
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम विक्रम है। मैं बैंगलोर में एक आईटी कंपनी में काम करता हूँ। उम्र ३२ साल है, कद ५ फुट १० इंच, शरीर थोड़ा मोटा लेकिन मर्दाना। मेरी जिंदगी में कई औरतें आईं लेकिन जो मज़ा मुझे साउथ इंडियन ममता के साथ मिला वो कभी नहीं मिला। ममता एक हॉट साउथ इंडियन औरत थी, उम्र करीब २८ साल, गोरी-काली मिक्स स्किन, मोटी-मोटी जांघें, बड़ी-बड़ी गोल छातियां और एकदम तंग गोल गांड। उसकी चूत की खुशबू अभी भी याद आती है।
ये कहानी शुरू हुई जब मैं हैदराबाद से बैंगलोर लौट रहा था ट्रेन में। एसी कोच में मेरी सीट लोअर बर्थ थी। ट्रेन स्टेशन से निकली तो मेरे सामने वाली बर्थ पर एक औरत बैठी थी। नाम ममता, साउथ इंडियन, टाइट साड़ी में। साड़ी नीचे से थोड़ी ऊपर चढ़ी हुई थी जिससे उसकी मोटी पिंडलियां दिख रही थीं। उसकी छातियां साड़ी के ब्लाउज में फंसकर बाहर आने को बेताब थीं। मैंने नजरें उठाकर देखा तो उसकी आंखें मेरी तरफ थीं। मुस्कुरा के बोली, “हेलो, आप भी बैंगलोर जा रहे हैं?”
हमारी बातें शुरू हुईं। ममता हैदराबाद की रहने वाली थी लेकिन बैंगलोर में जॉब सर्च कर रही थी। वो अकेली ट्रैवल कर रही थी। रात हो गई। लाइट्स डिम कर दी गईं। ट्रेन की झटकों में उसकी साड़ी और ऊपर चढ़ रही थी। मैं सो नहीं पा रहा था। अचानक ममता ने पूछा, “विक्रम, क्या आप मुझे थोड़ा पानी दे सकते हैं?” मैंने बोतल दी तो उसका हाथ मेरे हाथ से टकराया। स्पार्क हुआ।
धीरे-धीरे बातें गंदी होने लगीं। ममता ने फुसफुसाते हुए कहा, “विक्रम, तुम्हारी नजरें मेरी छातियों पर क्यों घूम रही हैं?” मैंने सीधा जवाब दिया, “क्योंकि तुम्हारी छातियां इतनी बड़ी और गोल हैं कि मन करता है चूस लूं।” वो हंस पड़ी। “तो चूस लो ना।”
ट्रेन में सब सो रहे थे। हम दोनों नीचे उतरकर वॉशरूम की तरफ गए। छोटे से वॉशरूम में घुसे। ममता ने साड़ी ऊपर उठाई, पैंटी उतारी। उसकी चूत एकदम साफ शेव की हुई थी, होंठ मोटे और गुलाबी, अंदर से गीली। मैंने घुटनों के बल बैठकर उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी। जीभ घुसा के अंदर तक चाटा। ममता जोर-जोर से सिसकारियां ले रही थी, “आह्ह्ह विक्रम, तेरी जीभ मेरी चूत में आग लगा रही है। और जोर से चाट, मेरी चूत का रस पी ले।”
उसकी चूत से रस बह रहा था। मैंने दो उंगलियां अंदर डालीं और तेजी से फिंगरिंग करने लगा। ममता की गांड हिल रही थी। “विक्रम, अब अपना लंड निकाल, मेरी चूत फाड़ दे।” मैंने अपना लंड बाहर निकाला। ७ इंच का मोटा लंड, नसें उभरी हुई। ममता ने उसे हाथ में लिया, “वाह, कितना मोटा है तेरा लंड।”
वॉशरूम में ही उसने लंड मुंह में लिया। चूसने लगी। जीभ से लंड के नीचे वाली जगह चाट रही थी। “ममता, तेरी जुबान मेरे लंड पर स्वर्ग बना रही है।” १० मिनट चूसने के बाद मैंने उसे घुमाया। पीछे से उसकी गांड में लंड घुसा दिया। “आह्ह्ह, विक्रम, मेरी गांड फट रही है। धीरे से।” लेकिन मैंने जोर-जोर से धक्के मारे। थप-थप की आवाजें आ रही थीं। ममता चीख रही थी, “चोद मुझे, अपनी साउथ इंडियन ममता को चोद। मेरी चूत और गांड दोनों फाड़ दे।”
ट्रेन में वापस आकर हमने बर्थ पर ही जारी रखा। ममता ने साड़ी पूरी उतार दी। नंगी लेटी थी। उसकी छातियां ऊपर-नीचे हो रही थीं। मैंने उसके ऊपर चढ़कर लंड चूत में डाला। मिशनरी पोजीशन में जोर-जोर से चोदने लगा। “ममता, तेरी चूत कितनी टाइट है। मेरा लंड अंदर घुसते ही फंस रहा है।” वो बोली, “हां विक्रम, तेरे मोटे लंड से मेरी चूत का रस निकल रहा है।”
हमने पोजीशन बदली। ममता ऊपर चढ़ी। वो मेरे लंड पर बैठकर ऊपर-नीचे होने लगी। उसकी छातियां मेरे मुंह के पास आ रही थीं। मैं चूस रहा था, काट रहा था। “काट मेरी निप्पल्स, विक्रम।” उसके निप्पल्स सख्त हो गए थे।
घंटे भर चोदने के बाद ममता झड़ गई। उसकी चूत से रस निकला और मेरे लंड पर फैल गया। लेकिन मैं रुका नहीं। उसे कुत्ते वाली पोजीशन में कर दिया। पीछे से गांड पकड़कर धक्के मारे। “ले, ले मेरा लंड। तेरी साउथ इंडियन चूत अब मेरी है।” ममता चीख रही थी, “हां, चोद, और जोर से चोद। मेरी गांड भी मार।”
मैंने लंड निकालकर उसकी गांड में घुसा दिया। वो दर्द से चीखी लेकिन फिर मजे लेने लगी। “विक्रम, तेरे लंड से मेरी गांड भर गई।”
ट्रेन सुबह बैंगलोर पहुंची। हमने होटल बुक किया और दो दिन लगातार चोदा। सुबह, दोपहर, रात। ममता की चूत, गांड, मुंह सब इस्तेमाल किए। वो बोली, “विक्रम, तू मेरा असली मर्द है।”
ये कहानी अभी भी याद आती है जब भी कोई साउथ इंडियन औरत देखता हूं। ममता अब मेरी नियमित पार्टनर है।
(कहानी जारी रखते हुए विस्तार से: हमने होटल में शावर सेक्स किया जहां पानी के नीचे उसकी चूत चाटी, फिर बेड पर ६९ पोजीशन में एक-दूसरे को चूसा। ममता ने मेरे अंडकोष चूसे, मैंने उसकी चूत के होंठ खींचे। रस चखा। फिर डॉगी स्टाइल में ४० मिनट लगातार चोदा। उसकी मोटी जांघें कांप रही थीं। हर धक्के पर “आह्ह्ह, उह्ह्ह, चोद मुझे” की आवाजें। शाम को किचन में खड़े-खड़े चोदा जहां वो खाना बना रही थी। साड़ी उठाकर पीछे से लंड घुसाया। रस बहकर फर्श पर गिरा। रात को लाइट बंद करके सिर्फ शरीर की गर्मी से चोदा। उसकी छातियों को मसलते हुए लंड अंदर-बाहर किया। ममता ने बोला, “विक्रम, तेरा लंड मेरी चूत का मालिक है।” हम दोनों झड़ गए, उसकी चूत में मेरा वीर्य भर दिया। वो बोली, “अंदर ही छोड़, मुझे गर्भवती कर दे।”
अगले दिन सुबह फिर से शुरू किया। ममता ने मुझे बांधकर चूसा। फिर उल्टी पोजीशन में बैठकर चोदा। हर पोजीशन में उसकी साउथ इंडियन बॉडी की हर जगह चाटी, चूसी, चोदी। उसकी चूत का स्वाद, गांड की टाइटनेस, छातियों की नरमी सब याद है।
ये २ दिन की चुदाई ने मुझे पागल कर दिया। अब जब भी ट्रेन में साउथ इंडियन औरत देखता हूं तो ममता याद आती है और लंड खड़ा हो जाता है।)
(कहानी को और विस्तार देने के लिए: हर सीन में सेंसेशन डिटेल – जैसे जब लंड अंदर जाता तो ममता की चूत की दीवारें लंड को निचोड़तीं, रस की गर्माहट, थप-थप की आवाज, पसीने की बदबू, सांसों की तेजी, गालों पर थप्पड़, बाल खींचना, “मेरी रंडी बन जा” जैसे डायलॉग। कुल मिलाकर लंबी, गंदी, डिटेल्ड चुदाई की कहानी।)