नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। उम्र मेरी २८ साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। जिंदगी में अक्सर अकेलापन महसूस होता था, खासकर रातों में जब अकेले बिस्तर पर लेटता। एक दिन की बात है, मैंने अपने लैपटॉप पर कुछ सर्च किया और अचानक स्क्रीन पर "akshra naira hd wallpaper" दिखा। दो खूबसूरत औरतें, एक का नाम अक्षरा और दूसरी नैरा। दोनों इतनी सेक्सी लग रही थीं कि मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। अक्षरा की बड़ी-बड़ी छातियाँ, नैरा की गोल-गोल गांड, दोनों की आँखों में वो कमीना लुक। मैंने वॉलपेपर डाउनलोड कर लिया और रात भर उसे देखते हुए मुठ मारता रहा।
लेकिन असली कहानी शुरू हुई जब मेरी नई पड़ोस वाली बhabhi, प्रिया, मेरे फ्लैट में चाय पीने आई। प्रिया की उम्र २५ साल, शादीशुदा लेकिन पति बाहर रहता है। वो अक्सर अकेली रहती। उस दिन वो मेरे कमरे में आई तो उसकी नजर मेरे लैपटॉप पर पड़ी। "ये क्या वॉलपेपर है राहुल?" वो हँसते हुए बोली। मैं शरमा गया लेकिन उसने खुद ही क्लिक करके देखा। अक्षरा और नैरा की फोटो खुली तो प्रिया की साँसें तेज हो गईं। "बहुत हॉट है ये, मुझे भी ऐसे ही पोज़ पसंद हैं," वो फुसफुसाई।
मैंने हिम्मत करके पूछा, "प्रिया भाभी, क्या आप भी कभी ऐसे फोटो खिंचवाती हैं?" उसकी आँखें चमक उठीं। "क्यों, तुम्हें देखना है क्या?" वो सीधे मेरी तरफ बढ़ी। मैंने उसे अपनी बाहों में खींच लिया। उसकी सॉफ्ट छातियाँ मेरी छाती से टकराईं। प्रिया ने मेरे कान में फुसफुसाया, "आज रात मुझे अक्षरा-नैरा जैसी बना दो, मुझे अपनी चूत चुदवानी है।"
हम दोनों बिस्तर पर गिर पड़े। मैंने उसकी साड़ी ऊपर खींची। उसकी जांघें मोटी और मुलायम थीं। मैंने उसकी चूत पर हाथ फेरा, वो पहले से ही गीली हो चुकी थी। "अरे वाह भाभी, तुम्हारी चूत तो रस से भरी है," मैंने कहा। प्रिया ने मेरी पैंट खोली और मेरा मोटा लंड बाहर निकाला। "कितना बड़ा लंड है तेरा, अक्षरा नैरा वाली वॉलपेपर देखकर ही खड़ा हो गया होगा," वो बोली और तुरंत मुंह में ले लिया। उसकी गर्म साँसें मेरे लंड पर पड़ रही थीं। वो चूसने लगी, जीभ से लंड के सिरे को चाटते हुए, नीचे तक घुसा लिया। "चूस भाभी, पूरा लंड चूस ले," मैं चीखा।
उसने १० मिनट तक मेरा लंड चूसा, थूक से पूरा गीला कर दिया। फिर मैंने उसकी साड़ी उतारी। उसकी ब्रा के अंदर ३६ साइज की भारी छातियाँ थीं। निप्पल्स सख्त हो चुके थे। मैंने एक चूची मुंह में ली और चूसने लगा, दूसरी को हाथ से दबाता रहा। प्रिया मचल रही थी, "चूस ले राहुल, मेरी चूचियाँ खा ले, मेरी चूत फाड़ दे।"
मैंने उसकी पैंटी उतारी। उसकी चूत पूरी तरह साफ शेव्ड थी, होंठ मोटे और गुलाबी, बीच में से रस टपक रहा था। मैंने उंगली डाली, अंदर गर्म और तंग। "देख भाभी, तेरी चूत कितनी भूखी है," मैंने कहा। दो उंगलियाँ डालकर फिंगरिंग करने लगा। प्रिया चीख रही थी, "आह्ह्ह…

और तेज, मेरी चूत को फाड़ डाल।" उसका रस मेरे हाथ पर बह रहा था।
फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा। सिरा अंदर घुसाया। प्रिया चीख पड़ी, "अरे मादरचोद, पूरा लंड डाल दे!" मैंने जोर से धक्का मारा। पूरा लंड अंदर घुस गया। उसकी चूत मेरा लंड निगल रही थी। मैं धीरे-धीरे चोदने लगा, फिर तेज। "थप थप" की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। प्रिया की गांड हिल रही थी, उसकी छातियाँ उछल रही थीं। "चोद मुझे, अक्षरा नैरा की तरह चोद, मेरी गांड भी मार," वो बोली।
मैंने उसे कुत्ते वाली पोजीशन में कर दिया। गांड ऊपर करके। मैंने लंड पीछे से डाला। गांड के छेद को भी उंगली से छेड़ा। "भाभी तेरी गांड भी कितनी टाइट है," मैंने कहा और लंड चूत में ही रखा, लेकिन उंगली गांड में डाल दी। प्रिया चीख रही थी, "दोनों छेद भर दे, मुझे डबल चोद।"
हम ४५ मिनट तक चोदते रहे। मैंने उसकी चूत में झाड़ दिया, गरम-गरम माल अंदर भर दिया। प्रिया का शरीर काँप रहा था, उसका ऑर्गेज्म आ चुका था। रस मेरी जांघों पर बह रहा था।
लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई। हमने फिर शुरू किया। इस बार प्रिया ऊपर आई। वो मेरे लंड पर बैठ गई और घुमाते हुए चोदने लगी। उसकी चूत मेरा लंड निचोड़ रही थी। "देख, तेरी भाभी कैसे घोड़ी बनकर चोद रही है," वो हँस रही थी। मैं उसकी छातियाँ दबा रहा था।
सुबह तक हम तीन बार चोद चुके थे। प्रिया ने कहा, "अब से हर रोज आऊंगी, तेरे अक्षरा नaira hd wallpaper की तरह मुझे चोदना।"
अगले दिन वो फिर आई, इस बार नंगे होकर। हमने बाथरूम में चोदा, पानी के नीचे। उसकी गीली बॉडी पर साबुन लगाते हुए लंड चूत में डाला। रस और पानी मिलकर बह रहा था।
एक हफ्ते बाद प्रिया ने अपनी सहेली को भी बुलाया। तीनों मिलकर चोदाई की। लेकिन वो कहानी अलग है।
अब हर रात मैं अक्षरा नaira hd wallpaper देखता हूँ और सोचता हूँ कि प्रिया भाभी असल में कितनी प्याशी है। उसकी चूत का स्वाद अभी भी मेरी जुबान पर है। अगर तुम भी ऐसी भाभी चाहते हो तो दिल्ली आ जाना, लेकिन याद रखना, चोदाई के बाद रिश्ता बदल जाता है।
(कहानी यहीं खत्म नहीं होती, लेकिन इतना काफी है दोस्तों। अगली बार और डिटेल में बताऊंगा।)