नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रोहन है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, एक छोटे से दो कमरे के फ्लैट में। उम्र मेरी पच्चीस साल है और मेरी गर्लफ्रेंड प्रिया उन्नीस साल की है। दोनों ही कॉलेज में पढ़ते थे लेकिन अब जॉब लग चुकी है। आज का दिन खास था क्योंकि प्रिया के मम्मी-पापा दो दिन के लिए गाँव गए हुए थे। घर में सिर्फ हम दोनों थे। सुबह से ही मेरा लंड खड़ा हो रहा था सोचकर कि आज रात क्या होने वाला है। प्रिया ने मुझे व्हाट्सएप पर मैसेज किया था, “राहुल, आज घर खाली है, आ जाओ जल्दी। मैंने नई लाल वाली ब्रा और पैंटी पहनी है।”
मैं स्कूटर लेकर उसके घर पहुँचा। दरवाजा खोला तो प्रिया ने सिर्फ शॉर्ट्स और टॉप पहना हुआ था। उसके बड़े-बड़े स्तन टॉप से बाहर निकलने को बेताब थे। मैं अंदर आया और दरवाजा बंद करते ही उसने मुझे गले लगा लिया। उसके नरम स्तन मेरी छाती से सट गए। मैंने उसके होंठों पर अपना मुँह लगा दिया और जीभ से चाटने लगा। प्रिया भी मेरी जीभ चूसने लगी। “रोहन, आज मुझे बहुत जोर से चोदना, मेरी चूत प्यासी है तेरे लंड की,” वो फुसफुसाई।
हम सोफे पर आ गए। मैंने उसका टॉप उतारा। लाल ब्रा में उसके गोरे स्तन जैसे फल लग रहे थे। ब्रा का हुक खोला तो दोनों स्तन बाहर आ गए। निप्पल गुलाबी और खड़े हो चुके थे। मैंने एक स्तन को मुँह में लिया और चूसने लगा। दूसरा हाथ से दबा रहा था। प्रिया सिसकारियाँ ले रही थी, “आह्ह्ह… रोहन, और जोर से चूस, मेरे स्तन तेरे हैं आज।” मैंने उसके निप्पल को दाँतों से हल्का काटा तो वो चीख पड़ी।
फिर मैंने उसके शॉर्ट्स और पैंटी उतार दी। उसकी चूत पूरी तरह साफ शेव की हुई थी, गुलाबी और चमकदार। मैंने उंगली से छुआ तो चिपचिपा रस निकल रहा था। “देख, कितनी गीली हो गई है तेरी चूत,” मैंने कहा। प्रिया ने मेरी पैंट खोली और लंड बाहर निकाला। मेरा लंड सात इंच का मोटा था, नसें फूल रही थीं। प्रिया ने उसे हाथ में लिया और ऊपर-नीचे करने लगी। “कितना बड़ा है तेरा लंड, आज मेरी चूत फाड़ देगा,” वो बोली और उसके मुँह में ले लिया। वो चूसने लगी, जीभ से लंड के सिरे को चाट रही थी। लार टपक रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर मुँह में धक्के मारने लगा। “हाँ प्रिया, और गहरा ले, मेरी रांड,” मैं गंदी बातें करने लगा।
लगभग दस मिनट चूसने के बाद मैंने उसे सोफे पर लिटा दिया। उसके पैर फैलाए और मुँह से चूत चाटने लगा। जीभ से क्लिट को रगड़ रहा था। प्रिया चीख रही थी, “आह्ह्ह… रोहन, चूत चूस ले मेरी, रस पी ले।” मैंने दो उंगलियाँ अंदर डालीं और तेजी से आंदोलन करने लगा। चूत से छप-छप की आवाजें आ रही थीं। प्रिया का शरीर काँप रहा था। “मैं झड़ने वाली हूँ,” वो चिल्लाई और गरम-गरम रस मेरे मुँह में छोड़ दिया। मैंने सब पी लिया।
अब बारी मेरे लंड की थी। मैंने प्रिया को कुत्ते वाली पोज में कर दिया। उसकी गोल-गोल गाँड मेरे सामने थी। मैंने लंड चूत पर रखा और एक जोरदार झटका मारा। लंड आधा अंदर चला गया। प्रिया चीखी, “आह्ह्ह…

धीरे, दर्द हो रहा है!” लेकिन मैंने नहीं सुना। दो-तीन और झटके में पूरा लंड अंदर घुस गया। चूत गर्म और तंग थी। मैं तेजी से चोदने लगा। “ले, मेरी चूत की रानी, आज तेरी चूत फाड़ दूंगा,” मैं बोलता जा रहा था। प्रिया भी “चोदो मुझे, जोर से चोदो, मेरी गाँड मारो” बोल रही थी।
हम पोज बदलते रहे। पहले मिशनरी में, फिर प्रिया ऊपर चढ़ गई। वो मेरे लंड पर उछल रही थी, उसके स्तन हिल रहे थे। मैंने उन्हें हाथों से दबाया। “तेरी चूत कितनी गरम है,” मैंने कहा। लगभग बीस मिनट बाद मैंने कहा, “प्रिया, मैं झड़ने वाला हूँ।” प्रिया ने कहा, “अंदर ही छोड़ दो, आज पिल्स ली हुई है।” मैंने जोर से धक्का मारा और गरम-गरम वीर्य उसकी चूत में भर दिया। वीर्य चूत से बाहर निकल रहा था।
थोड़ी देर आराम करने के बाद हम फिर शुरू हो गए। रसोई में, बाथरूम में, बेड पर। हर जगह चोदाई हुई। प्रिया की गाँड भी मारी, वो चीखती रही लेकिन मजा ले रही थी। रात भर हम नंगे घूमते रहे, चूमते रहे, चोदते रहे। सुबह तक प्रिया की चूत लाल हो चुकी थी और मेरे लंड में दर्द हो रहा था, लेकिन दोनों संतुष्ट थे।
ये थी हमारी वो यादगार रात जब घर में सिर्फ हम दोनों थे। प्रिया अब भी जब मिलती है तो याद करती है, “रोहन, अगली बार फिर घर खाली करवाना।”