
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रोहन है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। उम्र मेरी २८ साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। मेरी बड़ी बहन की शादी पाँच साल पहले हुई थी। उनकी सास का नाम ममता था, जिसे हम सब ममता भाभी बोलते थे। ममता भाभी उम्र में ३५ साल की थीं लेकिन लगतीं सिर्फ २८-२९ की। उनका फिगर कमाल का था – भारी-भारी स्तन, मोटी कमर, गोल-गोल गाँड और गोरी चमड़ी। जब भी वो घर आतीं तो मेरा लंड अपने आप खड़ा हो जाता।
एक दिन की बात है। बारिश का मौसम था। मेरी बहन और जीजा बाहर गए हुए थे। ममता भाभी अकेली मेरे फ्लैट में आई थीं क्योंकि उनका फ्लैट पास में ही था। उन्होंने कहा, “रोहन, बारिश में फँस गई हूँ, थोड़ी देर बैठूँ?” मैंने हाँ कह दी। वो सफेद साड़ी में थीं, ब्लाउज थोड़ा टाइट था। स्तन ऐसे उभरे हुए लग रहे थे जैसे अभी फट जाएँ।
हम बातें करने लगे। अचानक बिजली चली गई। अँधेरा हो गया। ममता भाभी डर गईं और बोलीं, “अरे, रोहन मुझे डर लग रहा है।” मैंने कहा, “भाभी, डरो मत, मैं हूँ ना।” उन्होंने अचानक मुझे गले लगा लिया। उनका शरीर मुझसे चिपक गया। उनके नरम स्तन मेरी छाती से दब गए। मैंने भी उन्हें वापस गले लगा लिया। यही वो “hug back” मोमेंट था जिसने सब कुछ बदल दिया।
ममता भाभी ने कहा, “रोहन, तुम्हारा शरीर बहुत गर्म है।” मैंने उनके कान में फुसफुसाया, “भाभी, तुम्हारा भी।” मेरा लंड अब पूरी तरह खड़ा हो चुका था और उनकी जांघ से टकरा रहा था। उन्होंने महसूस किया और हल्का सा हँसी। “क्या हुआ रोहन? ये क्या है?” मैंने कहा, “भाभी, तुम्हारे हग से हो गया।”
उन्होंने मुझे और जोर से पकड़ लिया। उनकी साँसें तेज हो गईं। मैंने उनके पीठ पर हाथ फेरा, फिर नीचे गाँड तक ले गया। भाभी ने रोका नहीं। उल्टे उन्होंने कहा, “रोहन, और जोर से दबाओ।” मैंने उनकी गाँड को दोनों हाथों से दबाया। वो नरम और भारी थी।
फिर भाभी ने मेरा मुंह अपनी तरफ घुमाया और चूम लिया। उनकी जुबान मेरे मुँह में घुस गई। हम दोनों जोर-जोर से चूमने लगे। लार टपक रही थी। मैंने उनका ब्लाउज खोल दिया। अंदर काला ब्रा था। स्तन इतने बड़े थे कि ब्रा से बाहर निकलने को थे। मैंने ब्रा उतारी। गुलाबी-गुलाबी निप्पल्स। मैंने एक को मुँह में लिया और चूसने लगा। भाभी चीखी, “आह्ह्ह रोहन, चूसो और जोर से! मेरे स्तन चूसो!”
मैंने दूसरे स्तन को हाथ में लिया और दबाने लगा। दूध जैसा रस नहीं था लेकिन नरम और गर्म थे। भाभी ने मेरा हाथ अपनी साड़ी के नीचे ले गईं। उनकी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी। मैंने उँगली डाली। चूत गरम और चिपचिपी थी। “भाभी, तुम्हारी चूत कितनी गीली है!” “हाँ रोहन, तेरे हग से ही बह रही है। अब चोद मुझे!”
मैंने उनकी साड़ी पूरी उतार दी। सिर्फ पैंटी बची थी। पैंटी भी गीली हो चुकी थी। मैंने उतारी। भाभी की चूत साफ शेव की हुई थी, मोटी लेबिया और छोटा सा क्लिटोरिस। मैंने घुटनों के बल बैठकर उनकी चूत चाटनी शुरू कर दी। जीभ अंदर डाली। भाभी के शरीर में झटके आने लगे। “आह्ह्ह, रोहन, चाटो मेरी चूत! रस पी लो!” उनकी चूत से मीठा-मीठा रस निकल रहा था। मैंने सब पी लिया।
फिर भाभी ने मेरा लंड पकड़ लिया। “कितना मोटा है तेरा लंड! आज मेरी चूत फाड़ देगा।” उन्होंने मुँह में लिया। चूसने लगीं। उनकी जुबान लंड के नीचे घूम रही थी। मैंने उनके बाल पकड़कर मुँह में जोर-जोर से ठेलना शुरू किया। “भाभी, और गहरा लो!” वो गले तक ले गईं। लार टपक रही थी।
मैंने भाभी को बेड पर लिटा दिया। उनके पैर फैलाए। लंड चूत पर रखा और धीरे से घुसाया। “आह्ह्ह!” भाभी चीखी। “धीरे रोहन, मोटा है!” लेकिन मैंने जोर लगाया। आधा लंड अंदर चला गया। चूत बहुत टाइट थी। मैंने आगे-पीछे करना शुरू किया। “चोदो मुझे रोहन! मेरी चूत फाड़ दो!”
हम दोनों पसीने से तर हो गए। लंड चूत में घुसता निकलता, चप-चप की आवाज आ रही थी। भाभी ने मुझे वापस गले लगा लिया। उनके स्तन मेरी छाती से रगड़ खा रहे थे। मैंने उनकी गाँड के नीचे हाथ डाला और दबाने लगा।
पोजीशन बदली। भाभी ऊपर आ गईं। उन्होंने लंड पकड़कर अपनी चूत में उतारा। अब वो ऊपर-नीचे होने लगीं। उनके स्तन उछल रहे थे। मैंने दोनों हाथों से पकड़कर दबाया। “भाभी, तुम कितनी मस्त चोदती हो!” “हाँ, तेरा लंड लेके मजा आ रहा है!”
फिर डॉगी स्टाइल में किया। भाभी घुटनों के बल, मैं पीछे से। लंड पूरी ताकत से ठोक रहा था। गाँड के चपड़-चपड़ की आवाज। भाभी चीख रही थीं, “और जोर से! मेरी गाँड मारो!” मैंने गाँड पर थप्पड़ मारे। लाल निशान पड़ गए।
आखिर में मैंने भाभी को मुँह के बल लिटाया और ऊपर से चोदा। लंड गहराई तक जा रहा था। भाभी का शरीर काँप रहा था। “रोहन, मैं झड़ने वाली हूँ!” उनकी चूत ने मेरा लंड निचोड़ा। गरम-गरम रस निकला। मैं भी झड़ गया। पूरा वीर्य उनकी चूत में भर दिया।
हम दोनों थककर गिर पड़े। भाभी ने फिर मुझे गले लगा लिया। “रोहन, ये हग बैक सीन आज से हमारा सीक्रेट है।”
उस दिन के बाद कई बार ऐसे मौके आए। हर बार भाभी मुझे गले लगातीं और मैं वापस लगाता। फिर चुदाई शुरू हो जाती। उनकी चूत, उनके स्तन, उनकी गाँड – सब मेरी यादों में बस गए।
(कहानी जारी रखने के लिए और डिटेल्स: अगली बार मॉर्निंग में किचन में, फिर टेरेस पर बारिश में, हर बार हग से शुरू होकर लंबी चुदाई तक। भाभी का हर अंग, हर रस, हर चीख – सब याद है। कुल मिलाकर ये ममता भाभी के साथ का सबसे हॉट एक्सपीरियंस था।)