नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में एक छोटी सी आईटी कंपनी में काम करता हूँ। उम्र है मेरी पैंतीस साल। शादीशुदा हूँ लेकिन बीवी अक्सर मायके चली जाती है। पिछले महीने ऑफिस के काम से मुझे एक छोटे से कस्बे में जाना पड़ा हरियाणा के पास। वहाँ एक प्रोजेक्ट था जिसमें गाँव की लड़कियों को ट्रेनिंग देनी थी। कीवर्ड था vidéki csajok, मतलब गाँव की चूड़ैलें जैसी लड़कियाँ।
पहले दिन जब मैं वहाँ पहुँचा तो दो लड़कियाँ मिलीं, दोनों उम्र उन्नीस-बीस साल की। एक का नाम सीमा, दूसरी का रीना। दोनों गाँव की थीं लेकिन शरीर देखकर लगता था जैसे विदेशी मॉडल हों। सीमा की छाती बड़ी-बड़ी और भारी थी, टीशर्ट में फिट नहीं हो रही थी। रीना की गांड गोल और मोटी थी, जींस में फटी पड़ रही थी। दोनों ने मुझे देखते ही मुस्कुरा दिया।
मैंने उनको ट्रेनिंग शुरू की। शाम को जब सब चला गया तो सीमा ने कहा, “राहुल भाई, आप अकेले हो? हमारे घर चलो, रात का खाना खा लो।” मैं मान गया। उनका घर छोटा सा था लेकिन अंदर बिस्तर साफ। रीना ने दरवाजा बंद किया और सीधा मेरे पास आ गई। “हम vidéki csajok हैं भाई, लेकिन चोदने में पीछे नहीं।”
सीमा ने मेरी शर्ट उतारी और मेरे लंड को हाथ में लिया। “अरे वाह, कितना मोटा लंड है।” उसने घुटनों के बल बैठकर मेरे लंड को चूसा। उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी। रीना ने अपनी टीशर्ट उतारी। उसकी छाती नंगी थी, निप्पल सख्त और काले। मैंने एक हाथ से सीमा के बाल पकड़े और दूसरा हाथ रीना की गांड पर मारा।
“चोदो मुझे पहले,” रीना बोली। मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। उसकी जींस उतारी। अंदर कोई पैंटी नहीं थी। उसकी चूत गीली थी, बाल काले-काले। मैंने उसकी चूत चाटी। रस बह रहा था। सीमा ने मेरे पीछे आकर मेरी गांड चाटनी शुरू कर दी। दोनों मिलकर मुझे पागल कर रही थीं।
मैंने रीना की चूत में अपना लंड घुसा दिया। “आह्ह्ह…

धीरे… मोटा है,” वो चीखी। मैं जोर-जोर से चोदने लगा। उसकी छाती उछल रही थी। सीमा ने अपनी चूत मेरे मुंह पर रख दी। मैं दोनों की चूत चाटता और एक को चोदता रहा। पंद्रह मिनट बाद रीना झड़ गई। उसकी चूत से सफेद रस निकला।
अब सीमा की बारी थी। उसने खुद ही मेरे लंड पर बैठ गई। उसकी चूत बहुत टाइट थी। “विदेशी लड़कियों जैसी चूत है ना हमारी?” वो हंसते हुए बोली। मैं उसकी गांड थपथपाता और लंड अंदर-बाहर करता। रीना अब मेरे मुंह में अपना स्तन डाल रही थी।
हम तीनों घंटों तक चोदते रहे। अलग-अलग पोजीशन में। डॉगी स्टाइल में रीना की गांड चोदी, सीमा की चूत में मुँह मारते हुए। दोनों की चूत से रस बह रहा था। मेरा लंड चमक रहा था उनके रस से। आखिर में दोनों ने मेरे लंड को साथ में चूसा और मैं उनकी मुंह में झड़ गया।
रात भर हम तीनों नंगे सोए। सुबह फिर शुरू हुआ। सीमा ने कहा, “आज पूरा दिन चोदना है।” हमने नाश्ता किया नंगे। फिर रीना ने मुझे दीवार से लगाकर चोदा। उसकी गांड मेरे हाथ में थी।
दूसरे दिन ऑफिस में भी दोनों आ गईं। खाली कमरे में हमने जल्दी चुदाई की। सीमा ने मुझे चूसते हुए कहा, “तुम्हारा लंड सबसे अच्छा लगा।” रीना ने अपनी चूत दिखाई और बोली, “फिर आना, vidéki csajok हमेशा तैयार।”
तीसरे दिन मैंने दोनों को एक साथ चोदा। एक के ऊपर एक लिटाकर। उनकी चूतें एक के बाद एक चोदी। दोनों चीख-चीखकर झड़ रही थीं। मैंने उनकी गांडों पर थप्पड़ मारे। लाल निशान पड़ गए।
आखिरी रात को हमने बाहर खेत में चोदाई की। अंधेरा था लेकिन चांदनी में सब साफ दिख रहा था। दोनों ने घास पर लेटकर पैर फैलाए। मैंने एक-एक करके चोदा। उनकी सांसें तेज थीं। रस की गंध पूरे खेत में फैल रही थी।
मैं वापस दिल्ली आ गया लेकिन यादें अभी भी ताजा हैं। vidéki csajok ने मुझे ऐसा मजा दिया कि भूल नहीं सकता। अगर कभी फिर मौका मिला तो सीधा उनके गांव जाऊंगा।
(कहानी पूरी हुई, लेकिन याद रखना दोस्तों, असली जिंदगी में हमेशा सहमति और सुरक्षा का ध्यान रखना।)