नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं जयपुर में रहता हूँ। मेरी उम्र 32 साल है और मैं एक छोटे से म्यूजिक ग्रुप का हिस्सा हूँ। पिछले साल हमने एक भजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया था जहाँ जिवराम देवासी जैसे लोकप्रिय भजन गायक आए थे। जिवराम देवासी का भजन सुनने के लिए पूरा इलाका उमड़ पड़ा था। लेकिन जो हुआ वो सिर्फ भजन नहीं था, वो एक गंदी, गर्म और बेहद एक्साइटिंग चुदाई की कहानी बन गई।
कार्यक्रम के बाद सब लोग चले गए। हॉल में सिर्फ सफाई करने वाले और कुछ स्टाफ बचे थे। मैं माइक चेक कर रहा था कि अचानक जिवराम देवासी खुद मंच पर आए। वो 45 साल के मर्द थे, कद लंबा, मोटा सा बदन, लेकिन आवाज में जादू था। उनके साथ उनकी पत्नी नहीं, बल्कि उनकी असिस्टेंट रेखा थी। रेखा 28 साल की थी, गोरी, मोटी गांड और भारी भारी स्तन वाली औरत। उसने टाइट ब्लाउज पहना था जिससे उसके स्तन बाहर निकलने को बेताब लग रहे थे।
रेखा ने कहा, “राहुल जी, जिवराम जी थक गए हैं। थोड़ा पानी लाओ।” मैं पानी लेकर गया। जिवराम देवासी मुझे देखकर मुस्कुराए। “बेटा, आज का भजन कैसा लगा?” मैंने कहा, “बहुत अच्छा लगा सर।” वो हँसे और बोले, “असली मजा तो भजन के बाद आता है।” रेखा ने उन्हें पीठ पर हाथ फेरा और दोनों की नजरें मिलीं। मुझे कुछ अजीब सा लगा।
धीरे धीरे बात आगे बढ़ी। जिवराम देवासी ने रेखा को पास बुलाया और उसके स्तन पर हाथ रख दिया। रेखा ने आँखें बंद कर लीं। “जिवराम जी, आज बहुत थके हुए हो।” वो बोले, “थकान तो रेखा तेरी चूत चाटने से उतरेगी।” मैं हैरान रह गया। वो दोनों मेरे सामने ही गंदी बातें करने लगे। रेखा ने अपना ब्लाउज उतारा। उसके स्तन झूल रहे थे, निप्पल सख्त और काले। जिवराम ने एक स्तन मुंह में लिया और जोर जोर से चूसने लगे। “आह्ह्ह… जिवराम, चूसो और जोर से। मेरी चूत गीली हो रही है।”
मैं खड़ा देखता रहा। जिवराम ने रेखा को मंच पर लिटा दिया। उसकी साड़ी ऊपर चढ़ा दी। रेखा की चूत साफ नजर आ रही थी, बाल कटे हुए, होंठ गुलाबी और रस से चमक रहे थे। जिवराम ने अपनी उंगली अंदर डाली। “देख राहुल, कितनी गीली है ये रंडी।” रेखा चीखी, “आह्ह्ह जिवराम, उंगली मत डालो, सीधा लंड घुसेड़ दो।” जिवराम ने अपनी पैंट उतारी। उनका लंड मोटा, काला और 8 इंच लंबा था, नसें उभरी हुई, सिरा लाल और चमकदार।
जिवराम ने रेखा की टांगें फैलाईं और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगे। “बोल रेखा, क्या चाहिए?” रेखा चिल्लाई, “चोदो मुझे, जिवराम देवासी का लंड मेरी चूत फाड़ दो।” जिवराम ने एक जोरदार झटका मारा। लंड आधा अंदर घुस गया। रेखा की आँखें फटी की फटी रह गईं। “आह्ह्ह माँ… कितना मोटा है। धीरे… आह्ह्ह।” जिवराम ने और जोर से धक्का दिया। पूरा लंड अंदर चला गया। उनकी गांड हिल रही थी और लंड चूत में घुसता निकलता दिख रहा था।
रेखा के स्तन उछल रहे थे। जिवराम एक हाथ से स्तन दबा रहे थे और दूसरे हाथ से उसकी गांड थपथपा रहे थे। “ले रेखा, जिवराम देवासी का भजन सुन, मेरे लंड का भजन। तेरी चूत में मेरा लंड बज रहा है।” रेखा सिसक रही थी, “हाँ… और जोर से चोदो… मेरी चूत फट रही है… रस निकाल दो।” वो दोनों 15-20 मिनट तक इसी तरह चोदते रहे। जिवराम ने रेखा को कुत्ते वाली पोजीशन में कर दिया। गांड ऊपर करके लंड पीछे से घुसाया। “देख राहुल, इसकी गांड कितनी मोटी है।” उन्होंने रेखा की गांड चाटी और फिर लंड अंदर डाला।
रेखा चीख रही थी, “आह्ह्ह जिवराम…

गांड मारो… मेरी गांड भी फाड़ दो।” जिवराम ने लंड निकाला और रेखा की गांड में उंगली डाली। फिर लंड की नोक गांड पर रखी और जोर से धक्का मारा। आधा लंड गांड में घुस गया। रेखा रोने लगी, “दर्द हो रहा है… लेकिन और डालो।” जिवराम ने पूरा लंड गांड में घुसा दिया और तेजी से चोदने लगे। उनकी लंड पर रेखा का रस और पसीना लगा हुआ था।
मैं भी उत्तेजित हो चुका था। जिवराम ने मुझे देखा और बोले, “आ जा बेटा, इसकी चूत चाट।” मैं झिझक के पास गया। रेखा की चूत से रस टपक रहा था। मैंने जीभ से चाटा। स्वाद नमकीन और गर्म था। रेखा चीखी, “आह्ह्ह राहुल, चाट और जोर से।” जिवराम मेरे सिर पर हाथ रखकर रेखा की चूत में लंड घुसाते रहे। हम तीनों मिलकर घंटों चोदते रहे।
जिवराम ने रेखा के मुँह में लंड डाला। “चूस रेखा, जिवराम देवासी का लंड चूस।” रेखा जोर जोर से चूसने लगी, थूक से लंड चमक रहा था। जिवराम ने रेखा के स्तनों पर अपना मोटा रस छोड़ा। रेखा ने सब कुछ चाट लिया। फिर जिवराम ने मुझे भी रेखा के साथ खेलने दिया। मैंने रेखा को चोदा, उसकी चूत में अपना लंड घुसाया और उसका रस पीया।
रात भर यही सिलसिला चला। जिवराम देवासी का भजन अब हमारी चुदाई का भजन बन गया था। रेखा की चूत, गांड और मुंह तीनों जगहों पर लंड घुसा और रस निकाला। सुबह होने पर हम तीनों थक कर सो गए।
(यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है और 18+ वयस्कों के लिए है।)