसने लगा। प्रिया सिसकारियां भरने लगी, “आह्ह… रोहन, चूसो ना… मेरी चूत गीली हो रही है।”
मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट उतार दिए। वो सिर्फ पैंटी में थी। मैंने पैंटी के अंदर हाथ डाला। उसकी चूत पूरी तरह गीली थी। उंगलियां डालकर मैंने उसकी चूत को सहलाया। वो चीख पड़ी, “हां… उंगली डालो… मेरी चूत को फाड़ दो।” मैंने दो उंगलियां अंदर डाल दीं और तेजी से हिलाने लगा। प्रिया का शरीर कांप रहा था। उसने मेरी पैंट खोली और मेरा लंड बाहर निकाला। वो ७ इंच का मोटा लंड था, नसों से भरा हुआ। प्रिया ने उसे हाथ में लिया और बोली, “कितना बड़ा है तेरा लंड… आज मेरी चूत फाड़ देगा।”
उसने मुंह में लिया। जीभ से चाटते हुए चूसने लगी। “चल… चूस… मेरे लंड का स्वाद ले,” मैंने कहा। वो जोर-जोर से चूस रही थी, लार टपक रही थी। मैंने उसके बाल पकड़े और मुंह में जोर से ठोकने लगा। प्रिया गले तक ले रही थी।
फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। उसकी टांगें फैलाईं और मुंह से उसकी चूत चाटने लगा। उसका स्वाद नमकीन और मीठा था। मैंने जीभ अंदर डाली और चूत के रस को चूसने लगा। प्रिया चीख रही थी, “रोहन… चाटो… मेरी चूत जल रही है… और जोर से… हां… आह्ह्ह!” उसका पहला झड़ने का समय आ गया। वो जोर से कांपी और मेरे मुंह पर अपना रस छोड़ दिया।
अब बारी थी चोदने की। मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और धीरे से दबाया। प्रिया चीखी, “आह्ह… धीरे… दर्द हो रहा है!” लेकिन मैंने जोर लगाया। आधा लंड अंदर चला गया। उसकी चूत बहुत टाइट थी। मैंने और जोर मारा। पूरा लंड अंदर घुस गया। प्रिया की आंखों से आंसू निकल आए लेकिन वो बोली, “चोदो मुझे… अब रुकना मत।”
मैंने तेजी से चोदना शुरू कर दिया। “थप… थप… थप” की आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं। प्रिया की गांड हिल रही थी। मैंने उसके स्तनों को मसलते हुए कहा, “ले… मेरी जान… तेरी चूत का मजा ले रहा हूं। कितनी गर्म है तेरी चूत।” वो चिल्ला रही थी, “हां… चोदो… मेरी चूत फाड़ दो… लंड और गहरा डालो!”
हमने पोजीशन बदली। प्रिया ऊपर आई और मेरे लंड पर बैठ गई। वो ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उन्हें हाथों में लिया और चूसने लगा। प्रिया बोली, “रोहन… तेरा लंड मेरी चूत में आग लगा रहा है।” मैंने उसकी गांड थपथपाई और जोर-जोर से ऊपर धक्का मारा।
फिर डॉगी स्टाइल में करवाया। प्रिया घुटनों के बल बैठ गई। मैंने पीछे से लंड डाला। गांड के दोनों गालों को हाथों में लेकर जोर-जोर से चोदने लगा। “तेरी गांड भी कितनी मोटी है… कल मैं तेरी गांड भी मारूंगा,” मैंने कहा। प्रिया ने सिर हिलाया, “हां… कल गांड मारना… आज सिर्फ चूत चोद।”
हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। मैंने उसे पीछे से पकड़कर तेजी से ठोका। प्रिया का दूसरा झड़ने का समय आ गया। वो चीखी, “आ रहा है… रोहन… मैं झड़ रही हूं!” उसकी चूत ने मेरे लंड को निचोड़ लिया। मैं भी रुक नहीं सका। “ले… मेरा गरम रस… तेरी चूत में भर रहा हूं!” मैंने जोर से झटका मारा और पूरा रस उसकी चूत में छोड़ दिया।
हम दोनों थककर गिर पड़े। लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई थी। थोड़ी देर बाद हम फिर शुरू हो गए। इस बार प्रिया ने मुझे लेटाया और खुद चढ़कर चोदने लगी। “अब मैं तुझे चोदूंगी,” वो बोली। उसकी चूत में मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। वो घूम-घूमकर बैठ रही थी। मैंने उसकी गांड में उंगली डाली। प्रिया चीखी, “आह्ह… गांड मत छेड़…

पर अच्छा लग रहा है।”
हमने घंटों तक चोदा। अलग-अलग पोजीशन में – मिशनरी, काउगर्ल, स्पूनिंग। हर बार प्रिया चीखती, “और जोर से… मेरी चूत को फाड़… लंड का पूरा मजा दे।” आखिर में हम दोनों एक साथ झड़े। मेरा रस फिर उसकी चूत में भर गया।
सुबह होने तक हम थक चुके थे। प्रिया ने मुझे गले लगाया और कहा, “रोहन, तू मेरा सबसे अच्छा बॉयफ्रेंड है। आज के बाद हम और भी ज्यादा चोदेंगे।”
दोस्तों, ये थी मेरी Indian Romance with Girl Friend की कहानी। प्रिया अब मेरी वाइफ है और हम अभी भी हर हफ्ते नई-नई पोजीशन आजमाते हैं। अगर आपको ये कहानी पसंद आई तो कमेंट में बताना। अगली कहानी में मैं आपको प्रिया की गांड मारने की डिटेल बताऊंगा।