नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रोहन है। मैं दिल्ली में एक छोटी सी जॉब करता हूँ, लेकिन हर साल गर्मियों में अपने गांव जाता हूँ। गांव का नाम है बरेली के पास एक छोटा सा कस्बा, जहां हरे-भरे खेत, मिट्टी की सड़कें और पुराने मकान हैं। पिछले साल जब मैं गया तो कुछ ऐसा हुआ कि आज भी याद करके लंड खड़ा हो जाता है। मैं वॉलपेपर डिजाइनर हूं, खासकर romantic village HD wallpapers बनाता हूं। क्लाइंट्स को गांव की रोमांटिक तस्वीरें पसंद आती हैं – हरे खेत, नदी किनारे पेड़, और सुबह की धुंध। लेकिन इस बार असली गांव में जो कुछ हुआ, वो किसी वॉलपेपर से ज्यादा हॉट और गंदा था।
गांव पहुंचते ही मेरी नजर पड़ोस की बेटी मीरा पर पड़ी। वो बीस साल की थी, गोरी, मोटी गांड और बड़े-बड़े स्तन वाली लड़की। उसके बाल लंबे, काली आंखें और होंठ इतने रसीले कि चूसने का मन करे। वो अक्सर खेतों में पानी भरने जाती, और उसके कपड़े पसीने से भीग जाते। पहले दिन ही हमारी बात हुई। मैंने उसे बताया कि मैं romantic village HD wallpapers बनाता हूं। वो हंसी और बोली, “रोहन भैया, मुझे भी दिखाओ ना अपनी वॉलपेपर्स।” रात को जब अंधेरा हुआ, वो मेरे कमरे में आ गई।
मीरा ने दरवाजा बंद किया और सीधे मेरे पास बैठ गई। उसकी सांसें तेज थीं। “रोहन, मुझे गांव की वो रोमांटिक वाली तस्वीरें बहुत पसंद हैं, लेकिन असली वाला मजा चाहिए।” मैंने उसे खींच लिया। उसके स्तन मेरी छाती से सट गए। मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोले। अंदर से काले ब्रा में उसके बड़े स्तन उभरे हुए थे। मैंने ब्रा हटाई और एक स्तन मुंह में ले लिया। चूसा जोर से, जीभ से घुमाया। मीरा चीखी, “आह्ह्ह…

रोहन, चूसो और जोर से, मेरे स्तन दूध से भर गए हैं।” मैंने दूसरे स्तन को हाथ में लिया, निचोड़ा, उंगलियों से निप्पल घुमाया। वो कराह रही थी, “हां… ऐसे ही, मेरा रस निकाल दो।”
फिर मैंने उसकी साड़ी ऊपर उठाई। उसकी जांघें मोटी और मुलायम थीं। पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी उतारी। उसकी चूत साफ, गुलाबी और बालों से थोड़ी ढकी हुई थी। चूत के होठ फूले हुए, और अंदर से चमकदार रस टपक रहा था। मैंने उंगली डाली। चूत गर्म और टाइट थी। “मीरा, तेरी चूत कितनी गीली है, देख रस कैसे बह रहा है।” वो बोली, “रोहन, अपनी उंगली और अंदर डालो, चोदो मेरी चूत को।” मैंने दो उंगलियां डालीं, अंदर-बाहर करने लगा। वो मचल रही थी, “आह्ह्ह… लंड चाहिए, तेरा मोटा लंड चूत में घुसा दो।”
मैंने अपना लंड निकाला। वो आठ इंच का, मोटा, नसों से भरा और सिरा लाल था। लंड पर पहले से ही प्री-कम चमक रहा था। मीरा ने लंड हाथ में लिया, सहलाया। “कितना बड़ा है तेरा लंड, गांव के लड़कों से दोगुना।” उसने मुंह में लिया। जीभ से सिरे को चाटा, फिर पूरा अंदर लिया। चूसने लगी, “चुप चुप” की आवाज आ रही थी। मैंने उसके बाल पकड़कर मुंह में ठेला। “मीरा, और गहरा चूस, मेरा रस पी ले।” वो गला लगाकर चूस रही थी, लार लंड पर बह रही थी।
फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। पैर फैलाए। चूत सामने थी, रस बह रहा था। मैंने लंड चूत के मुंह पर रखा, रगड़ा। “बोल, चोदूं तेरी चूत?” वो चीखी, “हां रोहन, अब चोद दो, मेरी चूत फाड़ दो अपने लंड से।” मैंने एक जोर का झटका मारा। लंड आधा अंदर घुस गया। चूत टाइट थी, मीरा चीख पड़ी, “आह्ह्ह… दर्द हो रहा, लेकिन और घुसा।” मैंने धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर किया। चूत गर्म, गीली और कसक रही थी। मैंने जोर-जोर से चोदना शुरू किया। “प्लच प्लच” की आवाज, उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने स्तन पकड़कर निचोड़ा, “ले, मेरी चूत की रानी, लंड ले।” वो बोल रही थी, “हां… और जोर से चोद, मेरी गंदी चूत को फाड़ डाल।”
हमने पोजीशन बदली। वो ऊपर आई, मेरे लंड पर बैठ गई। गांड हिलाकर चोदने लगी। उसके स्तन मेरे मुंह के सामने, मैं चूस रहा था। “मीरा, तेरी गांड कितनी मोटी है, देख कैसे उछल रही।” वो तेजी से कूद रही थी, चूत में लंड घुस-घुसकर। रस लंड पर बह रहा था, मेरी जांघों पर लग रहा था। मैंने उसकी गांड थपथपाई, “थप थप” की आवाज। वो चीखी, “मार मेरी गांड, और मार।”
फिर डॉगी स्टाइल में किया। मीरा घुटनों पर, गांड ऊपर। मैंने पीछे से लंड डाला। गांड के दो टुकड़े अलग हो गए, चूत साफ दिख रही थी। मैंने जोर से चोदा। हाथों से उसकी कमर पकड़ी, खींचा। “रोहन, मेरी चूत में रस भर दो, अंदर ही निकाल।” मैंने रफ चोदा, बीस-तीस झटके लगाए। लंड पूरा अंदर-बाहर हो रहा था। मीरा का शरीर कांप रहा था, “आह्ह्ह… आ रहा है, मेरा पानी निकल रहा।” उसकी चूत ने कस लिया, रस निकला, मेरे लंड पर छलक गया।
मैं भी रुक नहीं सका। “मीरा, मैं भी छोड़ रहा, ले मेरा गर्म रस।” लंड फड़का, अंदर ही झड़ गया। गर्म-गर्म वीर्य चूत में भर गया। वो बोली, “कितना गरम है तेरा रस, चूत भर गई।” हम थककर गिर गए। लेकिन रात भर चोदा। सुबह फिर से, खेत के पास जाकर।
वो romantic village HD wallpapers अब मेरे लिए असली याद बन गई। मीरा की चूत, उसके स्तन, लंड चूसने का मजा – सब कुछ अभी भी याद आता है। गांव से लौटते समय उसने कहा, “अगली बार फिर आना, और लंबा लंड लेकर।” दोस्तों, ये मेरी असली कहानी है। अगर पसंद आई तो बताना, और डिटेल दूंगा।