नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। उम्र २५ साल है और नौकरी एक आईटी कंपनी में। दो साल पहले मेरी गर्लफ्रेंड प्रिया से मुलाकात हुई थी कॉलेज के एक पार्टी में। प्रिया बहुत खूबसूरत है, गोरी चमड़ी, बड़ी-बड़ी आँखें, मोटे होंठ और शरीर में हर जगह मांसल उभार। उसके स्तन इतने बड़े हैं कि हाथ में समा नहीं पाते, कमर पतली और गोल-गोल गाँड़ जो चलते समय हिलती रहती है। हम दोनों की शुरुआत दोस्ती से हुई, फिर रोमांस और आखिरकार हम बेड पर आ गए।
पहली बार जब हमने सेक्स किया था, वो भी मेरे फ्लैट में ही। प्रिया ने कहा था, “राहुल, आज मुझे पूरी तरह अपना बना लो।” हम दोनों नंगे हो गए। मैंने उसके स्तनों को हाथों में लिया, दबाया, चूसा। उसके निप्पल कड़े हो गए थे। प्रिया चीख रही थी, “आह्ह… राहुल, मेरी चूत गीली हो रही है।” मैंने उसकी चूत में उंगली डाली, वो गर्म और गीली थी। फिर मैंने अपना लंड निकाला, जो ७ इंच का मोटा था, और उसकी चूत में घुसा दिया। वो चीख पड़ी, “ओह्ह…

लंड डाल दिया, चोदो मुझे!” हम घंटों चोदते रहे, पसीना निकल रहा था, चूत का रस मेरे लंड पर चिपक रहा था।
उस रात के बाद हमारी भूख बढ़ गई। हर हफ्ते मिलते और नई-नई पोजीशन ट्राई करते। एक बार मॉनसून की बारिश में हम स्कूटर पर निकले थे। बारिश में भीगकर प्रिया का ब्लाउज पारदर्शी हो गया था, उसके ब्रा के नीचे से निप्पल साफ दिख रहे थे। फ्लैट पहुँचते ही हमने कपड़े उतारे। मैंने प्रिया को दीवार से लगाकर खड़ा किया, उसके गाँड़ को सहलाया और उंगलियाँ डालकर चूत को खोला। “प्रिया, तेरी चूत कितनी टाइट है, आज फाड़ दूँगा,” मैंने कहा। प्रिया बोली, “हाँ राहुल, मेरी चूत फाड़ दो अपने मोटे लंड से।” मैंने लंड चूत में घुसाया और जोर-जोर से धक्के मारे। बारिश की आवाज के साथ हमारे शरीर की टकराहट की आवाज आ रही थी। प्रिया का रस नीचे बह रहा था।
फिर हम बेड पर आए। प्रिया ने मेरे लंड को मुँह में लिया, चूसा, जीभ से चाटा। “तेरा लंड स्वादिष्ट है,” वो बोली। मैंने उसके बाल पकड़कर मुँह चोदना शुरू किया। थूक और लार से उसका मुँह गीला हो गया। फिर मैंने उसे उल्टा किया, गाँड़ ऊपर करके चूत चाटी। प्रिया चीख रही थी, “आह्ह… चूत चाटो, गाँड़ भी चाटो!” मैंने गाँड़ की दरार में जीभ डाली। फिर लंड गाँड़ में डालने की कोशिश की, लेकिन वो टाइट थी। थोड़ा तेल लगाकर धीरे-धीरे घुसाया। प्रिया दर्द से चीखी, “दर्द हो रहा है, लेकिन मत रुको, पूरी गाँड़ चोदो!”
हम दोनों पसीने से तर हो गए थे। लंड और चूत का रस मिलकर गंदा मिश्रण बना रहा था। प्रिया ने कहा, “राहुल, मुझे अपनी बीवी बना लो, हर रात चोदना।” मैंने उसे कुतिया पोजीशन में डाला, बाल पकड़कर जोर से चोदा। उसके स्तन हिल रहे थे। “देख, तेरे स्तन कितने बड़े हैं, दबा दबा के चोद रहा हूँ,” मैं बोलता रहा। प्रिया का ऑर्गेज्म आया, चूत से रस फूटा। मैंने भी अंदर झड़ दिया, गरम-गरम वीर्य उसकी चूत में भर दिया।
अगली सुबह हम नहाए साथ। शावर में फिर से शुरू हुआ। पानी गिर रहा था, प्रिया ने मेरे लंड को हाथ में लिया, हिलाया। मैंने उसे उठाकर दीवार से लगाया, लंड चूत में डाला। पानी में फिसलते हुए हम चोद रहे थे। प्रिया बोली, “राहुल, तू मेरा असली रोमांस है, लेकिन सेक्स में तू जानवर है।” हमने कई घंटे नहाते हुए चोदा।
समय बीतता गया, हमारी भूख बढ़ती गई। एक बार ऑफिस से छुट्टी लेकर हमने पूरे दिन फ्लैट में सेक्स किया। सुबह नाश्ते में प्रिया नंगी घूम रही थी। मैंने उसे टेबल पर लिटाया, चूत चाटी, फिर लंड डाला। दोपहर में सोफे पर, शाम को बालकनी में (पर्दे बंद करके)। रात को बेड पर डॉगी स्टाइल में। हर बार नई डायलॉग, “मेरी चूत फट गई, अब गाँड़ मार,” “तेरा लंड अंदर तक पहुँच रहा है,” “रस निकाल दो मेरी चूत से।”
एक बार प्रिया ने लिंगर<|eos|>