नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम विक्रम है। मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से देहात में रहता हूँ। उम्र मेरी ३२ साल है। आज मैं आपको एक ऐसी सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ जो मेरी जिंदगी में कभी नहीं भूल पाएगा। ये कहानी मेरी अपनी है, जो एक देहाती क्राइम फाइल वीडियो से शुरू हुई और फिर पूरी तरह से गंदी चुदाई में बदल गई।
गाँव में सब कुछ शांत लगता है लेकिन अंदर से बहुत कुछ चलता रहता है। मेरी उम्र के आसपास की एक औरत थी रानी। वो २८ साल की, शादीशुदा लेकिन पति बाहर शहर में मजदूरी करता था। रानी का शरीर देखकर कोई भी पागल हो जाए। उसकी मोटी-मोटी छातियाँ, गोल-गोल और भारी, जिनको देखकर लंड खड़ा हो जाए। उसकी कमर पतली लेकिन नितंब बहुत चौड़े और मोटे, जैसे दो बड़े तकिये लगे हों। चूत उसकी इतनी रसीली थी कि एक बार चाटने के बाद छोड़ना मुश्किल।
एक दिन पुलिस ने गाँव में छापा मारा। उन्होंने एक पुराने केस की फाइल खंगाली जिसमें कुछ पुराने वीडियो थे। उनमें से एक वीडियो मेरे हाथ लग गई। नाम था देहाती क्राइम फाइल वीडियो। जब मैंने खोली तो देखा कि रानी अपनी झोपड़ी में नंगी लेटी हुई थी। उसका एक आदमी के साथ सेक्स चल रहा था। वीडियो में रानी चीख-चीखकर बोल रही थी, “अरे हाँ, मेरी चूत को और जोर से चोदो! लंड डालो अंदर, रस निकाल दो!” वो आदमी उसकी मोटी गांड को थपथपा रहा था और लंड उसके चूत में घुसा रहा था।
मैंने वीडियो देखकर लंड तुरंत खड़ा हो गया। सोचा कि इस वीडियो का इस्तेमाल करके रानी को ब्लैकमेल करूँ। अगले दिन शाम को मैं उसके घर गया। रानी अकेली थी। मैंने सीधा कहा, “रानी, वो देहाती क्राइम फाइल वीडियो मेरे पास है। अगर पुलिस को बता दूँ तो तेरा पति और परिवार सब कुछ खत्म।”
उसके चेहरे पर घबराहट छा गई। वो बोली, “विक्रम भाई, मत करो ऐसा। कुछ भी मांग लो।” मैंने कहा, “मैं तेरी चूत चोदना चाहता हूँ। अभी, यहाँ।” रानी पहले तो मना करने लगी लेकिन फिर हार मान गई। उसने साड़ी उतार दी। उसके नीचे कोई ब्लाउज नहीं था। दो भारी छातियाँ झूल रही थीं, निप्पल काले और खड़े। मैंने तुरंत एक चूची मुंह में ले ली और चूसने लगा। रानी की सांस तेज हो गई। “आह्ह…

विक्रम, धीरे… चूस मत इतना जोर से।”
मैंने उसकी दूसरी चूची भी चूसी, फिर हाथ नीचे ले गया। उसकी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी। उंगलियां डाली तो रस की धार बह रही थी। “देख, तेरी चूत कितनी प्यासी है।” मैंने कहा और दो उंगलियां अंदर घुसा दीं। रानी चीख पड़ी, “हाँ, उंगलियां और डालो! चूत फाड़ दो मेरी!”
मैंने लंड निकाला। वो ७ इंच का मोटा लंड था। रानी को घुटनों के बल बिठाया और मुंह में ठूंस दिया। “चूस मेरे लंड को, रानी। जिह्वा से चाट।” वो चूसने लगी, गले तक ले रही थी। लार बह रही थी उसके मुंह से। “गले तक ले, रंडी!” मैंने उसके बाल पकड़कर जोर से धक्के मारे।
फिर मैंने उसे चारपाई पर लिटाया। टांगें फैलाईं। चूत का होल साफ दिख रहा था, गुलाबी और रस से भरा। मैंने लंड सेट किया और एक झटके में पूरा घुसा दिया। “आह्ह्ह… विक्रम! लंड फट गई मेरी चूत!” रानी चीखी। मैं धीरे-धीरे शुरू किया, फिर तेज हो गया। थप-थप की आवाजें भर रही थीं कमरे में। उसकी मोटी गांड हिल रही थी हर धक्के पर।
मैंने पोजीशन बदली। रानी को कुत्ते वाली स्टाइल में करवाया। गांड ऊपर उठाकर लंड पीछे से घुसाया। एक हाथ से उसकी चूत मसल रहा था, दूसरे से गांड थपथपा रहा था। “तेरी गांड भी मारूं क्या?” मैंने पूछा। रानी बोली, “हाँ, गांड भी फाड़ दो! आज सब कुछ ले लो।” मैंने थूक लगाकर गांड में लंड डाला। वो चीख रही थी लेकिन रस भी निकाल रही थी।
हम घंटों चोदते रहे। मैंने उसकी चूत में झाड़ दिया। रस अंदर भर गया। फिर निकालकर उसकी छातियों पर फैलाया। रानी थक गई थी लेकिन मैंने फिर लंड खड़ा किया और मुंह में डाल दिया। वो चूसते-चूसते फिर तैयार हो गई।
इसके बाद कई दिन तक यही सिलसिला चला। हर रात वो मेरे लिए इंतजार करती। देहाती क्राइम फाइल वीडियो हमारी सेक्स की वजह बन गई। रानी की चूत रोज चुदती, गांड मारती, और दोनों रस निकालते। गाँव में कोई शक नहीं करता था।
एक बार बारिश में हम खेत के किनारे गए। रानी ने साड़ी ऊपर उठाई, मैंने पीछे से चोदा। पानी गिर रहा था, हम दोनों भीग चुके थे लेकिन लंड-चूत का खेल जारी था। उसकी छातियां पानी से चमक रही थीं, निप्पल ठंडे होकर खड़े। मैंने चूची चूसते हुए चोदा। रानी चिल्ला रही थी, “और जोर से चोदो विक्रम! आज मुझे पूरी तरह रंडी बना दो!”
हमारी चुदाई इतनी गंदी और लंबी होती कि दोनों पसीने से तरबतर हो जाते। लंड पर रस और पानी की लेयर बन जाती। रानी की चूत फूल जाती, होंठ लाल हो जाते। मैं उसकी गांड में उंगली डालकर चूत चोदता। वो दो-दो बार झड़ जाती।
धीरे-धीरे रानी की आदत पड़ गई। वो खुद बोलने लगी, “विक्रम, आज गांड मारो पहले। चूत बाद में।” हम दोनों मिलकर नई-नई पोजीशन आजमाते। कभी दीवार से टिका कर, कभी उल्टा लिटाकर। हर बार देहाती क्राइम फाइल वीडियो की याद आती और हम और गंदे हो जाते।
आखिरकार एक दिन पुलिस ने केस बंद कर दिया। लेकिन हमारी चुदाई बंद नहीं हुई। रानी अब मेरी नियमित रंडी बन चुकी थी। गाँव में छुपकर, खेत में, या उसके घर में, हम चोदते रहते। उसकी मोटी छातियां, रसीली चूत, और मलाईदार गांड मेरे लंड की भूख कभी नहीं मिटाती।
ये थी मेरी देहाती क्राइम फाइल वीडियो वाली कहानी। जो सुनकर तुम्हारा भी लंड खड़ा हो गया होगा। अगर और डिटेल चाहिए तो बताना।