
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम अक्षरा है। मैं दिल्ली के एक छोटे से इलाके में रहती हूँ, शादीशुदा हूँ और मेरे पति अक्सर बाहर रहते हैं। लेकिन आज मैं आपको अपनी वो कहानी सुनाने वाली हूँ जो मेरी जिंदगी बदल गई, जब YRKKH Naitik Entry हुआ। ये सब शुरू हुआ पिछले महीने जब बारिश का मौसम था। मेरा फ्लैट थोड़ा पुराना है, दीवारें पतली, और पड़ोस में सब कुछ सुनाई देता है। मैं अक्सर अकेली रहती थी, रात को अकेले बिस्तर पर लेटकर अपनी चूत को उंगलियों से सहलाती, सोचती कि कोई मर्द आए और मुझे जोरों से चोदे।
एक शाम अचानक दरवाजे पर दस्तक हुई। मैंने देखा तो बाहर खड़ा था नितिक, वो हॉट सा मर्द जो हमारे सोसाइटी में नया आया था। उसकी कद-काठी देखकर ही मेरी चूत गीली हो गई। वो बोला, “अक्षरा जी, पानी का पाइप लीक हो रहा है, क्या आप मदद कर सकती हैं?” मैंने उसे अंदर बुलाया। वो अंदर आया, उसकी मांसल छाती, मजबूत हाथ, और वो लंड का उभार जो उसके पैंट में साफ दिख रहा था। मैंने सोचा, यही मौका है YRKKH Naitik entry का।
हम बातें करने लगे। नितिक ने कहा, “अक्षरा, तुम बहुत सेक्सी लग रही हो आज।” मैं शरमा गई लेकिन अंदर से आग लग रही थी। उसने मेरी कमर पकड़ी और खींच लिया। “मुझे पता है तुम्हारी चूत सूखी नहीं है, गीली हो रही होगी ना?” उसने सीधा कहा। मैंने कोई विरोध नहीं किया। उसने मेरे ब्लाउज के बटन खोले, मेरे 36 इंच के स्तन बाहर आ गए, निप्पल्स खड़े हो चुके थे। नितिक ने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा, जोर-जोर से, जैसे कोई भूखा बच्चा। मैं कराह उठी, “आह्ह्ह नितिक, और जोर से चूसो, मेरी चूत में आग लग रही है।”
उसने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया। मेरी साड़ी ऊपर खींची, पैंटी उतारी। मेरी चूत पूरी तरह गीली थी, रस बह रहा था। नितिक ने उंगली डाली, “वाह, कितनी टाइट चूत है तुम्हारी।” वो उंगली अंदर-बाहर करने लगा, फिर दो उंगलियां, फिर तीन। मैं चीख रही थी, “चोदो मुझे, लंड डालो इस चूत में!” नितिक ने अपना पैंट उतारा। उसका लंड निकला, 8 इंच का मोटा, नसें उभरी हुई, सिरा लाल और चमकदार। उसमें से प्री-कम टपक रहा था। मैंने उसका लंड हाथ में लिया, मूंह में लिया और चूसने लगी। “चूसो रानी, पूरा गला तक ले लो,” वो बोला। मैंने उसके अंडों को भी चाटा, उसके लंड पर थूक लगाकर मालिश की।
फिर नितिक ने मेरी टांगें फैलाईं और अपना लंड मेरी चूत के मुंह पर रखा। एक जोरदार झटका, लंड आधा अंदर घुस गया। “आह्ह्ह माँ, कितना मोटा है!” मैं चिल्लाई। वो धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर घुसा रहा था, मेरी चूत की दीवारें खिंच रही थीं। जब पूरा लंड अंदर हो गया तो वो जोर-जोर से चोदने लगा। “ले, ले मेरी रंडी, तेरी चूत फाड़ दूंगा,” वो गंदी बातें कर रहा था। हर झटके में उसका लंड मेरी गर्भाशय तक टकरा रहा था। मेरे स्तन उछल रहे थे, पसीना बह रहा था। मैं भी चिल्ला रही थी, “हाँ नितिक, और जोर से चोद, मेरी चूत का रस निकाल दो!”
हम पोजीशन बदलते गए। पहले डॉगी स्टाइल में, उसने मेरी गांद थपथपाई, “कितनी गोरी गांद है, अब इसमें भी लंड डालूं?” मैंने हां कहा। उसने मेरी गांद में उंगली डाली, फिर लंड घुसाया। गांद फटने लगी, दर्द और मजा दोनों। “आह्ह्ह, धीरे, लेकिन और गहरा,” मैं रो रही थी। नितिक ने मेरी चूत और गांद दोनों बारी-बारी से चोदा। रस, पसीना, सब मिलकर बिस्तर गीला हो गया।
लंबे समय तक चुदाई चली। नितिक ने मुझे ऊपर चढ़ाकर चोदा, मैं उसके लंड पर उछल रही थी, मेरे स्तन उसके मुंह में। फिर वो नीचे आया और मेरी चूत चाटने लगा, जीभ अंदर डालकर रस पी रहा था। “तेरा चूत का स्वाद अमृत है,” वो बोला। मैं orgasms के झटके ले रही थी, एक के बाद एक। आखिर में नितिक बोला, “अब मेरा पानी निकाल,” और उसने मेरी चूत में झड़ते हुए गरम-गरम वीर्य भर दिया। वीर्य बाहर निकल रहा था, मैंने उसे चाटा।
ये YRKKH Naitik entry रात भर चली। सुबह तक हम थक चुके थे, लेकिन चुदाई का मजा बेमिसाल था। नितिक ने कहा, “अब ये रूटीन हो जाएगा।” मैंने हां कहा। तब से वो अक्सर आता है, मेरी चूत, गांद, मुंह सब इस्तेमाल करता है। मेरी जिंदगी बदल गई, अब मैं रोज नई-नई पोजीशन ट्राई करती हूँ, गंदी बातें करती हूँ, और चूत में लंड लेती हूँ।
(यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती, दोस्तों। हर रात नया मजा, नई चुदाई। नितिक का लंड मेरी चूत का राजा बन गया है। उसकी entry हर बार नई सनसनी लाती है – कभी किचन में, कभी बालकनी में, कभी शावर में। उसकी उंगलियां मेरी चूत में घुसती हैं, लंड निकालता है, रस टपकाता है। मैं उसके अंडों को निचोड़ती हूँ, मुंह में लेकर चूसती हूँ जब तक वो चीख न उठे। गांद में लंड घुसाकर वो मेरी कमर पकड़ता है, जोर-जोर से थाप मारता है, “ले रंडी, तेरी गांद फट गई ना?” मैं पसीने से तर, स्तनों को मसलती हुई चीखती हूँ, “हां, और मार, मेरी चूत भी भूखी है।” हम घंटों तक चोदते हैं, पोजीशन बदलते हैं – 69 में एक-दूसरे का रस पीते हैं, फिर मिशनरी में लंड गहरा घुसता है। वीर्य भरता है, बाहर निकालकर फिर डालता है। मेरी चूत लाल हो जाती है, सूज जाती है, लेकिन मजा दोगुना। दिल्ली की गर्म रातों में हमारी सांसें एक हो जाती हैं, और YRKKH Naitik entry हर बार नया जादू दिखाता है। अब मैं इंतजार करती हूँ उसकी अगली entry का, चूत गीली करके।)