
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। उम्र मेरी २८ साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। ये कहानी मेरी असली जिंदगी की है, जब मेरी पड़ोस वाली भाभी ने मुझे "desi lok geet bhejo" बोला और बात आगे बढ़ गई।
ये सब शुरू हुआ पिछले साल मॉनसून के समय। मेरी उम्र २८, कद ५'१०", शरीर थोड़ा मोटा लेकिन लंड ७ इंच का मोटा और नसों वाला। पड़ोस में एक जोड़ा रहता था, विक्रम भाई और उनकी बीवी प्रिया भाभी। विक्रम भाई अक्सर बाहर टूर पर रहते थे, प्रिया भाभी घर संभालती थी। प्रिया भाभी की उम्र ३२ साल, गोरी चमड़ी, मोटी-मोटी जांघें, ३६ इंच की भारी-भारी छातियां जो ब्लाउज में फटने को तैयार रहती थीं, और गोल-गोल मोटी गांड जो चलते समय लहराती थी। उनके बाल काले और लंबे, होठ मोटे और लाल, और आंखों में एक अलग सी भूख दिखती थी।
एक शाम बारिश हो रही थी। मैं अकेला फ्लैट में बैठा व्हाट्सएप पर गाने सुन रहा था। प्रिया भाभी का मैसेज आया – "राहुल, desi lok geet bhejo, बोर हो रही हूँ।" मैंने सोचा क्यों न कुछ गंदे मूड वाले लोकगीत भेज दूं। मैंने कुछ पुराने देसी गाने भेजे जैसे "मेरा लाल रंग का चोला" और "चोली के पीछे क्या है" वाले वर्जन।
भाभी ने रिप्लाई किया, "अरे वाह, ये तो बहुत गंदे वाले हैं। और भेजो ना, और डर्टी।" मैंने और भेजे, अब गाने में "लंड" और "चूत" जैसे शब्द आ रहे थे। बात आगे बढ़ी। भाभी ने लिखा, "राहुल, तेरे पास और कुछ है? सुनके मेरा मन कर रहा है कुछ करने का।"
मैंने हिम्मत करके फोन पर कॉल किया। भाभी ने उठाया, आवाज धीमी और सांस फूल रही थी। "राहुल, विक्रम बाहर गए हैं तीन दिन के लिए। तू आ जा मेरे फ्लैट में।" मैं तुरंत उठा, शॉर्ट्स और टीशर्ट पहनकर उनके दरवाजे पर पहुंचा।
दरवाजा खुला तो प्रिया भाभी सामने खड़ी थीं, सिर्फ पतला सा नाइट gown पहने हुए। gown इतना पतला था कि उनके मोटे निप्पल साफ दिख रहे थे और जांघों के बीच की फटी हुई चूत की गर्माहट महसूस हो रही थी। उन्होंने मुझे अंदर खींचा और दरवाजा बंद किया।
"राहुल, desi lok geet सुनते सुनते मेरा पूरा शरीर गर्म हो गया है। तू मुझे चोदेगा ना?" भाभी ने सीधा कहा। मैंने उन्हें दीवार से लगाया और उनके होठों पर अपना मुंह मार दिया। जीभ अंदर डाली, चूसने लगा। भाभी की सांस गर्म थी, उनकी जीभ मेरी जीभ से लिपट रही थी।
मैंने gown उतारा। सामने थीं नंगी प्रिया भाभी। उनकी भारी छातियां झूल रही थीं, निप्पल सख्त और काले। मैंने एक चूची मुंह में ली और जोर से चूसने लगा। दूसरी चूची को हाथ से मसल रहा था। भाभी चीख रही थी, "आह्ह्ह राहुल, चूस ले मेरी मोटी चूचियां, काट ले इनको!"
मैं घुटनों के बल बैठ गया। उनकी फटी हुई चूत सामने थी, बाल कटे हुए लेकिन थोड़े-थोड़े बाल बचे थे। चूत के होंठ मोटे और गुलाबी, अंदर से गीला रस टपक रहा था। मैंने जीभ बाहर निकाली और चूत चाटने लगा। भाभी के जांघें कांप रही थीं। "ओह्ह्ह मादरचोद, चूत चाट, पूरा रस पी ले!"
मैंने उनकी चूत के अंदर जीभ डाली और ऊपर-नीचे करने लगा। भाभी मेरा सर अपने जांघों के बीच दबा रही थीं। "राहुल, उंगली भी डाल, दो उंगली डाल मेरी चूत में!" मैंने दो उंगली अंदर डाली और तेजी से आंदोलन करने लगा। चूत से छप-छप की आवाज आ रही थी, रस मेरे हाथ पर बह रहा था। भाभी चीख-चीखकर चिल्ला रही थीं, "चोद मुझे, लंड डाल मेरी चूत में!"
मैं उठा और अपना शॉर्ट्स उतारा। मेरा ७ इंच का मोटा लंड खड़ा हो चुका था, नसें फूल रही थीं, सिरा लाल और चमक रहा था। भाभी ने लंड हाथ में लिया और सहलाने लगीं। "कितना मोटा है तेरा लंड, विक्रम का तो पतला सा है। आज मेरी चूत फाड़ दे!"
भाभी ने लंड मुंह में लिया। जीभ से सिरे को चाटा, फिर पूरा मुंह में घुसा लिया। गला घोंटकर चूसने लगीं। "ग्लुक-ग्लुक" की आवाज आ रही थी। मैं उनका सर पकड़कर तेजी से मुंह चोदने लगा। "ले भाभी, मेरा लंड चूस, पूरा निगल ले!"
कुछ देर बाद मैंने उन्हें बेड पर लिटाया। पैर फैलाए। चूत पूरी तरह गीली थी, रस बह रहा था। मैंने लंड का सिरा चूत के मुंह पर रखा और एक जोरदार झटका मारा। लंड आधा अंदर घुस गया। भाभी चीख पड़ी, "आह्ह्ह मर गई, मोटा लंड फाड़ रहा है!"
मैंने धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर डाला। चूत की दीवारें मेरे लंड को कस रही थीं। फिर तेजी से चोदने लगा। "थप-थप-थप" की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। भाभी के मोटे स्तन लहरा रहे थे। मैं उनकी छातियां दबा रहा था और जोर-जोर से चोद रहा था। "ले प्रिया, तेरी चूत मेरे लंड की गुलाम बन गई!"
हम पोजीशन बदलते गए। पहले डॉगी स्टाइल में। भाभी घुटनों के बल, गांड ऊपर। मैं पीछे से लंड डालकर जोर-जोर से ठोकने लगा। उनकी मोटी गांड पर थप्पड़ मार रहा था। "आह्ह्ह राहुल, गांड भी मार, मेरी गांड चोद!"
मैंने थूक लगाकर गांड में उंगली डाली। फिर लंड निकालकर गांड के छेद पर रखा। एक जोरदार झटके में आधा लंड गांड में घुस गया। भाभी चीख रही थीं लेकिन मजे से, "दर्द हो रहा है लेकिन अच्छा लग रहा है, पूरा डाल!"
मैंने पूरा लंड गांड में घुसा दिया और तेजी से चोदने लगा। गांड की मांसल दीवारें लंड को कस रही थीं। भाभी की चूत से रस टपक रहा था।
हम घंटों चोदते रहे। एक बार भाभी ने मेरा लंड अपनी चूत में डालकर ऊपर-नीचे होने लगीं। उनकी छातियां मेरे मुंह में थीं। "राहुल, मैं झड़ने वाली हूँ, अपना रस मेरी चूत में छोड़!"
आखिर में मैंने जोर से झटका मारा और गर्म-गर्म रस उनकी चूत में भर दिया। भाभी भी झड़ गईं, चूत से रस निकलकर मेरे लंड पर बह रहा था।
हम थककर गिर गए। भाभी ने कहा, "राहुल, अब रोज desi lok geet bhejo, और रोज आना चोदने।"
ये कहानी यहीं खत्म नहीं हुई, अगले दिन फिर शुरू हुई लेकिन वो अलग कहानी है।