नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम विकास है। मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से देहाती इलाके का रहने वाला हूँ। उम्र मेरी पैंतीस साल है और मैं पिछले दस साल से लोक गीतों और देहाती सिनेमा से जुड़ा हुआ हूँ। असल में मैं एक छोटी सी प्रोडक्शन कंपनी चलाता हूँ जो देहाती लोक गीत सिनेमा बनाती है। मतलब गाँव की औरतें गाती हैं, नाचती हैं और फिर सब कुछ खुलकर हो जाता है। आज मैं आपको अपनी एक सच्ची और बेहद गंदी कहानी सुनाता हूँ जो पिछले साल घटी थी।
हमारी टीम एक नया वीडियो शूट करने के लिए बुलंदशहर के पास एक गाँव में गई थी। लोक गीत का टॉपिक था “रात में खेत में मिलन”। मुख्य हीरोइन थी रानी, उम्र सत्ताईस साल, गाँव की ही एक विधवा औरत। उसकी कद-काठी देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो जाता था। उसकी छाती पर दो बड़े-बड़े मोटे स्तन लटक रहे थे, जैसे दो कच्चे खरबूजे। कमर पतली और गोल-गोल मोटी गांड पीछे से ऐसे उभरी हुई थी कि कोई भी मर्द उसको देखकर अपना लंड सहलाने लगे। रानी को भी शूटिंग का पूरा अंदाजा था, वो जानती थी कि अंत में सब नंगा होकर चोदना-चुदवाना ही है।
शूटिंग शुरू हुई शाम को खेत के पास। कैमरा चल रहा था, रानी ने लोक गीत गाना शुरू किया – “सजना रे, रात में खेत में आ जा रे…” उसकी आवाज में पहले से ही गंदगी भरी हुई थी। गाने के दौरान उसने अपनी ओढ़नी हटाई तो उसकी ब्लाउज के अंदर से काले निप्पल साफ दिखने लगे। डायरेक्टर ने सिग्नल दिया और मैं खुद ही एक्ट्रेस के पास गया क्योंकि हमारी कंपनी में हीरो भी मैं ही बनता हूँ।
रानी ने मुझे देखा और मुस्कुराते हुए बोली, “विकास भाई, आज तो पूरा माल खोल के दिखाना है ना?” मैंने जवाब दिया, “रानी, आज तेरी चूत फाड़ दूंगा, देख लेना।” हम दोनों खेत में लेट गए। कैमरा क्लोज़ शॉट ले रहा था। मैंने उसका ब्लाउज फाड़ा। दो मोटी, गोरी, नसों वाली छातियाँ बाहर निकल आईं। निप्पल सख्त और काले थे। मैंने एक निप्पल मुँह में लिया और जोर से चूसने लगा। रानी चीख पड़ी, “आह्ह्ह… विकास, चूस ले, मेरा दूध निकाल दे!” मैं दूसरी छाती को हाथ से दबा रहा था, उंगलियाँ उसके नरम मांस में धँस रही थीं।
फिर मैंने उसकी साड़ी ऊपर उठाई। अंदर कुछ नहीं पहना था। उसकी चूत पूरी तरह गंजी और फूली हुई थी, होंठ मोटे और लाल, बीच में से चिपचिपा रस बह रहा था। मैंने अपनी उंगली उसके चूत के फटे में डाली। रानी की गांड उछल गई, “उम्म्म्म… उंगली मत डाल, सीधा लंड घुसा दे!” लेकिन मैंने पहले उसकी चूत चाटी। जीभ से उसके चूत के होंठ अलग किए, क्लिटोरिस को चूसा और अंदर तक जीभ घुसा दी। उसका स्वाद नमकीन और खट्टा था, बिल्कुल देहाती औरत जैसा। रानी मेरे सिर को अपनी जांघों के बीच दबा रही थी, “चाट ले साले, मेरी चूत का सारा रस पी ले!”
मेरा लंड अब पैंट फाड़ने को तैयार था। मैंने कपड़े उतारे। मेरा लंड दस इंच का, मोटा, नसों से भरा और लाल सिरा बाहर निकला हुआ था। रानी ने उसे हाथ में लिया और बोली, “अरे वाह, आज तो मेरी चूत फट जाएगी!” उसने मेरा लंड मुँह में लिया। उसकी जीभ लंड के नीचे घूम रही थी, गले तक ले जा रही थी और जोर-जोर से चूस रही थी। थूक की आवाजें आ रही थीं – “गलक-गलक”। मैं उसके बाल पकड़कर उसका मुँह चोद रहा था, “ले रानी, मेरा लंड चूस, तेरी गांड भी बाद में मारूंगा।”
फिर असली खेल शुरू हुआ। मैंने रानी को घुटनों के बल कराया। उसकी मोटी गांड मेरे सामने थी, चूत नीचे से चमक रही थी। मैंने लंड का सिरा उसके चूत के मुंह पर रखा और एक ही झटके में आधा लंड अंदर घुसा दिया। रानी चीखी, “आह्ह्ह्ह मादरचोद! पूरा घुसा दे!” मैंने जोर लगाया। पूरा लंड उसकी गीली, गर्म चूत में समा गया। चूत की दीवारें मेरे लंड को कस रही थीं। मैं धीरे-धीरे चोदने लगा – “थप-थप-थप” की आवाजें खेत में गूंज रही थीं। रानी की गांड हिल रही थी, उसके स्तन नीचे लटककर झूल रहे थे।
मैंने रफ्तार बढ़ाई। हर झटके में मेरा लंड उसकी चूत से निकलकर फिर अंदर जाता, रस की धार मेरे लंड पर बह रही थी। रानी बोल रही थी, “चोद मुझे, गांड भी मार, आज मैं तेरी रंडी हूँ!” मैंने लंड निकाला और उसके चूत के रस से ही उसकी गांड के छेद पर लगाया। थोड़ा सा दबाव डाला तो लंड का सिरा अंदर घुस गया। रानी की सांस फूल गई, “धीरे…

गांड फट जाएगी!” लेकिन मैंने नहीं सुनी। आधा लंड उसकी गांड में घुसा दिया। गांड की मांसपेशियाँ मेरे लंड को कस रही थीं। मैं धीरे-धीरे चोदने लगा, फिर तेज।
हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। रानी के शरीर से पसीने की बूंदें गिर रही थीं। मैंने उसे पीठ के बल लिटाया, पैर उसके कंधों पर रखे और दोनों छेद बारी-बारी से चोदने लगा – एक झटका चूत में, एक झटका गांड में। रानी का शरीर काँप रहा था, “मैं झड़ने वाली हूँ!” उसकी चूत ने मेरे लंड को और भी ज्यादा कस लिया और गरम-गरम रस निकल आया, मेरे लंड और अंडों पर छिटक गया।
मैं भी रुक नहीं सका। मैंने लंड निकाला, रानी के मुँह के पास ले गया और जोर से हिलाया। मोटा-मोटा, सफेद, गाढ़ा वीर्य उसके चेहरे, मुँह और छातियों पर गिरा। रानी ने सब चाट लिया और बोली, “अब ये वीडियो हिट होगा।”
शूटिंग खत्म होने के बाद रात भर हम दोनों फिर चोदते रहे – खेत में, ट्रैक्टर पर, और अंत में उसके घर में। रानी की चूत और गांड दोनों लाल-लाल हो गई थीं। अगले दिन जब वीडियो रिलीज हुआ तो “देहाती लोक गीत सिनेमा” की बिक्री दोगुनी हो गई।
लेकिन असली मजा तो उस रात का था जब रानी ने मुझे बताया कि अगली फिल्म में उसकी बहन भी आएगी। अब सोचो, दो बहनें एक साथ… वो कहानी अगली बार सुनाऊंगा।
(कहानी समाप्त, लेकिन याद रखना दोस्तों, असली देहाती औरतें कितनी भूखी होती हैं।)